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काटि लेलकय मैथिली के कीड़ा

काटि लेलकय मैथिली के कीड़ा

मैथिली कीड़ा (गीति कविता) – प्रवीण नारायण चौधरी काटि लेलकय – काटि लेलकय – काटि लेलकय भैया हौ मैथिली के कीड़ा देखहक काटि लेलकय भैया हौ!! गेल रहियै नोकरी करय – दिल्ली भदोही भेटल नहि मैथिल कतहु – बाट न बटोही सुनिकय विदापति उत्सव होऽऽऽ-२ गाम भेटल मिथिला हौ!! मैथिली के कीड़ा देखहक काटि लेलकय […]

ओकरा मनुखक माँस खेबाक इच्छा भेलैक…. गाय या सुग्गर नहि!

ओकरा मनुखक माँस खेबाक इच्छा भेलैक…. गाय या सुग्गर नहि!

नैतिक कथा – अमर नाथ झा भारतक एकटा छोट सन गाम मे एगो छोट टा’क लोमड़ी अपन पिता लोमड़ सँ मनुक्खक माँस खेबाक इच्छा प्रकट केलक। बेटाक माँग भले कोन बाप केँ पूरा करबाक इच्छा नहि हेतैक। मुदा लोमड़ मनहि मन सोचलक जे मनुक्खक माँस सहज रूप सँ नहि भेटत, किछु आर सँ बेटा केँ रिझा लेब। […]

कते मोहक रहै तिरहुत राम के पुछियौ – विकास झा रचित गजल

कते मोहक रहै तिरहुत राम के पुछियौ – विकास झा रचित गजल

गजल – विकास झा कते मोहक रहै तिरहुत राम के पुछियौ कोना बिलटलै तिरहुत रैयाम के पुछियौ मुँह ठोर देसी एकर बगय् बिलाएँत केर अगत्ती छै छौंरा थुर्री लताम के पुछियौ हवेली मे नून नै इ चर्चा अछि चौक पर घरभेदीक नाउ भुटन हजाम के पुछियौ नढ़िया हुकरतै अहि उजरलहा डीह पर अछैते पूतक टुगर […]

मनुष्य कोना महिस बनैत अछि (नैतिक कथा)

मनुष्य कोना महिस बनैत अछि (नैतिक कथा)

गुरुजी केर श्राप (यथार्थ घटना पर आधारित) – प्रवीण नारायण चौधरी बौआ भाइ कहियो घर मे करबाक लेल कहल गेल टास्क नहि करैत छलखिन तऽ मास्टरसाहेब सबहक आँखि पर चढि गेनाय स्वाभाविके छलन्हि। खास कऽ के इन्द्र नारायण बाबु केर क्लास मे हुनका ५ मिनट झार-झपाड़ पड़िते टा छलन्हि। एक दिन इन्द्र नारायण बाबु बौआ […]

गणतंत्रक शोकगीत

गणतंत्रक शोकगीत

कविता   – सियाराम झा सरस   हम देखलौं रे हम देखलौं अपन दुलारू लोकतंत्र केँ लीढही खत्ता फेकलौं!! हम देखलौं….   चोरक बीच साधुकेँ ताकी आब साधुए सँ बेसी पाकी मसियौत-पिसियौत-ममियौती पहिने तँ एना नै सुनलौं ई की हम पढलौं-गुनलौं!! हम देखलौं….   राष्ट्रक मंदिर डाकूक मेला तै मेला मे नोटक खेला तै खेला […]

मैथिली कथा: भीखमंग

मैथिली कथा: भीखमंग

यथार्थ कथा – प्रवीण नारायण चौधरी देखय-सुनयमें ओ केकरो सऽ खराब नहि कहल जा सकैत छल आ नहिये खराब छलैक विचार, सदा-सदा लेल अपन भागक खेनाय सेहो दोसरे बच्चाकेँ खुवाबय के इच्छा रखनिहार गुलटेनमा गाम भरि प्रसिद्ध छल आ सब कियो ओकरा दुलार करैत छलैक, स्नेह भरल दृष्टिसँ देखैत छलैक आ ओकर माय-बापकेँ कहैत छलैक […]

मैथिली कथा: लूल्हीक गोइठी बिछनाय

मैथिली कथा: लूल्हीक गोइठी बिछनाय

गामक याद: लूल्हीक गोइठी बिछनाय – प्रवीण नारायण चौधरी कोनो जमाना मे मिथिलाक गाम-घर जहिया मूल कृषि पर आधारित जीवन-यापन चलबैत रहल – ताहि समय माल-जाल चराबय हेतु गाम सँ बाहर मैदान तक एक पेरिया रस्ता, कच्ची-पक्की सब उपयोग मे अबैत छल। भैर पेट जखन खाय गाय-महिस-बरद-बकरी-भेड तखन मुनहाइर साँझ तक फेर सब केँ हाँकि […]

हत्यारा पति

हत्यारा पति

कथा  – प्रवीण नारायण चौधरी फूलियाक नबे-नब बियाह भेल छलैक। आइ-काल्हि रेबाज मोताबिक भूखना संगे बियाह होइते देरी ओकरा आँखि मे बम्बइ जेबाक चमक देखल जा सकैत छलैक। गाम मे कतेक दिन सँ हिया जरल जेकाँ भऽ गेल छलैक। आब ओकर संगी बेचो आ बुधनी सेहो अपना घरबला संगे बम्बइये मे रहि हीरा कटिंग उद्योग […]

आरक्षण पर विप्रो चेयरमैन – अजीम प्रेमजी केर प्रेरणादायक व्यंग्यवाण – जरुर पढू!

आरक्षण पर विप्रो चेयरमैन – अजीम प्रेमजी केर प्रेरणादायक व्यंग्यवाण – जरुर पढू!

धर्मेन्द्र कुमार झा, मुंबई। अगस्त २८, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! अनुवाद – प्रवीण नारायण चौधरी विप्रो चेयरमैन श्री अजीम प्रेमजी केर प्रतिक्रिया: आरक्षण केर बहुचर्चित विषय पर, अत्यन्त महत्वपूर्ण आ पठनीय लेखन! हमरा लगैत अछि जे आरक्षण केर व्यवस्था सब क्षेत्र मे हेबाक चाही। प्रधानमंत्री आ समस्त राजनीतिज्ञ केर आरक्षण केँ बढावा देबाक बातकेँ हम समर्थन […]

बुढियाक फूइस

बुढियाक फूइस

नैतिक कथा एकटा चीर-परिचित कथनी जे खूब चलैत अछि मिथिला मे – ‘बुढियाक फूइस’, ई वास्तव मे एकटा नैतिक कथा थीक। गाम-घर मे बड़-बुजुर्ग माय-पितियैन सबहक मुंह मे ई कहाबत किछु बेसिये प्रयोग होइत देखैत रही। बहुत दिन जिज्ञासा होइत छल जे आखिर ई बुढियाक फूइस कि थीक आ कियैक एतेक प्रयोग मे अबैत अछि। […]