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आजु जनकपुर मंगल घर-घर मंगल हेः विवाह पंचमी आबि गेल

आजु जनकपुर मंगल घर-घर मंगल हेः विवाह पंचमी आबि गेल

रामजानकी विवाहपञ्चमी विशेष त्रेता युगक झलक – सुजीत कुमार झा, वरिष्ठ संचारकर्मी एवं मैथिली कथाकार (जनकपुर) ‘दशरथ बरियात साजु आनन्द लागे मिथिलामे……..’ ई गीत जनकपुरमे मात्र नहि मिथिलाञ्चलक घर-घरमे किछु दिनसँ गाओल जा रहल अछि । एकदिस विवाहपञ्चमीक तैयारी जानकी मन्दिरमे भऽ रहल अछि तऽ दोसर दिस विवाहक गीत घर-घरमे गाओल जाइत अछि । विवाहक […]

हमर आस्थाक मुख्य केन्द्रः दुर्गास्थान कुर्सों

हमर आस्थाक मुख्य केन्द्रः दुर्गास्थान कुर्सों

हमर आस्थाक मुख्य केन्द्र – प्रवीण नारायण चौधरी अदौकाल सँ धर्म केर निर्वाह करब विवेकशील मानवक परिचय मे देखल जाएत अछि। यैह परंपरा हमरो सब मिथिलाक जनमानस लेल आइ धरि सर्वोपरि अछि। जाहि कोनो गाम मे छी आ कि कोनो आने ठाम मे छी, अपन आस्थाक मूल केन्द्र धार्मिक स्थल मे निहित रखने छी। दरभंगा […]

मिथिला मे पर्यटन उद्योगक संवर्धन-प्रवर्धनक आवश्यकता

मिथिला मे पर्यटन उद्योगक संवर्धन-प्रवर्धनक आवश्यकता

आलेख – प्रवीण नारायण चौधरी अत्यन्त प्राचीन सभ्यताक नमूना ‘मिथिला’ संयोगवश अपन भाषा ‘मैथिली’ सहित आइयो जीबित अछि। एखनहु एहि ठामक माटि-पानि-हवा मे वैह ओज झलकैत अछि जे सत्ययुग, त्रेता आ कि द्वापर मे रहबाक बात पुराणादि मे उल्लेख कैल गेल अछि। आब जनक समान राजाक संरक्षण एतय नहि अछि, ताहि हेतु भूगोल मे ई […]

चलू धान रोपय खेत मे छुपर-छापर

चलू धान रोपय खेत मे छुपर-छापर

मिथिला में रोपैन एखन मिथिला में खेती चलैये कदवा में देखू हर बहैये कतौह देखू बिया उखरैये मजदूर किसान माटिये रमैये खेत पथार में रौनक रहैये भोरगरे सबमिली जलखै करैये सब मिली संगे खेत चलैये खेत पहुंच के फांड़ बन्हैये विरारक खेत में खूब जमैये सबमिली मैथिली गान गवैये बिया लयके कदवा पहुंचैये चमैक छमैक […]

मिथिलाक हर गाम छय सुन्दर, बचाउ एहि ठामक सब धरोहर

मिथिलाक हर गाम छय सुन्दर, बचाउ एहि ठामक सब धरोहर

मिथिलाक अतिविशिष्ट गामः कोइलख – प्रवीण नारायण चौधरी मिथिला गामहि-गाम केर एक सुन्दर देश मिथिलाक हरेक गामक अपन एकटा विशिष्ट स्थान – गरिमा आ पहिचान आइयो जीबित कहि सकैत छी। जखन कि बिहार राज्य अन्तर्गत मिथिलाक्षेत्र केँ गाँथि देला सँ क्रमशः सब महत्व-गरिमा-विशिष्टता लोकपलायन सँ मरणासन्न अवस्था मे पहुँचि गेल अछि, आर एहेन विषादियुक्त वातावरण […]

कामाख्या मंदिर आओर अम्बुवासी पर्व

कामाख्या मंदिर आओर अम्बुवासी पर्व

कामाख्या मंदिर आओर अम्बुवासी (अम्बुवाची) पर्व – पूनम झा, गुआहाटी भारतवर्षक 51 गोट शक्तिपीठ में सँ सर्वाधिक महत्वपूर्ण ‘कामाक्षी’ वा ‘कामाख्या’ शक्तिपीठ! जे अवस्थित अछि प्राचीन प्रागज्योतिषपुर वा आधुनिक गुवाहाटी शहर केर नीलांचल पर्वत पर। मंदिर परिसर वा नीलांचल पर्वत केर आरो भाग में, काली, तारा, बगला, छिन्नमस्ता, भुवनेश्वरी, भैरवी, धुमावती, जयदुर्गा, वनदुर्गा, शीतला आदि कतेक रास […]

मिथिलाक वैवाहिक पंजी व्यवस्था आ पंजीकार

मिथिलाक वैवाहिक पंजी व्यवस्था आ पंजीकार

मिथिला मे पंजीबद्ध विवाह केर मूल्यवान् परंपरा – प्रभाकर झा मिथिलादेशक १४म शताब्दीक आरम्भकालक राजा हरसिंह देव द्वारा शुरू कैल गैल पंजी प्रथा आजुक भोजपत्र आओर कागज केर रूप मे धुरा फाँकि रहल अछि । कि‍छु दस्तावेज सब तऽ एतेक पुरान भए गेल अछि जे ओकरा आब पढ़लो नहि‍ जा सकैत छैक, जे बचल छल […]

भारत सरकार द्वारा मिथिला पेन्टिंग केर प्रवर्धनः डाक टिकट जारी

भारत सरकार द्वारा मिथिला पेन्टिंग केर प्रवर्धनः डाक टिकट जारी

अरविन्द झा, नवटोल, झंझारपुर। अप्रैल २५, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिला लेल एकटा आह्लादकारी समाचार भेटल अछि। राजग नेतृत्वक केन्द्र सरकार द्वारा मिथिला पेन्टिंग केर संवर्धन-प्रवर्धन वास्ते कैल गेल चुनावी वादा केँ व्यवहार मे परिणति देल गेल अछि। समस्त मिथिलावासी लेल ई समाचार अत्यन्त सुखदायक अछि, कारण मिथिलाक एहि लोकप्रिय चित्रकला परंपरा केर जाहि स्तर पर […]

दक्षिण भारतक भ्रमण पर लेपाक्षी मन्दिरः जटायू समाधि स्थल

दक्षिण भारतक भ्रमण पर लेपाक्षी मन्दिरः जटायू समाधि स्थल

भारतक पर्यटकीय स्थलः लेपाक्षी मन्दिर, आँध्र प्रदेश लेपाक्षी मन्दिर भारतक दखिन छोर में स्थित राज्य जेकरा किछू दिन पहिने दू भाग में विभक्त कएल गेल। एक केर नाम तेलांगना आओर दोसर के नाम सीमांध्रा ( आंध्रप्रदेश ) राखल गेल अछि। अहि आंध्रप्रदेश राज्यक अनंतपुर जिला में स्थित एकटा विशाल मन्दिर 16वीं सदी स लक आई […]

बलिराजगढ मे पुरातात्त्विक अध्ययनक संछिप्त वृत्तान्त

बलिराजगढ मे पुरातात्त्विक अध्ययनक संछिप्त वृत्तान्त

आलेख – प्रवीण नारायण चौधरी प्राचीन वस्तु केर अध्ययन आर ओहि सँ जुड़ल जानकारी पुरातत्त्व अर्थात् आर्कियोलाजी कहाएत अछि। सभ्यताक विकास संग पुरान वस्तु केर अध्ययन ओतबा जरुरी अछि जतेक कि इतिहास केर बोध होयब। कालान्तर मे मनुष्य अपन बीतल बात केँ समेटबाक विभिन्न तरीका अपनौलक। एहि तरीका मे साहित्य सँ इतिहास लेखन संभव भेल, […]