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तेज काकी (हास्य कथा)

तेज काकी (हास्य कथा)

कथा – दीपिका झा एकटा काकी छली। ओ स्वभाव स कनी तेज छलखिन। एक दिन हुनकर घरक बगल में एकटा दुल्हा बाली काकी रहै छलखिन। ओ अंगना एलखिन आ कहलखिन – “बहिन यै! यै बड़ सुन्दर रमलिला होइ छै, फल्ला चिल्ला जाइ छै। ईहो चलती?” “गे माय, हम कोना जैब? हम सैं-बेटा तर में छी। […]

मिसिरजी द्वारा बाढि राहत वितरण – रोचक प्रसंग

मिसिरजी द्वारा बाढि राहत वितरण – रोचक प्रसंग

व्यंग्य – धर्मेन्द्र कुमार झा प्रलयकारी बाढि देखि मिसरजी के मन मे सेहो सेवा भाव जागृत भेलनि । 😊😊 बहुत रास संस्था और किछ पार्ट टाइम सेवक सब के देखाउंस में गाम घरक लोक के सेहो तैयार केलाह, चंदा सेहो पांच हजार धरि जमा भेल, मिसरजी के संग तड़पु बाबू, घूरना, घिचला आरो बहुत रास लोकनि राहत […]

आजुक ताजा समाचार – राजनीतिक व्यंग्य (हँसी-मजाक)

आजुक ताजा समाचार – राजनीतिक व्यंग्य (हँसी-मजाक)

राजनीतिक व्यंग्य   भारतीय औषधि बाजार सँ बरनौल केर घोर अभाव सृजना होयबाक समाचार   एकजूट राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबन्धन आ सुनियंत्रित नेतृत्व मे सभक एकमत सहमति मे चारूकात ‘मोदी-मोदी’ केर सुनामीरूपी चूनावी तूफान चलबाक कारण कतेको विरोधी आ मोदी हेटर्स केँ भयंकर बर्न्स (आगि सँ जरबाक घाव) होयबाक समाचार भेटल अछि। एहि बीच हमरा पास […]

राजनीतिक व्यंग्य – कबाउछ आ नोचनी

राजनीतिक व्यंग्य – कबाउछ आ नोचनी

कबाउछ आ नोचनी   (राजनीतिक व्यंग्य)   बच्चा रही त एक गोट विशेष बात सदिखन नोट करी। जेकर घर मे कियो कांग्रेसी नेता वा नेताक चमचा रहैत छल, ओकर साहेबी चलल करय। ओ खूब बढियां कुर्ता-धोती-बंडी-गाँधी टोपी आदि पहिरल करय। चौक-चौराहा पर जा कय खूब बड़का-बड़का गप (राजनीतिक बात-विचार) छाँटय। अपना केँ सुपर आ बाकी […]

व्यंग्य प्रसंगः फल्लाँ बाबू मैथिल केर कथा

व्यंग्य प्रसंगः फल्लाँ बाबू मैथिल केर कथा

व्यंग्य प्रसंग – प्रवीण नारायण चौधरी फल्लाँ बाबू मैथिल   कहियो-कहियो फल्लाँ बाबू मैथिल हमरा लंबा-लंबा गप दैत भेटि जाइत छथि। गप एहि द्वारे जे सब दिन ओ गपे टा मारलनि। काजक बेर ओ पतनुकान लय लेलनि। जे सिर्फ बाजय आ करय किछो नहि तेकरे न गप्पी कहल जाइत छैक। गप्पीक गप सुनय मे बड […]

कथाः ठकविद्या

कथाः ठकविद्या

कथा – प्रवीण नारायण चौधरी ठकविद्या   मास्टर साहेबक आदति छलन्हि जे कक्षा मे अबिते देरी चपरासी बिकाउ केँ कहथिन जे छड़ी लेने आबे। एक त छात्र सब हुनका सँ ओहिना डराएत छल, ताहि पर सँ ओ जानि-बुझि कक्षा मे प्रवेश सँ ठीक पहिने चिकैरकय कहथिन, “ऐ बिकाउ, छड़ी लेने आउ!” हुनकर छड़ियो अयली-बयली नहि […]

हम, हमर कनियां आ काजवाली केर समय – आधुनिक मैथिली खिस्सा

हम, हमर कनियां आ काजवाली केर समय – आधुनिक मैथिली खिस्सा

खिस्सा – हम, हमर कनियां आ काजवाली केर समय   – प्रवीण कुमार झा, बेलौन, दरभंगा (हालः दिल्ली) बड्ड नमहर विचार विमर्श आ नाप जोखक बाद स्वंय हम आ हमर अप्पन पत्नी अहि निर्णय पर पहुँचलौं जे घर में काजवाली आब भोरे ९ बजे के बाद औती.   असल में ओ भोरे आठ बजे आबैत […]

मिथिला राज्य आ कवि सतीश चन्द्र झा

मिथिला राज्य आ कवि सतीश चन्द्र झा

मिथिला राज्य! फुसिये के अछि हल्ला मिथिला राज्य लेब हम। मैथिल मिथिला मैथिलीक उद्धार करब हम॥ भेल एखन धरि की, जकरा उपलब्धि कहब हम। भाषण कविता पाठ मंच पर कते पढ़ब हम॥ पाँच सात टा पत्र पत्रिका लीखत की की। देत कते उपदेश कते के छापत की की॥ आइ मैथिली मे छथि सगरो जतबा लेखक। […]

गधकिच्चन….. सरबे हौ! भन्नहि भेल्लहः संतोषीक तीर

गधकिच्चन….. सरबे हौ! भन्नहि भेल्लहः संतोषीक तीर

गधकिच्चन…….!! – संतोष कुमार संतोषी, धरान, नेपाल (मूलः द्वालक, मधुबनी) सरबे हौ…… भन्नहि भेल्लह. !! सहर नगर जे जतय छी ऐहिबेर, चलै चलू सब गाम ! अपना मोनक मुखिया चुनबै, करबै जनहित कल्याण !! अपना करम के धुनलह – मुखिया त मोनहि के चुनलह ! आब की…. ठूठूआ नै लेल्लह.. सरबे हौ… भन्नहि भेल्लह !! […]

बिहारी होयबा पर कथीक गर्व करैत छी?

बिहारी होयबा पर कथीक गर्व करैत छी?

कि, अहाँ सेहो बिहारी होयबा पर गर्व करैत छी?   *अहाँक लिट्टी-चोखा आइ धरि फूटपाथ आ ठेला मे पड़ल अछि।   *अहाँक अपन भाषा केँ राज्य द्वारा मान्यता नहि देल गेल अछि।   *अहाँक भाषा मे कोनो प्रकाशन वा समाचारपत्र मुश्किले सँ भेटैत अछि।   *युवा सतति पलायन कय रहल अछि।   *शायदे कोनो साहित्य […]

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