“हमरा चाही मिथिले में रोजगार”

मनीषा झा।                                       

विषय :- मिथिला में पलायन के कारण आ निदान

ओना त मिथिला में पलायन क बहुतो कारण अछि किंतु हमरा नजैर में जे मुख्य कारण अछि| :-(१)मिथिला में रोजगारक कमी
(२)उद्योग धंधा क कोनो टा आस नैय
(३) खेती-बाड़ी में आधुनिकरण के अभाव
जाहि कारण लोक अपन मिथिला क छोइर आन आन ठाम गुजर करै लेल जाइत छैथ कारण पेट क सवाल छैय |
एकर जिम्मेदार कतहु ने कतहु सरकार अछि आ जनता सेहो ,
विकासक नाम पर सड़क बनायल जैत अछि,राशन बांटल जैत अछि बगैरह बगैरह !
हम ई नहि कहैत छी ई विकास नहिं छी किंतु जंउ अपन जगह के सच में विकास करैय चाहैत छी त ओत रोजगार क अवसर दियौ |
किया आन-आन राज्य में कल-कारखाना दिन -दिन बरलेह जाइत अछि, आ हमर मिथिला में एको चीनी मिल छल ओहो बंद परल अछि |
#निदान
एगो चीनी मिल के चालू भेला सं कतेको लोक के रोजगार हेतैन |
खेती के आधुनिकीकरण के ज्ञान सं कृषक लोकैन के अवगत करैल जाइन हुनका खेती में आधुनिक पद्धति के संग संग ओ मशीन मुहैया करैल जाई |
जंउ मिथिला में कल- कारखाना आ उद्योग धंधा स्थापित कैल जाई त पलायन पर विराम लगनाई संभव अछि आ नहि त यदि जनता उपरोक्त विकास क विकास मानि मुंह बंद केने रहतैथ त अहिना अपन घर-द्वार छोइर बाहर पेट भरैय लेल भागैय परतैन |
त हमरा सबहक एकहि का लक्ष्य रहबाक चाहि :- नहिं जायब हम दोसर राज्य,
हमरा चाहि मिथिले में रोजगार !!!

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One Response to “हमरा चाही मिथिले में रोजगार”

  1. Hari narayan sahoo

    आपकी बात बिल्कुल सही है,मिथिला में विकास के काफी अवसर पर्याप्त है,किन्तु मिथिला वासी और मिथिला के राजनेता कि हिन इच्छाशक्ति के कारण मिथिला अति पिछड़ा हुआ है।
    काम और नौकरी कि तलाश में हमें अपना परिवार घर छोड़ कर बाहर दूर शहरों में भटकना पड़ता है।
    आपने जो सोचा है कहा है सराहनीय है,आपको 🙏

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