“कोरोना काल के सामान्य जीवन पर प्रभाव”

प्रियम ।                               

*2021 कोरोनाकाल और अहि सॅ सामान्य जनजीवन पर प्रभाव :-

अहि बेर 2021 में कोरोना के दोसर लहर पिछला बेरक तुलना में बेसी भयावह आ जानलेवा अछि। 2020 के तुलना में अहि बेर कोरोना वायरस तेजी सॅ फैल रहल अछि। देश में करीब तीन लाख सॅ उपर केस रोज आबि रहल अछि, दू लाख सॅ बेसी लोग के जान चलि गेल। जनजीवन अस्त-व्यस्त भ गेल अछि। एहन कुनु घर नहि बचल जे कि अहि वायरस स प्रभावित नहि भेल होयत। लोग लाचार भ अप्पन सॅर- सम्बन्धि के अहि दुनिया सॅ जायत देख रहल छथि। कोरोना आर्थिक, मानसिक, शारीरिक आ धार्मिक रूप सॅ जनजीवन के प्रभावित क रहल अछि।

● आर्थिक प्रभाव:-
कोरोना काल में आम लोगक आर्थिक हालत बहुत खराब भ गेल अछि। जे लोग पइग कम्पनी में कार्यरत छथि हुनका त घर सॅ काज क समय सॅ तय वेतन भेंट जायत अछि मुदा छोट-मोट नौकरी करय वला, अप्पन व्यवसाय करय वला सब के भारी नुकसान भेलनि। बहुतों के नौकरी छुटि गेलनि। गरीब तबका के लोग के खेनाइयो पर आफद भ गेल अछि। प्रवासी मजदूर सब लौकडाउन में फेर सॅ फँसि गेल छथि। कतेको लोग अप्पन आर्थिक स्तिथि सॅ तंग आबि आत्महत्या क लेलथि।

● मानसिक प्रभाव :-
अहि बेरक कोरोना में सबसे बेसी प्रभाव मानसिक रूप सॅ परल हन। लोग आब निराश भ रहल छथि। डेढ महिना पहिले तक कोरोना के एतेक कम केस आब् लागल रहै, जनजीवन फेर सॅ पहिले जेईना भेल जा रहल छलाह मुदा अप्रैल में चुनावी रैली, कुम्भ शादी-ब्याह, उपनयन के कारन एक बेर फेर कोरोना के केस बढ् लागल। ई सब सॅ लोग मानसिक रूप सॅ टूटि गेल छथि, एना प्रतीत भ रहल अछि जेना ई सब आजीवन अहिना चलत। कतेको लोग अप्पन लोग के करोना सॅ जूझति देखि तनाव ग्रसित छथि। चारू दिस नकारात्मकता फैलल अछि। लोग हताश- निराश भ गेल छथि। भय, तनाव, अकेलापन सॅ लोग मानसिक रूप सॅ बिमार भ गेल छथि।

● शारीरिक प्रभाव :-
कोरोना सॅ लोगक शारीरिक स्तिथी सेहो प्रभावित भ रहल अछि। लोगक शारीरिक गतिविधी में कमी आयल हन। अस्थमा के मरीज के बेसी काल तक मास्क लगाबहि सॅ साँस लहि में तकलीफ आबि रहल छहि। मधुमेह के मरीज अहि समय में सबसे बेसी कोरोना के चपेट में आबि रहल छथि। बूढ- बुजुर्ग के घर में बइसल- बइसल ज्वाइन्ट पेन के तकलीफ भ रहल छन्हि। लोग पहिले के तुलना में सुस्त भ गेल छथि। कोरना के कारन शरीर के मुख्य अंग- फेफड़ा, किडनी, हर्ट, आँत प्रभावित भ रहल अछि। ठीक भेला के बादो काफी समय तक लोग क शारीरिक कमजोरी रहति छहि।

● धार्मिक प्रभाव :-
कोरोना के कारन लोग धार्मिक पर्व- त्योहार पहिले जेना नहि मना पाबि रहल छथि। मंदिर-मस्जिद में भीड़- भाड़ के कारन अनेकों तरह के प्रतिबंध लागल अछि। कतेको लोग के भगवान पर सॅ आब विश्वास उठि गेल अछि।

⏹ समाधान

🌼 प्रणायाम और ध्यान (मेडीटेशन) नियमित रूप सॅ करबाक चाही, अहि सॅ मानसिक तनाव कम होयत छहि।

🌼 कोरोना सॅ बचय लेल जे सब नियम बनौअल गेल छहि मास्क लगेनाय, बिना कारन बाहर नहि निकलनाय, सेनिटाइजर लगेनाय, स्टीम लेनाय आदि जरूर मानू।

🌼 वैक्सीन लगेनाय बहुत आवश्यक छहि, अफवाह सब पर ध्यान नहि द् निधोक भ वैक्सीन लगवा ली।

🌼 शादी- ब्याह, मूरन, उपनयन आदि सामुहिक समारोह एखन नहि आयोजित करि आ नहि किन्हको आमंत्रन स्वीकार करी।

🌼 अप्पन रूचि जहि में हुऐ खाली समय में ओ कार्य क् अपना आप क् व्यस्त राखू ।

🌼 सकारात्मक सोच राखू , राति के बाद भोर होयते छहि।

🌼 अप्पन परिवार, मित्र, सॅर-सम्बन्धि सॅ फोन पर बात-चीत करति रहु, दुख-दर्द बाँटला सॅ मोन हलका भ जायत छहि आ अहि सॅ पइग एंटीबॉडी कुनु नहि होय छहि।

✍🏻 प्रियम्बदा कुमारी

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