“कोरोना:- वैश्विक महामारी”

अखिलेश कुमार मिश्रा।                 

 

#2021 कोरोनाकाल आ अहि सँ सामान्य जीवन पर प्रभाव#
2021 कोरोनकाल के स्थिति के बारे में किछु कह सँ पहिले एक्कर पूर्वकालक इतिहास के बुझनाई परम आवश्यक अछि। कोरोना एक तरहक वायरस अछि आ अहि सँ होबय बाला रोग के कोविड-19 कहल गेल। अहि सम्बंधित बीमारीक पता सभ सँ पहिले दिसम्बर 2019 में चीन के वुआन शहर में लागल। चूँकि ई मनुष्य सँ मनुष्य में पसरs बाला बीमारी छल तs कमो-बेस दुनियाँक हर कोन में पसरि गेल। अहि संक्रामक बीमारी के इलाज एखन धरि दुनियाँ में नै भेटल अछि, बस रोक-थाम ही एक मात्र विकल्प अछि एक्कर प्रसार रोक में।
अप्पन देश भारत में पहिल केस फरवरी 2020 केरल में देखल गेल आ मार्च 2020 आबैत आबैत पूरा देश मे पसरि गेल, फलस्वरूप भारत सरकार के एक्कर रोक थाम के लेल लोकडाउन के सहारा लेब पड़ल जाहि के चलते कतेक लोक के की की कष्ट भेल लगभग सभ जानैत होयब। चूँकि विषय 2021 के स्थिति के बारे में अछि तs 2020 के बारे में ज्यादा विचार नै।
2020 के बाद जेखन 2021 ऎल तs देश में कोरोना के स्थिति बहुत कमजोर भ गेल छल ताहि कारण भारत सरकार आ राज्य सरकार सभ कोरोना लेल निश्चित कानून में बहुत ढील द देने रहै। मुदा फरवरी 2021 में महाराष्ट्र में कोरोनाक दोसर रूप देखल गेल आ देखिते देखिते अप्रैल तक समूचा देश के अपना चपेट में ल लेलक। चूँकि कोविड-19 एक महासंक्रांमक आ लाइलाज रोग अछि जाहि में मनुष्य के फेफड़ा संक्रमित भs जाइत अछि साँस लेब में अत्यंत दिक्कत। जिनकर एम्यून कमजोर छैन्ह करीब 2 प्रतिशत लोक के मृत्यु सेहो भ जाइत छैन्ह।
ई वैश्विक महामारी अछि आ एक्कर इलाज नै भेटल तs सभ सँ बेसी रोकथाम पर ही ध्यान देल गेल। रोकथाम के लेल पहिल उपाय अछि सभ कें मास्क लगेनाइ, समय समय पर हाथ सैनिटाइज केनाइ, सभ सँ दूरी बना क राखनाई। दोसर अछि जे सभ के उछित वैक्सीन लागि जै। तेसर अछि जे हमरा ओतय मेडिकल सुविधा अतेक नीक भ जाय जे हरसम्भव सभक इलाज सुनिश्चित क सकै।
ई एहेन बीमारी अछि जे आँखि सँ दृष्टिगोचर नै होइत अछि तs लोक सभ अजीब भय के माहौल में रहैत छैथि जाहि सँ कतेको के शारिरिक संग मानसिक रोग सेहो भ गेलैन्ह। पिछला वर्ष लॉकडाउन के चलते कतेको लोक बेरोजगार भेल जेकर प्रभाव 2021 तक अछि। कतेको लघु उद्योग, व्यवसाय करोबार सभ चौपट भ गेल। सभ सँ पैघ प्रभाव तs शिक्षा पर पड़ल। एखन धरि स्कूल कॉलेज नै खुजल। बच्चा सभ ऑनलाइन क्लास करैत अछि ताहि सँ सदिखन इलेक्ट्रॉनिक वस्तु के सामने रहैत अछि, आँखि खराब, सेहत खराब आ मानसिक रूप सँ चिड़चिड़ा अलग। भविष्य की हैत भगवाने जानैथ।
अहि रोग में साँस लेब में कठिनाई होइत अछि त अलग ऑक्सिजन के आवश्यकता होइत अछि। एखन समूचा देश में ऑक्सिजन आ अन्य दवाई सभ के लेल अराजकता के माहौल अछि। हॉस्पिटल सभ में कतौ पैर राखक जगह नै कोरोना के अलाबे त कुनो बीमारी के कुनो इलाजो नै। बहुत विकट स्थिति सँ लोक सभ गुजरि रहल अछि। ताहि पर ऑक्सिजन, दवाई आ अन्य सभक कालाबाजारी सेहो चरम पर अछि। बुझु जे (दिल्ली में, जतय हम रहैत छी) चारु तरफ त्राहि त्राहि मचल अछि।
तहन त समाज में सभ किछु खराबे नै। बड्ड लोक आ स्वयंसेवी संस्था सभ आगाँ आबि क लोक सभ कें ऑक्सीजन, दवाई आ भोजन सभक व्यवस्था केलक अछि। बहुत पड़ोसी सभ कोरोना पीड़ित सभ कें नियमित भोजन उपलब्ध करेलैथ अछि।
कोरोना के स्थिति के देखैत 2021 में एखन जन जीवन अस्तव्यस्त अछि। कतौ लॉकडाउन त कतौ कोरोना कर्फ्यू। लोक सभ बेरोजगार। सरकारी अनाज पर कतेक दिन भविष्य चलत। आगा की हैत भगवाने मालिक। तहन तs सतत प्रयत्नशील आ ऊर्जावान रही। इहो समय बीतत, नीक समय ऐत। कोरोना केस घट लागल अछि।
धन्यवाद🙏🙏🙏

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