विशेष संपादकीय – प्रधानमंत्री द्वारा देल गेल विशेष आर्थिक पैकेज केर पूर्ण विश्लेषण
काल्हि आरा मे नाटकीय शैली मे विशाल जनसभा केँ संबोधित करैत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपन पूर्व मे प्रकट कैल प्रतिबद्धता केँ मूर्तरूप देबाक घोषणा कएलनि। ओ अपन जानल-मानल अंदाज मे जनताक नब्ज संग अपन भाषाक प्रवाह मे पूर्ण जोश मे बाजय लगलाह जे “हम अपन पूर्व मे देल वादा आइ, एत्तहि सँ घोषणा करय चाहब। बिहार लेल स्पेशल आर्थिक पैकेज केर घोषणा अहाँ सबहक सोझें मे करब। ५० करोड़… ६० करोड़…. ७० करोड़…. नहि-नहि! पूरे सवा-लाख करोड़! पूरे सवा-लाख करोड़ केर पैकेज बिहार लेल उपलब्ध करायब।” आर प्रधानमंत्रीक एहि घोषणाक संग ओतबे जोश आ उत्साह सँ बिहारक जनता ताली आ जयकाराक संग ओहि आर्थिक पैकेज लेल गदगदी प्रकट करैत रहल।
नरेन्द्र मोदी केर सरकारक लोकप्रियता एक तरफ आकाश छूबि रहल अछि आ अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय मे एहि बातक भरपूर चर्चा चलैत अछि। तऽ दोसर दिशि मोदी विरोधी एहि सब जोश आ उत्साह सँ तिलमिलाइत अछि आर बेर-बेर एतबे बजैत अछि जे मोदी फेकैत बेसी छथि, करैत कम छथि, इत्यादि। बिहार लेल कैल घोषणा पर सेहो एहने तीक्ष्ण टिप्पणी मोदी विरोधी सँ भेटब स्वाभाविके छैक। निराशावादीक विचार मे आशा आ अपेक्षाक कोनो स्थान नहि छैक। मोदीक सफलता आ लोकप्रियता तऽ आरो एहेन विरोधीकेँ नहि पचैत छैक। अत: मोदी अपन फेसबुक पर अपडेट देबाक संग-संग आर्थिक पैकेज आ ताहि पाछाँ रहल विस्तृत दृष्टिकोण (योजना) केँ अपन वेबसाइट पर सेहो प्रकाशित कएलनि। आउ, ओहि वेबसाइट पर उपलब्ध कराओल गेल घोषणा अनुरूप ई पता करी जे कि सब विकास योजना अछि आ कोन मद लेल कतेक पैसा कोन क्षेत्र केँ लाभ पहुँचायत। एहि मे मिथिलाक्षेत्र केँ कि सब लाभ भेटत।
*प्रधानमंत्री मोदी कुल १.२५ लाख करोड़ रुपयाक मेगा पैकेज बिहार लेल घोषणा केलनि
*राष्ट्र केँ सशक्त बनेबाक अनेकानेक सामर्थ्य अछि बिहार मे: प्रधानमंत्री मोदी
*कृषक केर कल्याण बिना, कृषि केर कल्या नहि भऽ सकैत अछि। दुनू केर विकास हो: प्रधानमंत्री
*बिहार केर ग्रामीण सड़क, रेलवे, राष्ट्रीय उच्चपथ, जलमार्ग आ वायुमार्ग केर विकास लेल कोष केर आबंटन
*बिहार मे बिजली हेतु कोष आबंटन
*राजग सरकार द्वारा बिहारक युवा मे दक्षताक अभिवृद्धि लेल कोष आबंटन
१. प्रधान मंत्री केर ई हमेशा सँ अवधारणा रहल अछि जे बिहार मे असीमित क्षमता अछि। यैह पूरा देश केँ मज़बूती प्रदान कय सकैत अछि। भारत पूर्ण रूप सँ तखनहि विकसित होयत जखन भारत केर पूर्वी भाग केर विकास होयत। प्रधान मंत्री कहला अछि जे बिहार केर विकास हुनकर महत्वपूर्ण एजेण्डा अछि।
२. विकसित राज्य केर श्रेणी मे बिहार केँ स्थापित करबाक लेल केन्द्र सरकार एकटा व्यापक पैकेज केँ स्वीकृति देलक अछि। एहि पैकेज मे ई ध्यान राखल गेल अछि जे सहायताक सब स्रोत बिहार केँ आबयवला वर्ष मे स्वावलंबी बनय मे मदद करय। समाज केँ स्वावलंबी बनेबाक लेल ओकर युवा पीढ़ी केँ स्वावलंबी होयब अति आवश्यक अछि। संगहि समाज केर वर्तमानक पालनकर्त्ताक आय केँ बढ़ेला सँ सेहो आबयवाली पीढ़ी केँ स्वावलंबी बनय मे मदैद करैत छैक। एहि पूरा पैकेज मे युवा वर्ग केँ अपन पैर पर ठाढ करनाय और किसान जे कि वर्तमान मे बिहारक पालनकर्त्ता थीक, ओकर आय केँ बढ़ेबा केँ मुख्य बिन्दु बनायल गेल अछि।
३. किसानक हित केँ सर्वोपरि रखैत प्रधान मंत्री ई घोषणा केलनि अछि जे कृषि मंत्रालय केँ आब कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय केर नाम सँ जानल जायत। ई निर्णय किसान केर हित केँ सर्वोपरि रखैत लेल गेल एकटा महत्वपूर्ण निर्णय थीक।
४. मनुष्य और उत्पाद केर आवागमन जतय सरल तरीका सँ होयत, विकास पहिले वैह क्षेत्र केर होइत छैक। अतः एहि पैकेज मे बिहारक विकास लेल रोड, रेल, वायुमार्ग, जलमार्ग तथा डिजिटल कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान देल गेल अछि। कनेक्टिविटी स्थापित कएला सँ बिहार में इंडस्ट्रीज केँ बढ़ावा भेटत, जाहि सँ एतुका युवा वर्ग केँ रोज़गार उपलब्ध कराबय मे तथा किसान केँ अपन उत्पाद केर अधिक मूल्य प्राप्त करय मे काफी उपयोगी साबित होयत।
५. एहि पैकेज मे राष्ट्रीय राजमार्ग केर विकास, महत्वपूर्ण नदि आदि पर पुल केर काज तथा रेलवे ओवरब्रिज केर निर्माण लेल ५४,७१३ करोड़ रु. केर प्रावधान कैल गेल अछि। एकरा अंतर्गत महात्मा गांधी सेतु केर समानांतर गंगा नदी पर एक नव पुल केर निर्माण, कोसी और सोन नदी केर ऊपर पुल केर निर्माण, धार्मिक पर्यटन सँ जुड़ल क्षेत्र मे सड़क केर निर्माण और रेलवे ओवरब्रिजेज केर निर्माण शामिल अछि।
६. भंडारण और यातायात सुविधा केर अभाव मे किसान अपन उत्पाद केँ कम दाम मे बेचय पर मज़बूर भऽ जाइत अछि। एहि पैकेज मे अनाज भंडारण क्षमता मे विकास लेल ८१४ करोड़ रु. केर प्रावधान कैल गेल अछि तथा ग्रामीण सड़क केर विकास लेल प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनाक अंतर्गत २२,५०० किलोमीटर सड़क केर निर्माण हेतु १३,८२० करोड़ रु. केर प्रावधान कैल गेल अछि।
७. रेलवेक विकासक लेल बिहार मे मुख्यतया चलि रहल ट्रेन केर गति केँ बढ़ेनाय एकटा चुनौती छैक। रेलवे सेवा केँ और तीव्र और बेहतर बनेबाक लेल रेलवे दोहरीकरण/तिहरीकरण और विद्युतीकरण पर बल देल गेल अछि। ८१०९ करोड़ रु. केर लागत पर ६७६ किलोमीटर केँ दोहरीकरण/तिहरीकरण केर व्यवस्था कैल जेबाक प्रावधान अछि तथा ७६१ करोड़ रु. केर लागत पर ५७४ किलोमीटर केँ विद्युतीकरणक प्रावधान कैल गेल अछि। एहि तरहें रेलवे केर क्षेत्र मे कुल ८,८७० करोड़ रु. केर प्रावधान एहि पैकेज मे कैल गेल छैक। मोकामा मे गंगा नदीक ऊपर रेल आ रोड पुल केर निर्माणक लेल प्रारंभिक कार्य आरंभ कय देल गेल अछि।
८. बिहार राज्य केर विभिन्न क्षेत्र केँ वायुमार्ग सँ देश और विदेश सँ जोड़बाक लेल पटना मे नव एयरपोर्ट तथा गया, पूर्णिया और रक्सौल केर एयरपोर्ट केर विकासक लेल २,७०० करोड़ रु. केर राशिक प्रावधान कैल गेल अछि। डिजिटल बिहार कार्यक्रम केर अन्तर्गत मोबाइल फोनक उत्तम सुविधाक लेल १,००० नव बीटीएस टॉवर्स केँ स्थापित करबाक प्रावधान अछि। एहि सँ दूर केर क्षेत्र मे जतय मोबाइल फोनक सुविधा नहि छैक, ओतहु एहि सुविधा मे मदद मिलत। राज्य मे इलेक्ट्रानिक मैन्यूफैक्चर कलस्टर केर स्थापनाक लेल १५० करोड़ रु. केर सब्सिडीक प्रावधान कैल गेल अछि।
९. दरभंगा और भागलपुर मे साफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क केर दुइ केन्द्र केर स्थापनाक प्रावधान अछि। दुइ नव नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलैक्ट्रोनिक्स ऐंड इन्फारमेशन टेक्नोलॉजी केन्द्र मुजफ्फरपुर और बक्सर मे स्थापित करबाक सेहो प्रावधान अछि। एकर संग-संग पटनाक वर्तमान केन्द्र केर विकासक सेहो प्रावधान अछि। ग्रामीण BPO केर बढ़ावा देबाक प्रावधान एहि पैकेज मे कैल गेल अछि। कनेक्टिविटी केर ई सबटा कार्यक्रम बिहार राज्य केर विकास केँ दौड़ मे अनबाक लेल एक ट्रैक-फील्ड केर काज करत।
१०. एहि पैकेज द्वारा बिहारक किसान केर एक और व्यापक समस्या जे कि उत्पादकता केर कम भेनाय अछि, तेकर समाधान लेल सेहो ध्यान देल गेल अछि नव अनुसंधान और विकास तथा लैब टू फार्म केँ बढ़ावा देबाक लेल राजेन्द्र प्रसाद कृषि विश्वविद्यालय पूसा केँ केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय मे परिवर्तित करबाक प्रावधान अछि। मत्स्य पालन, पानिक सही प्रबंधन, खेतीक यांत्रिकीकरण, और गुणवत्ता वाला बीजक उत्पादन द्वारा किसानक आय केँ बढ़ेबाक लेल १,८०० करोड़ रु. केर प्रावधान कैल गेल अछि। एकीकृत कृषि पर शोध लेल राष्ट्रीय संस्था केर प्रावधान कैल गेल अछि।
युवा वर्ग केँ शिक्षा और Skill
११. युवा वर्ग केँ उत्तम शिक्षा और स्किल डेवलेपमेंट प्रदान करब ओकर सफल भागीदारीक लेल आवश्यक तत्व थिकैक। युवा वर्ग केर एहि जरूरत केँ ध्यान मे रखैते “प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना” केर अंतर्गत एक लाख युवक-युवती केँ प्रशिक्षण केर प्रावधान कैल गेल अछि। बिहार राज्य मे एकटा बड़का स्किल विश्वविद्यालय केर स्थापनाक सेहो प्रावधान अछि जेकर कुल लागत १,२५० करोड़ रुपया होयत। शिक्षा केर क्षेत्र मे भागलपुरक निकट ऐतिहासिक विक्रमशिला विश्वविद्यालय केर जगह एक नव केन्द्रीय विश्वविद्यालय केर स्थापनाक लेल ५०० करोड़ रुपयाक प्रावधान अछि। संगहि संग बोध गया मे एक नव इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) केर स्थापनाक सेहो प्रावधान अछि। ट्रैक फील्ड केर निर्माणक संग-संग सहभागी केँ उत्तम दर्जाक शिक्षा एवं प्रशिक्षण देल गेलाक बाद प्रतिस्पर्धाक आरंभ कय लंबा समय तक कार्यान्वित करबाक लेल राज्य केँ ऊर्जाक आवश्यकता होयत।
बिहारक लोक केँ बिजलीक व्यवस्था
१२. एहि पैकेज मे ऊर्जाक उत्पादन, ट्रांसमीशन और वितरणक व्यवस्था पर बेसी जोर देल गेल अछि। बक्सर मे १३०० मेगावाट केर नया बिजली उत्पादन केन्द्र केर प्रस्ताव अछि।
गाँव मे बिजली – बेहतर जीवन केर सुविधा
१३. एकर संग-संग गाँव-गाँव मे बिजलीक व्यवस्था पहुंचेबाक लेल दीन दयाल उपाध्याय ग्राम विद्युत योजना मे राज्यक लेल ५, ८८० करोड़ रुपयाक प्रावधान कैल गेल अछि। एहि योजना केर उद्देश्य खेत मे पर्याप्त और घर मे निरंतर बिजली देबाक अछि। हर गांव मे दुइ अलग-अलग लाइन केर व्यवस्था कैल जायत। Integrated Power Development Scheme केर अंतर्गत शहर मे निरंतर बिजली देबाक प्रावधान कैल गेल अछि। एहि स्कीम केर अन्तर्गत २५० करोड़ रुपयाक प्रावधान राज्यक लेल कैल गेल अछि।
महिला केँ बेहतर ईंधन केर सुविधा
१४. हमरा लोकनिक माय आ बहिन सबकेँ बेहतर सुविधा भेटय एहि लेल घरे-घर मे रसोई गैस पहुंचेबा पर एहि पैकेज मे जोर देल गेल अछि। बिहार राज्य मे गैस केर आपूर्तिक लेल जगदीशपुर-हल्दिया लाइन वास्ते २,३०० करोड़ रुपयाक लागत सँ ६१७ कि.मी. केर पाइप-लाइन बनेबाक प्रावधान कैल गेल अछि। पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर पाइप-लाइन केर बिहार मे विस्तार करबाक लेल १,८०० करोड़ रुपयाक प्रावधान अछि। मुजफ्फरपुर मे ११० करोड़ रुपयाक लागत सँ एक नव एलपीजी प्लाँट केर स्थापना कैल जायत। बिहार राज्य मे स्थित बरौनी रिफाइनरी केर उत्पादन क्षमता केँ १२,००० करोड़ रुपयाक लागत सँ ६ मिलियन टन सँ ९ मिलियन टन तक बढ़ेबाक प्रावधान एहि पैकेज मे अछि तथा बरौनिये मे एकटा पेट्रोकेमिकल प्लांट केर स्थापना करबाक प्रावधान अछि। रक्सौल सँ नेपाल मे अमलेखगंज तक पेट्रोल-डीजल पाइपलाइन केर निर्माण कैल जायत।

स्वास्थ्य केर सुविधा
१५. पटना, गया और भागलपुर केर तीन चिकित्सा महाविद्यालय केँ बेहतर बनेबाक लेल ६०० करोड़ रुपयाक प्रावधान कैल गेल अछि।
पर्यटन मे रोजगार केर अवसर
१६. बिहार केर युवा वर्ग केँ रोजगार केर नव अवसर प्रदान करबाक लेल पर्यटन केर क्षेत्र मे ६०० करोड़ रुपयाक लागत सँ वैशाली, बोध गया, चम्पारण, विक्रमशिला, सुल्तानगंज, पटना इत्यादि जगह पर हैरिटेज टूरिस्ट सर्किल केर विकासक प्रावधान कैल गेल अछि।
औद्योगिक निवेश सँ रोजगार – युवा वर्ग केँ स्वावलम्बी बनेबाक प्रक्रिया
१७. राज्यक युवा वर्ग केँ रोजगार देबाक लेल राज्य मे अधिक सऽ अधिक औद्योगिक यूनिट्स केर स्थापना हो, यैह सरकार केर लक्ष्य अछि। एहि लक्ष्य केँ हासिल करबाक लेल Income Tax Act मे संशोधन करैत बिहार केर पिछड़ल क्षेत्र मे नव उद्योग स्थापित करबाक लेल प्लांट और मशीनरीक लागत मे १५% केर राशिक बराबर टैक्स मे अतिरिक्त कटौतीक प्रावधान कैल गेल अछि। ई कटौती १ अप्रैल २०१५ सँ ३१ मार्च २०२० तक केर अवधिक बीच भेल निवेश पर लागू होयत।
१८. एकरा संगहि संग नव प्लांट और मशीनरी मे निवेश केँ प्रोत्साहित करबाक लेल सेहो १ अप्रैल २०१५ सँ ३१ मार्च २०२० तक केर अवधिक बीच पिछड़ल क्षेत्र मे निवेशक १५% अतिरिक्त राशि Depreciation Allowance केर तौर पर पहिल वर्ष मे देल जायत।
१९. प्रधान मंत्री केर एहि विशेष पैकेज केर अंतर्गत आवयवाला वर्ष मे बिहार मे १ लाख २५ हजार करोड़ रुपया सँ अधिक केर विभिन्न परियोजना सब लागू करबाक प्रावधान अछि।
२०. बिहार राज्य केर ऊर्जाक जरूरत केँ देखैते निजी क्षेत्र केँ सेहो ऊर्जा उत्पादन केर क्षेत्र मे भागीदार बनायल जा रहल अछि। बाँका मे ४,००० मेगावाट केर एक अल्ट्रा मेगा पॉवर प्लांट(Ultra Mega Power Plant) निजी क्षेत्र केर भागीदारीक साथ २०,००० करोड़ रु. केर लागत पर प्रस्तावित अछि।
२१. वर्ष २०१३ मे १२,००० करोड़ रु. केर लागत सँ बिहार वास्ते एकटा स्पेशल प्लान केर घोषणा कैल गेल छल। सरकार द्वारा उठायल गेल कदम सँ एहि कार्यक्रम केर क्रियान्वयन मे आब तीव्रता आनल गेल अछि। बचल-खुचल कार्यक्रम केँ ८,२८२ करोड़ रुपयाक धनराशि मुहैया करबैत पूरा कैल जायत।
वर्तमान मे चलि रहल सामाजिक सुरक्षा योजना
२२. प्रधान मंत्री जन धन योजना केर अंतर्गत बिहार मे १ करोड़ ३४ लाख नव अकाउंट खोलल गेल और १ करोड़ २३ लाख खाताधारक केँ रु-पे डेबिट कार्ड जारी कैल गेल अछि। एहि खात मे १ हजार ६८० करोड़ रुपयाक राशि लोक सब एखन धरि जमा केलक अछि। प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना केर अंतर्गत बिहार मे २१,००,०९९ लोकक एनरोलमेंट कैल गेल अछि। प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना मे ११,२५,०७३ लोक केँ बिहार राज्य मे इनरोल कैल गेल अछि। अटल पेंशन योजना केर लाभ ३३,७६० गोटे उठा रहल अछि।
नव और छोट उद्यमी केँ बैंक लोन
२३. प्रधान मंत्री मुद्रा योजना केर अंतर्गत बिहार मे १ लाख सँ बेसी मुद्रा उद्यमी केँ ८६८ करोड़ रुपये केर राशि मुद्रा लोन केर रूप मे उपलब्ध कराओल गेल अछि। ई राशि ४ महीनाक दौरान उपलब्ध कराओल गेल अछि। बिहार राज्य मे ६ हजार २९२ बैंक शाखा अछि। प्रधान मंत्री केर १५ अगस्त केर उद्घोषणा केर अनुसार ६२९२ महिला उद्यमी और ६२९२ दलित उद्यमी केँ Start up व Stand up योजना केर अंतर्गत ऋण उपलब्ध कराओल जायत।
स्वच्छ विद्यालय
२४. स्वच्छ विद्यालय केर अंतर्गत जतय पूरा देश मे ४ लाख १७ हजार ७५६ शौचालयक निर्माण विद्यालय मे भेल अछि ओहिमे सँ ५६ हजार ९१२ शौचालय बिहार मे बनल अछि।
२५. सवा लाख करोड़ केर नव पैकेज, चालीस हजार करोड़ केर अतिरिक्त निवेश, सामाजिक सुरक्षा केर व्यापक कार्यक्रम और टैक्स मे छूट केर द्वारा औद्योगीकरण केँ बढ़ावा देला सँ बिहार मे विकास केर नव युग केर आरंभ होयत।
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आब, देखी जे सिलसिलेवार कोन मद मे कतय आ कतेक:
१. राष्ट्रीय राजमार्ग – पुल तथा रेलवे ओवरब्रीज – ५४,७१३ करोड़
(पटना आसपास गांधी सेतुक समानांतर गंगा नदी पर, मिथिला मे कोसी और सोन नदीक संग धार्मिक पर्यटन सँ जुड़ल क्षेत्र मे सड़क आ रेलवे ओवरब्रीजेज)
२. भंडारण और यातायात सुविधा ८१४ करोड़
३. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना २२,५०० किलोमीटर सड़क केर निर्माण हेतु १३,८२० करोड़ रु.
४. रेलवेक विकासक लेल बिहार मे ८,१०९ करोड़ रु. केर लागत पर ६७६ किलोमीटर केँ दोहरीकरण/तिहरीकरण केर व्यवस्था
५. रेलवेक विकासक लेल बिहार मे ७६१ करोड़ रु. केर लागत पर ५७४ किलोमीटर केँ विद्युतीकरण
(कुल ८,८७० करोड़ रु. केर प्रावधान, मोकामा मे गंगा नदीक ऊपर रेल आ रोड पुल केर निर्माणक लेल प्रारंभिक कार्य आरंभ कय देल गेल अछि।)
६. बिहार राज्य केर विभिन्न क्षेत्र केँ वायुमार्ग सँ देश और विदेश सँ जोड़बाक लेल: २,७०० करोड़
(पटना मे नव एयरपोर्ट तथा गया, पूर्णिया और रक्सौल केर एयरपोर्ट केर विकास)
७. डिजिटल बिहार कार्यक्रम केर अन्तर्गत मोबाइल फोनक उत्तम सुविधाक लेल १,००० नव बीटीएस टॉवर्स
८. राज्य मे इलेक्ट्रानिक मैन्यूफैक्चर कलस्टर केर स्थापनाक लेल १५० करोड़ सब्सिडी
९. दरभंगा और भागलपुर मे साफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क केर दुइ केन्द्र केर स्थापनाक
१०. दुइ नव नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलैक्ट्रोनिक्स ऐंड इन्फारमेशन टेक्नोलॉजी केन्द्र मुजफ्फरपुर और बक्सर मे
११. पटनाक वर्तमान केन्द्र केर विकास
१२. ग्रामीण BPO केर बढ़ावा देब
१३. किसान केर व्यापक समस्या (उत्पादकता केर कम भेनाय) – समाधान लेल नव अनुसंधान और विकास तथा लैब टू फार्म केँ बढ़ावा देबाक लेल राजेन्द्र प्रसाद कृषि विश्वविद्यालय पूसा केँ केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय मे परिवर्तित करब
१४. मत्स्य पालन, पानिक सही प्रबंधन, खेतीक यांत्रिकीकरण, और गुणवत्ता वाला बीजक उत्पादन द्वारा किसानक आय केँ बढ़ेबाक लेल १,८०० करोड़
१५. एकीकृत कृषि पर शोध लेल राष्ट्रीय संस्था केर प्रावधान
१६. “प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना” केर अंतर्गत एक लाख युवक-युवती केँ प्रशिक्षण केर प्रावधान
१७. बिहार राज्य मे एकटा बड़का स्किल विश्वविद्यालय केर स्थापना, कुल लागत १,२५० करोड़
१८. शिक्षा केर क्षेत्र मे भागलपुरक निकट ऐतिहासिक विक्रमशिला विश्वविद्यालय केर जगह एक नव केन्द्रीय विश्वविद्यालय केर स्थापना, लागत ५०० करोड़
१९. बोध गया मे एक नव इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) केर स्थापनाक
२०. ऊर्जाक उत्पादन, ट्रांसमीशन और वितरणक व्यवस्था, बक्सर मे १३०० मेगावाट केर नया बिजली उत्पादन केन्द्र
२१. दीन दयाल उपाध्याय ग्राम विद्युत योजना मे राज्यक लेल ५, ८८० करोड़
(उद्देश्य खेत मे पर्याप्त और घर मे निरंतर बिजली देनाय, हर गांव मे दुइ अलग-अलग लाइन केर व्यवस्था)
२२. Integrated Power Development Scheme केर अंतर्गत शहर मे निरंतर बिजली देबाक प्रावधान स्कीम केर अन्तर्गत २५० करोड़
२३. घरे-घर मे रसोई गैस पहुंचेबा पर, गैस केर आपूर्तिक लेल जगदीशपुर-हल्दिया लाइन वास्ते २,३०० करोड़
२४. पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर पाइप-लाइन केर बिहार मे विस्तार करबाक लेल १,८०० करोड़
२५. मुजफ्फरपुर एक नव एलपीजी प्लाँट केर स्थापना ११० करोड़
२६. बरौनी रिफाइनरी केर उत्पादन क्षमता केँ १२,००० करोड़ रुपयाक लागत सँ ६ मिलियन टन सँ ९ मिलियन टन तक बढ़ेबाक प्रावधान
२७. बरौनिये मे एकटा पेट्रोकेमिकल प्लांट केर स्थापना करबाक प्रावधान
२८. रक्सौल सँ नेपाल मे अमलेखगंज तक पेट्रोल-डीजल पाइपलाइन केर निर्माण
२९. पटना, गया और भागलपुर केर तीन चिकित्सा महाविद्यालय केँ बेहतर बनेबाक लेल ६०० करोड़
३०. पर्यटन केर क्षेत्र मे ६०० करोड़ रुपयाक लागत सँ वैशाली, बोध गया, चम्पारण, विक्रमशिला, सुल्तानगंज, पटना इत्यादि जगह पर हैरिटेज टूरिस्ट सर्किल केर विकास
३१. राज्यक युवा वर्ग केँ रोजगार देबाक लेल राज्य मे अधिक सऽ अधिक औद्योगिक यूनिट्स केर स्थापना, Income Tax Act मे संशोधन करैत बिहार केर पिछड़ल क्षेत्र मे नव उद्योग स्थापित करबाक लेल प्लांट और मशीनरीक लागत मे १५% केर राशिक बराबर टैक्स मे अतिरिक्त कटौतीक प्रावधान कैल गेल अछि। ई कटौती १ अप्रैल २०१५ सँ ३१ मार्च २०२० तक केर अवधिक बीच भेल निवेश पर लागू होयत।
३२. नव प्लांट और मशीनरी मे निवेश केँ प्रोत्साहित करबाक लेल सेहो १ अप्रैल २०१५ सँ ३१ मार्च २०२० तक केर अवधिक बीच पिछड़ल क्षेत्र मे निवेशक १५% अतिरिक्त राशि Depreciation Allowance केर तौर पर पहिल वर्ष मे देल जायत।
३३. बिहार राज्य केर ऊर्जाक जरूरत केँ देखैते निजी क्षेत्र केँ सेहो ऊर्जा उत्पादन केर क्षेत्र मे भागीदार बनायल जा रहल अछि।
३४. बाँका मे ४,००० मेगावाट केर एक अल्ट्रा मेगा पॉवर प्लांट(Ultra Mega Power Plant) निजी क्षेत्र केर भागीदारीक साथ २०,००० करोड़ रु. केर लागत पर प्रस्तावित अछि।
३५. वर्ष २०१३ मे १२,००० करोड़ रु. केर लागत सँ बिहार वास्ते एकटा स्पेशल प्लान केर घोषणा कैल गेल छल। सरकार द्वारा उठायल गेल कदम सँ एहि कार्यक्रम केर क्रियान्वयन मे आब तीव्रता आनल गेल अछि।
३६. बचल-खुचल कार्यक्रम केँ ८,२८२ करोड़

1 Comment
It is very interesting to go through the war of words on special package announced by the GoI, now here you find the details GoB has duly given the counter reply with mere self-imagination and fabricated facts, it is clear that GoB has taken those long pending projects which were in list of approved projects only in the letters, never in list of materializing projects.
Of course, one question raised is very important, when 1.25 Lakh Crore package as announced by the present NDA Government shall materialize, a time frame should be given.
Another important point raised that how these amounts shall come into force, either the state government or a direct project of Center or otherwise is also not clear.
I am cheered that Narendra Modi – honorable PM has changed the scenario. His governance is such that the transparencies are obviously appearing on boards. I never read before in any information providing websites of GoB that these projects were already approved by previous governments, non of the journalistic reports ever published which could sum up the same facts as done in present detailed counter reply to the special package of GoI.
Anyway, http://www.maithilijindabaad.com/?p=2584 – here I had summed up what GoI wished in special package for Bihar and here is http://www.prdbihar.in/pdffiles/1.25lakhcrore.pdf the detailed counter propaganda of GoB. I really started smiling, and finally burst into laughing when read a proverbial statement in reply “assuming that there is in fact some incremental money in the package that the GoI will by itself provide to the state…..” mentioned repeatedly in almost every point. 😀 It shows, how transparencies in governments can keep the people well-informed. Every sincere voter has right to know their governments and the politics.
I would draw the attention of people from Mithila Movement – मिथिला आन्दोलन to must go through both these papers and know more about the detailed projects in list of approval. It is your duty to be more keen and upgraded for development in your areas.
RegardsPravin Narayan Choudhary
Harih Harah!!