अथ श्री गीतामाहात्म्यम् ॥ The Greatness of The Gita श्री गणेशाय नमः !! श्री राधारमणाय नमः !! भगवान् श्री गणेश केँ प्रणाम अछि ! श्री राधारमण केँ प्रणाम अछि !!…
ॐ श्री परमात्मने नमः !! ॥अष्टादशोऽध्यायः॥ अर्जुन उवाच । संन्यासस्य महाबाहो तत्त्वमिच्छामि वेदितुम् ॥ त्यागस्य च हृषीकेश पृथक्केशिनिषूदन ॥१८-१॥ अर्जुन कहलनि: हे महाबाहु, हे हृषीकेश, हम संन्यासक सत्य तथा हे…
ॐ श्री परमात्मने नमः !! ॥सप्तदशोऽध्यायः॥ अर्जुन उवाच । ये शास्त्रविधिमुत्सृज्य यजन्ते श्रद्धयान्विताः ॥ तेषां निष्ठा तु का कृष्ण सत्त्वमाहो रजस्तमः ॥१७-१॥ अर्जुन कहलनि: हे कृष्ण, जे लोक शास्त्र केर…
॥षोडशोऽध्यायः॥ ॐ श्री परमात्मने नमः !! श्रीभगवानुवाच । अभयं सत्त्वसंशुद्धिर्ज्ञानयोगव्यवस्थितिः ॥ दानं दमश्च यज्ञश्च स्वाध्यायस्तप आर्जवम् ॥१६-१॥ भगवान कहलनि: निडरता, हृदय केर पवित्रता, ज्ञान आर योग मे दृढ़ता (पक्का इरादा);…
कि सवर्ण मतदाता एनडीए सँ ऊबि गेल ? भारतक राजनीति मे तरह-तरह के उड़ौंती-पुड़ौंती बात सब भ' रहल देखाइछ । चूँकि सोशल मीडिया केर युग मे मतदाताक मन केँ विभिन्न…
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन केर दार्शनिक विरासत: तत्वमीमांसा, नैतिकता, सौंदर्यशास्त्र आर लोक प्रशासन मे तेकर प्रासंगिकता - कार्यपत्रः कतोच निधि (मूल आलेख अंग्रेजी, नीचाँ मे पोस्ट कयल अछि, हिन्दी अनुवाद सहित)…
॥पञ्चदशोऽध्यायः॥ ॐ श्री परमात्मने नमः!! श्रीभगवानुवाच । ऊर्ध्वमूलमधःशाखमश्वत्थं प्राहुरव्ययम् ॥ छन्दांसि यस्य पर्णानि यस्तं वेद स वेदवित् ॥१५-१॥ भगवान कहलखिन: ओ (ऋषि-मुनि, ज्ञानीजन) लोकनि एकटा हमेशा रहयवला (सनातन) अश्वत्थ (गाछ)…
ॐ श्री परमात्मने नमः !! ॥ चतुर्दशोऽध्यायः ॥ श्रीभगवानुवाच । परं भूयः प्रवक्ष्यामि ज्ञानानां ज्ञानमुत्तमम् ॥ यज्ज्ञात्वा मुनयः सर्वे परां सिद्धिमतो गताः ॥१४-१॥ भगवान कहलनि: हम अहाँ केँ फेर सँ…