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एक अति महत्वपूर्ण लेख जे पढिते बदलि जायत अहाँक जीवन – सार्थक मार्गदर्शन

एक अति महत्वपूर्ण लेख जे पढिते बदलि जायत अहाँक जीवन – सार्थक मार्गदर्शन

स्वाध्याय सँ प्राप्त सुन्दरतम् लेख – मैथिली अनुवाद – प्रवीण नारायण चौधरी ई बदैल सकैत अछि अहाँक जीवन!! (It can change your life!) (स्कन्दपुराण सँ लेल गेल एक कथा) श्रीनारदजी ऐतरेय मुनि आ हुनक माताक बीच भेल संवादक उल्लेख कएने छथि, जाहि मे कहल गेल अछि जे ऐतरेय मुनि अपन माय केँ वैराग्यक उपदेश देलनि […]

बजरंगबाण आ हनुमानाष्टक केर मैथिली रूप

बजरंगबाण आ हनुमानाष्टक केर मैथिली रूप

आदरणीय ‘लेखक रमेश’ सर केर प्रेरणा पर तुलसीकृत बजरंगबाण आ हनुमानाष्टक केर मैथिली रूप – दोष लेल क्षमायाचनाक संगः   बजरंगवाण निश्चय प्रेम प्रतीति जे, विनय करय सम्मान। ताहि के कार्य सकल शुभ, सिद्ध करथि हनुमान॥ जय हनुमंत संत हितकारी। सुनियौ प्रभु मोर अर्जि गोहारी॥ जनके काज विलंब नै करबै। आतुर दौड़ि महा सुख देबै॥ […]

किछु महत्वपूर्ण मंत्र – जीवनोपयोगी साधना मंत्र जाप सँ सिद्धि लेल सर्वोपयोगी

किछु महत्वपूर्ण मंत्र – जीवनोपयोगी साधना मंत्र जाप सँ सिद्धि लेल सर्वोपयोगी

विभिन्न शास्त्र आ धर्म (यथा हिन्दू, जैन, बौद्ध आदि) मे उपयोग मे रहल व्यवहारिक मंत्रक संकलन १. गणपति स्तुति सरागिलोकदुर्लभं विरागिलोकपूजितं सुरासुरैर्नमस्कृतं जरापमृत्युनाशकम् । गिरा गुरुं श्रिया हरिं जयन्ति यत्पदार्चकाः नमामि तं गणाधिपं कृपापयः पयोनिधिम् ॥ १॥ गिरीन्द्रजामुखाम्बुज प्रमोददान भास्करं करीन्द्रवक्त्रमानताघसङ्घवारणोद्यतम् । सरीसृपेश बद्धकुक्षिमाश्रयामि सन्ततं शरीरकान्ति निर्जिताब्जबन्धुबालसन्ततिम् ॥ २॥ शुकादिमौनिवन्दितं गकारवाच्यमक्षरं प्रकाममिष्टदायिनं सकामनम्रपङ्क्तये । चकासतं […]

सुन्दरकाण्ड मैथिली मे – तुलसीकृत रामचरितमानस केर मैथिली स्वरूप

सुन्दरकाण्ड मैथिली मे – तुलसीकृत रामचरितमानस केर मैथिली स्वरूप

सुंदरकाण्ड सुंदरकाण्ड मे हनुमानजी लंका लेल प्रस्थान, लंका दहन सँ लंका सँ वापसी तक केर घटनाक्रम अबैत अछि। नीचाँ सुंदरकाण्ड सँ जुड़ल घटनाक्रम केर विषय सूची देल गेल अछि। अहाँ जाहि घटनाक्रमक सम्बन्ध मे पढ़य चाहैत छी ओकर लिंक पर क्लिक करू। मंगलाचरण हनुमान्‌जी केर लंका केँ प्रस्थान, सुरसा सँ भेंट, छाया पकड़यवाली राक्षसी केर […]

मैथिली सुन्दरकाण्डः रावण केँ विभीषण केर बुझेनाय और विभीषणक अपमान

मैथिली सुन्दरकाण्डः रावण केँ विभीषण केर बुझेनाय और विभीषणक अपमान

मैथिली सुन्दरकाण्डः श्री तुलसीदासजी रचित श्रीरामचरितमानस केर सुन्दरकाण्डक मैथिली अनुवाद रावण केँ विभीषण केर बुझेनाय और विभीषणक अपमान दोहा : सचिव बैद गुरु तीनि जौं प्रिय बाजथि भय आश राज धर्म तन तीनि केर होय बेगिहीं नाश॥३७॥ भावार्थ:- मंत्री, वैद्य और गुरु – ई तीन यदि (अप्रसन्नता केर) भय या (लाभ केर) आशा सँ (हित […]

मैथिली सुन्दरकाण्डः मंदोदरी-रावण संवाद

मैथिली सुन्दरकाण्डः मंदोदरी-रावण संवाद

मैथिली सुन्दरकाण्डः श्री तुलसीदासजी रचित श्रीरामचरितमानस केर सुन्दरकाण्डक मैथिली अनुवाद मंदोदरी-रावण संवाद चौपाई : ओम्हर निशाचर रहय सशंका। जहिया सँ जरा गेला कपि लंका॥ निज निज गृह सब करय विचारा। नहि निशिचर कुल केर उबारा।१॥ भावार्थ:- ओम्हर (लंका मे) जहिया सँ हनुमान्‌जी लंका केँ जराकय गेलाह, तहिया सँ राक्षस सब भयभीत रहय लागल। अपना-अपना घर […]

मैथिली सुन्दरकाण्डः श्री रामजीक वानर सेना संग चलिकय समुद्र तट पर पहुँचब

मैथिली सुन्दरकाण्डः श्री रामजीक वानर सेना संग चलिकय समुद्र तट पर पहुँचब

मैथिली सुन्दरकाण्डः श्री तुलसीदासजी रचित श्रीरामचरितमानस केर सुन्दरकाण्डक मैथिली अनुवाद श्री रामजीक वानर सेना संग चलिकय समुद्र तट पर पहुँचब दोहा : कपिपति बेगि बजेला आयल मुख्यक झुंड। नाना वर्ण अतुल बल बानर भालु बहुत॥३४॥ भावार्थ:- वानरराज सुग्रीव शीघ्रहि वानर सभकेँ बजौलनि, सेनापति लोकनिक समूह आ गए। वानर-भालु केर झुंड अनेको रंग केर अछि और […]

मैथिली सुन्दरकाण्डः समुद्र केर एहि पार आयब, सभक लौटब, मधुवन प्रवेश, सुग्रीव मिलन, श्री राम-हनुमान्‌ संवाद

मैथिली सुन्दरकाण्डः समुद्र केर एहि पार आयब, सभक लौटब, मधुवन प्रवेश, सुग्रीव मिलन, श्री राम-हनुमान्‌ संवाद

मैथिली सुन्दरकाण्डः श्री तुलसीदासजी रचित श्रीरामचरितमानस केर सुन्दरकाण्डक मैथिली अनुवाद समुद्र केर एहि पार आयब, सभक लौटब, मधुवन प्रवेश, सुग्रीव मिलन, श्री राम-हनुमान्‌ संवाद चौपाई : चलैत महाध्वनि गर्जेथि भारी। गर्भ खसय सुनि निशिचर नारी॥ नाँघि सिंधु एहि पार मे एला। शब्द किलिकिला कपि केँ सुनेला॥१॥ भावार्थ:- चलैत काल ओ महाध्वनि सँ भारी गर्जना कयलनि, […]

मैथिली सुन्दरकाण्डः लंका जरेलाक बाद हनुमान्‌जी केर सीताजी सँ विदाई माँगब आ चूड़ामणि पायब

मैथिली सुन्दरकाण्डः लंका जरेलाक बाद हनुमान्‌जी केर सीताजी सँ विदाई माँगब आ चूड़ामणि पायब

मैथिली सुन्दरकाण्डः श्री तुलसीदासजी रचित श्रीरामचरितमानस केर सुन्दरकाण्डक मैथिली अनुवाद लंका जरेलाक बाद हनुमान्‌जी केर सीताजी सँ विदाई माँगब और चूड़ामणि पायब दोहा : पूँछ मिझाय विश्राम कय धय छोट रूप बहोरि। जनकसुता केर आगू ठाढ़ भेला कर जोड़ि॥२६॥ भावार्थ:- पूँछ मिझाकय, थकावट दूर कयकेँ और फेर छोट सन रूप धारण कय हनुमान्‌जी श्री जानकीजी […]

मैथिली सुन्दरकाण्डः लंकादहन

मैथिली सुन्दरकाण्डः लंकादहन

मैथिली सुन्दरकाण्डः श्री तुलसीदासजी रचित श्रीरामचरितमानस केर सुन्दरकाण्डक मैथिली अनुवाद लंकादहन दोहा : कपि केर ममता पूँछ पर सबकेँ कही बुझाय। तेल बोरि पट बान्हिकय पावक दिहीन लगाय॥२४॥ भावार्थ:- हम सबकेँ बुझाकय कहैत छी जे बानरक ममता पूँछ पर होइत छैक। तेँ तेल मे कपड़ा बोरिकय ओ एकर पूँछ मे बान्हिकय फेर आगि लगा दे॥२४॥ […]

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