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स्त्री केँ त्याग वा स्वाभिमानक संग सम्मान भेटतनि तखनहि नारी केर अस्तित्व सुरक्षित रहत

नारी सशक्तिकरण खाली गप्पहिमे वास्तवमे एखनहु प्रताड़ित भ’ए रहलीह यत्र -तत्र

पलायन रोकबाक लेल उचित समाधान आवश्यक तखनहि मिथिलाक संस्कृति आ गौरव सुरक्षित रहत

यज्ञोपवीत संस्कार आत्मशुद्धि आ ज्ञानक मार्ग थिक उत्सव वा स्टेटस सिंबल नहि

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अधिक मास मे दुनू पक्षक एकादशी व्रत कएलासँ नारायण बड्ड प्रसन्न होइ छथिन

  लेख विचार प्रेषित: नीलम झा निवेधा श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि विषय- पुरूषोत्तम मासक महत्व पुरूष+ उत्तम= पुरूषोत्तम यानी कि जे पुरूष मे…

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मलेमास कें विष्णु भगवान अपन नाम द’ पुरूषोत्तमके दर्जा देलखिन्ह

लेख विचार प्रेषित: कीर्ति नारायण झा श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि विषय :- पुरुषोत्तम मास, अधिक मास अथवा मलमास हिंदू पंचांगक एकटा अत्यंत पवित्र आ…

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मलेमास या पुरुषोत्तम मास मे दान-पुण्यक विशेष महत्त्व कहल गेल अछि

लेख विचार प्रेषित: शेफालिक दत्त श्रीजा श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि विषय- "पुरुषोत्तम मासक महत्व" **************** हिन्दू धर्म मे पुरुषोत्तम मास, जकरा अधिक मास…

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मलेमास मे व्रत कएला सँ दुगूणा फल भेटैत छै

लेख विचार प्रेषित: पीतांबरी देवी श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि विषय :- पुरुषोत्तम मास केर महत्व पुरुषोत्तम मास ,वा मलेमास ,या अधिक मास जे कहियौ…

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मैथिली गीता आ भाष्य – स्वामी स्वरूपानन्द कृत् गीताक अंग्रेजी अनुवाद संग टिप्पणीक मैथिली रूप

मैथिली गीता आ भाष्य - अनुवादकः प्रवीण नारायण चौधरी अत्यन्त सहज आ बोधगम्य मैथिली भाषा-शैली मे "मैथिली गीता आ भाष्य" प्रस्तुत कयल गेल अछि । मूल कृति अंग्रेजी मे स्वामी…

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श्रीमद्भागवद्गीता अठारहम अध्याय

ॐ श्री परमात्मने नमः !! ॥अष्टादशोऽध्यायः॥ अर्जुन उवाच । संन्यासस्य महाबाहो तत्त्वमिच्छामि वेदितुम् ॥ त्यागस्य च हृषीकेश पृथक्केशिनिषूदन ॥१८-१॥ अर्जुन कहलनि: हे महाबाहु, हे हृषीकेश, हम संन्यासक सत्य तथा हे…

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श्रीमद्भागवद्गीता सत्रहम अध्याय

ॐ श्री परमात्मने नमः !! ॥सप्तदशोऽध्यायः॥ अर्जुन उवाच । ये शास्त्रविधिमुत्सृज्य यजन्ते श्रद्धयान्विताः ॥ तेषां निष्ठा तु का कृष्ण सत्त्वमाहो रजस्तमः ॥१७-१॥ अर्जुन कहलनि: हे कृष्ण, जे लोक शास्त्र केर…

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