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स्त्री केँ त्याग वा स्वाभिमानक संग सम्मान भेटतनि तखनहि नारी केर अस्तित्व सुरक्षित रहत

नारी सशक्तिकरण खाली गप्पहिमे वास्तवमे एखनहु प्रताड़ित भ’ए रहलीह यत्र -तत्र

पलायन रोकबाक लेल उचित समाधान आवश्यक तखनहि मिथिलाक संस्कृति आ गौरव सुरक्षित रहत

यज्ञोपवीत संस्कार आत्मशुद्धि आ ज्ञानक मार्ग थिक उत्सव वा स्टेटस सिंबल नहि

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श्रीमद्भागवद्गीता सत्रहम अध्याय

ॐ श्री परमात्मने नमः !! ॥सप्तदशोऽध्यायः॥ अर्जुन उवाच । ये शास्त्रविधिमुत्सृज्य यजन्ते श्रद्धयान्विताः ॥ तेषां निष्ठा तु का कृष्ण सत्त्वमाहो रजस्तमः ॥१७-१॥ अर्जुन कहलनि: हे कृष्ण, जे लोक शास्त्र केर…

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श्रीमद्भागवद्गीता सोलहम अध्याय

॥षोडशोऽध्यायः॥ ॐ श्री परमात्मने नमः !! श्रीभगवानुवाच । अभयं सत्त्वसंशुद्धिर्ज्ञानयोगव्यवस्थितिः ॥ दानं दमश्च यज्ञश्च स्वाध्यायस्तप आर्जवम् ॥१६-१॥ भगवान कहलनि: निडरता, हृदय केर पवित्रता, ज्ञान आर योग मे दृढ़ता (पक्का इरादा);…

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