“दहेज एक अभिशाप”

ठाकुरोऽस्मि सुनयना।       

 

दहेज🙏😊
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१९४० के पहिले लगभग ४०% दहेज विवाह में देल जाईत छलय|
वेह १९४९ सऽ १०५० के बीच पुरा भारत में दहेज लेबऽ में ज्यादा तीव्रता आबि गैलय| १९७५ तक लगभग ९०% विवाह में भुगतान हुवैय लगलैय| दहेज के अर्थ ईऽ अछि जे विवाह के समय वधु के परिवार के तरफ सऽ हुनकर जत्त विवाह ठीक होय छैन(पति के घर) ओत्तैय दैल जाईत छैय|

दहेज प्रथा के कारण इऽ छैय…..
शिक्षा एवम् सामाजिक प्रतिष्ठा-वर्तमान समय में शिक्षा एवम् व्यक्तिगत प्रतिष्ठा केरऽ ज्यादा होबय के कारण सब व्यक्ति अपन कन्या केरऽ विवाह शिक्षित, प्रतिष्ठित लड़का सऽ कराबैय चाहैत छथिन| जेहन लड़का रहथिन तहि हिसाब सऽ दहेज दैल जायत अछि| जेना किनको बेटा इंजीनियर,डाक्टर,बैंक मैनेजर…या अन्य कोनो भी उच्च पोस्ट पर रहथिन तऽ ज्यादा दहेज माँग होयत छैय| कियाकि एहन लड़का के समाज में कमी से हो छय|

एकर मुल कारण शिक्षा अछि|
अगर कोनो भी माता पिता अपन बेटा के ज्यादा पढावैत छथिन,या नयहो पढावैत छथिन तय्यौ दहेजक लोभ रहबैय करैय छैन|
अगर यैह सोच बदलकैय हेतैय तऽ सबसऽ पहिले युवा में उत्सुकता भैनाय अति आवश्यक छैय| जखने धरि युवा सब दहेज लेबऽ सऽ साफ़ मना कऽ देथिन तखन माता-पिता के कोनो मुहें नय रहतैय बाजय के|

दहेज केरऽ कारण वश माँ-बाप केरऽ अपन बेटि बोझ लागऽ लगैन छैन| जेकर वजह सऽ लोग भ्रूण हत्या एहन निकृष्ट कार्य सेहो करैत छैथ| एहन शिक्षित समाज केरऽ लानत छैय जे दहेज़ दैय छथिन आऽ लय छथिन| और यैह दहेज देबय के कारण माता-पिता केरऽ लोन लेबऽ पडैय छैन| और सही सही समय पर किश्त नय भरिऽ पाबैय के वजह सऽ हुनका चिंता और यैह चिंता के वजह सऽ हार्टअटैक, मानसिक निष्क्रियता के कारण मृत्यु सेहो भऽ जाईत छैन|
पैसा के किमत ककरो जान सऽ पैघ छैय की?

और एकटा बात: जखन वधु पक्षक व्यक्ति इंकार कऽ देथिन दहेज नय दैबय के तऽ धीरे-धीरे अवश्य समाप्त भऽ जैत| और युवा में उत्सुकता, जागरूकता|

सब घर मे बेटा और बेटी छेथिन लेकिन फेरों छैन अश्रू बहाबैय के|
बेटी वाला सऽ सब लयछथिन, विवाह में सोना,रुपया||

भले ही कष्ट सऽ बेटी केरऽ,पडैत छैन दहेज|
लेकिन कहाँ छोडैत छथिन,बेटा वाला सब दहेज सऽ इंकार||
बरसो सऽ सब त्रस्त छैथ,यैह तऽ छैन अभिशाप||
आऊँ हम सब गोटे खाय छी कसम
लेनाय देनाय दूनूँ पाप|

आऊँ आई अखन सऽ करैय छि
हमसब बिल्कुल परहेज
सबसऽ बड़का अभिशाप दहेज|

कियो अगर नय देथिन फेर,
कहूँ केना कियो लेता|
और अगर कियो लेबै नय करथिन, तऽ कियो किनको किया देथिन|
कुप्रथा खत्म ही होयत अगर
युवा यैह प्रण कऽ लेता||
दहेजमुक्त शादी करैय के ,अगर जिद्द यदि ओ सब पकडि लेता|
लड़की के सेहो आगा बढि कऽ,
बिरोध तऽ हेतैन कऽ रऽ||
सरकार के सेहो साथ मिलल,तऽ आब किया डरबऽ|

‘सुशाशन’ के छैय ‘दहेजमुक्त”
मुहिम नय होय पावैय निस्तेज
सब सऽ बड़का अभिशाप छैय दहेज|

कियो भी कतबो लेता, लेकिन पचा नय ओकरा पेता|
खुद सेहो उड़बैय छैथ निरर्थक,एक पैइसा बचा नय पैता||
दहेज मांँगैय सऽ जाय छैय,ओ सबहक नजर में खैइस|
दहेज पाबैय अन्ततः लड़की, लेकिन ससुर केरऽ झुकैन सिर|
अहि सऽ बढ़िया बेटा केरऽ,बिना दहेज ही ब्याहबँ||
जय सऽ जोड़ी सुन्दर बनैय,अनुरूप बधू-बड़ लाबैय|

तखने मिलत”देव” कृपा सेहो
जखन दहेजमुक्त सजतैय ‘सेज’
सबसऽ बड़का अभिशाप दहेज|

दहेज मुक्त मिथिला 😇
जय मिथिला,जय मैथिली,जय माँ जानकी|🙏

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