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मिथिला सं मैथिल के पलायन।के जिम्मेदार?

मिथिला सं मैथिल के पलायन।के जिम्मेदार?

दीपिका झा।                                        “मिथिला सं मैथिल के पलायन और तकर समाधान” अपन देश-कोस सबके नीक लगै छै। कहबी छै अपना घर में लोक राजा जकां रहैयै जाहे ओ धनीक रहै अथवा गरीब। लेकिन, तैयो ई २०-३० वर्ष […]

“बेरोजगारी :- घर सं दूर रहबाक जड़ि”

“बेरोजगारी :- घर सं दूर रहबाक जड़ि”

शिव कुमार सिंह।                                मिथिला सँ पलायन एकटा गंभीर समस्या अछि। बड़ लोक गाम सँ बाहर रहैत अछि।गाम में त लोक बुझेबे नै करत।सबहक आंगन में देखबै जे बेसी महिला आ धिया पुता रहै छै,पुरूख वर्ग त टो टा क मिलत। […]

“पलायन- मिथिला सं मैथिल के”

“पलायन- मिथिला सं मैथिल के”

अखिलेश कुमार मिश्रा।            🌹🌹🌹आजुक विषय अछि “मिथिला सं पलायन के कारण आओर ओक्करा रोकबाक लेल की उपाय” 🌹🌹🌹 सब सं पहिले त मिथिला क्षेत्र के भौगौलिक स्थिति के बुझनाई जरुरी अछि. मिथिला उत्तर में नेपाल, दक्षिण में गंगा नदी, पूरब में कोशी तत्पश्चात बंगाल तक आ पश्चिम में गंडक नदी […]

“हमरा चाही मिथिले में रोजगार”

“हमरा चाही मिथिले में रोजगार”

मनीषा झा।                                        विषय :- मिथिला में पलायन के कारण आ निदान ओना त मिथिला में पलायन क बहुतो कारण अछि किंतु हमरा नजैर में जे मुख्य कारण अछि| :-(१)मिथिला में रोजगारक कमी (२)उद्योग धंधा क कोनो […]

“बाढ़िक मारि”

“बाढ़िक मारि”

वंदना चौधरी। बाढिक मारि: बाढिक मारि कि होइ छै, से पुछियौ,ओई माय स जेकर दहा गेलै,भसिया गेलै,अन्नक सब मोटरी, जे कहिया स रहै जोगेने, कनि ऐ,कोन, कनि ओई कोन। जे उपजेने छल,सब बाले बच्चे मिलक, अपन शोणित के जरा क, घाम पसीना चुआ क, जे भरि बरख बच्चा सबके , खेबा के दुःख नै हेतै, […]

“होली विशेष”

“होली विशेष”

रचनाकार-प्रियंका संतोष झा                            होली के संदेश। सिलबट्टा पर रगरि रगरि क पिसलऊँ भांगक गोली भांग पिबी मदमस्त मगन भय सब मिलि खेली होली। बाल्टी भरि भरि रंग उझलि क एक दोसर के केलऊँ लोट पोट खीर पूरी मालपुआ खाय,फूला फूला क पेट। […]

नारी

नारी

नारी सक्ती के प्रणाम नारी गृह लक्ष्मी होई छै। नारी के बिना घर सुना लागत अछी। नारी बहुत श्रम करे छेत्। हुनका भले माथ दुखाई लेकिन वो परिवार लेल खाना बना बई छै।अपन परवाह नई क उ परिवार के चिन्ता करें छैय। काम करे बला त सन्डे के लेट उठे या। मुदा नारी के सन्डे […]

नारी

नारी

#नारी भारतीय संस्कृति में नारी के सम्मान के बहुत महत्व देल गेल छइ। संस्कृत में एकटा स्लोक अछि- यत्र नार्यस्तु पूज्यनते रमन्ते तत्र देवता। अर्थात जत नारी के पूजा होइत छइ ओत देवता वास करैत छैथ। नारी जन्म स मृत्यु तक अपन सब कर्तव्य निभबैत छैथ। ओ एक मां,पत्नी,बेटी,बहीन सब रिश्ता के दायित्व निष्ठा स […]

“मातृशक्ति”

“मातृशक्ति”

ममता झा। आई महिलाक जीवन के याद करैत छी जे, अपने हर क्षेत्र में अप्पन प्रसिद्धि सऽ अप्पन कुलक नाम रौशन करैत ऑगा बढल छैथ ओहन महिला पर नाज अई। सचमुच ! हे मातृ शक्ति अहाँक नमन।भारत माता की जय,जिनकर धरा पर अनगिनत विदूषी, बीरांगना, सहनशील,मृदुमाषी,भारतीय नारी जन्म लेलैन।अई धरा के समस्त रचना सृष्टी के […]

“यज्ञसेनी :- एक आदर्श नारी

“यज्ञसेनी :- एक आदर्श नारी

आभा झा।                                हमर आदर्श नारी छैथ द्रौपदी। जखन जखन भारतीय संस्कृति के इतिहास में नारी के अपमान,प्रतिशोध,तिरस्कार,शोषण के संगे-संग हुनकर सम्मान के दु विरोधी भावक चर्चा हैत,तखन तखन द्रौपदी खे उल्लेख अवश्य हेतेन। द्रौपदी के चरित्र एक ऐहेन दुर्भाग्य शालिनी […]