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मूर्ति सज्जाक संग इन्टेरियर डेकोरेशनमे मिथिला पेन्टिंगक प्रयोग

मूर्ति सज्जाक संग इन्टेरियर डेकोरेशनमे मिथिला पेन्टिंगक प्रयोग

विशिष्ट व्यक्तित्व परिचयः प्रभाकर झा, मिथिला चित्रकार, जितवारपुर, मधुबनी सर्वविदिते अछि जे मिथिला पेन्टिंग आब वर-कनियांक कोहबर घर आ लोकक घरक भीत पर सँ निकैलकय – अंगनाक अरिपन व अन्य साज-सज्जा सँ निकैलकय संसारक विभिन्न डिजाइन मे बेस उपयोग कैल जा रहल अछि। एकटा एहने नव प्रयोगक अन्वेषक छथि प्रभाकर झा। मिथिला चित्रकलाक माहिर परिवार […]

मैथिल ठीकेदारः परिचय आ प्रतिष्ठा

मैथिल ठीकेदारः परिचय आ प्रतिष्ठा

मैथिल ठीकेदार विचार आलेख – प्रवीण नारायण चौधरी   आइ-काल्हि ई शब्द खूब पोपुलर भऽ गेल अछि। स्वयंभु नेता आ ठीकेदार आदि शब्द ओहि व्यक्ति लेल प्रयोग कैल जाएत अछि जे समाज लेल त्यागपूर्ण कर्म करैत अछि। ओकरा ई चिन्ता होएत छैक जे आखिर हमर संस्कृति आ सभ्यता एतेक प्राचीनकाल सँ स्थापित रहितो वर्तमान समय […]

नव पल्लव नव मज्जर आयलः बसंती ऋतु केर स्वागत

नव पल्लव नव मज्जर आयलः बसंती ऋतु केर स्वागत

प्रकृति – प्रवीण नारायण चौधरी   नव पल्लव नव मज्जर आयल हरियर पत्ता सब तैर छायल फरतय फेरो फर नव नव बसन्त ई नवका सनेश लायल।   जहिना घड़ीक सुइया घुमय गोल गोल ओ चक्कर काटय जन्म मृत्यु केर बीच सदा ई जीवन सदिखन दिवस बिताबय।   दृष्टि अनेक आ सोच अनेक कते बदनियत नेत […]

गीताः कर्म सँ संन्यास नीक आ कि कर्मयोग

गीताः कर्म सँ संन्यास नीक आ कि कर्मयोग

गीताक तेसर बेरुक स्वाध्याय   (निरंतरता मे… अध्याय ४ मे निहित कर्म यज्ञानुरूप करबाक निर्देशन तथा वर्तमान मे उपस्थित परिस्थिति मुताबिक वांछित कर्म बिना कोनो फलासक्ति करबाक मार्गदर्शनक बाद… अध्याय ५)   अर्जुन उवाच सन्न्यासं कर्मणां कृष्ण पुनर्योगं च शंससि। यच्छ्रेय एतयोरेकं तन्मे ब्रूहि सुनिश्चितम्॥ १॥   अर्जुन कहलखिन — हे कृष्ण! अपने कर्म केर […]

मैथिल सर्जक परिचयः अशोक कुमार सहनी

मैथिल सर्जक परिचयः अशोक कुमार सहनी

विशिष्ट व्यक्तित्व परिचयः अशोक कुमार सहनी – मैथिली कवि एवं ‘अप्पन मिथिला’ अभियानी प्रवासी मैथिल सर्जकसबमे चित परिचित नाम अछि – अशोक कुमार सहनी ।   नेपालक सिरहा जिल्लाके लहान नगरपालिका वाड नं ४ रघुनाथपुर घर रहल अशोक जी वैदेशिक रोजगारीक शिलशिलामे एखन दोहा क़तारक एकटा कम्पनीमे कार्यरत छथि ।   प्रवासमे रहियोक’ अपन माटि […]

गीताः ज्ञानरूपी अग्नि समस्त कर्म केँ भस्म करैछ

गीताः ज्ञानरूपी अग्नि समस्त कर्म केँ भस्म करैछ

गीताक तेसर बेरुक स्वाध्याय   (निरन्तरता मे….. भगवान् द्वारा यज्ञरूपी कर्मकेर विभिन्न विभाग पर प्रकाश – आत्मसंतुष्ट लेल कर्मबन्धन नहि बनबाक बात… ई संसार केवल यज्ञ कएनिहार लेल होयबाक स्पष्टोक्ति… यज्ञ नहि कएनिहार लेल सांसारिक यात्रा अत्यन्त कठिन… आगाँ…)   एवं बहुविधा यज्ञा वितता ब्रह्मणो मुखे। कर्मजान्विद्धि तान्सर्वानेवं ज्ञात्वा विमोक्ष्यसे॥४-३२॥   एहि तरहें आरो कतेको […]

गीताः आत्मसंतुष्ट व्यक्ति लेल कर्म सँ बन्धन नहि बनैछ

गीताः आत्मसंतुष्ट व्यक्ति लेल कर्म सँ बन्धन नहि बनैछ

गीताक तेसर बेरुक स्वाध्याय (निरन्तरता मे…. चारिम अध्याय, भगवान् कृष्ण द्वारा कर्म-अकर्म आदि पर अर्जुन केँ बुझेबाक क्रम जारी) यदृच्छालाभसन्तुष्टौ द्वन्द्वातीतो विमत्सरः। समः सिद्धावसिद्धौ च कृत्वापि न निबध्यते॥४-२२॥   बिना कोनो खास प्रयासो सँ जतेक आबि गेल ततबे मे प्रसन्न (आत्मसंतुष्ट), द्वंद्व सँ अतीत (दूर, अप्रभावित), मत्सर (डाह, ईर्ष्या) सँ मुक्त, सफलता-असफलता दुनू मे समानरूप […]

खण्डी बुद्धिक मैथिल आ ओकर संस्थाक हालत पर कथा

खण्डी बुद्धिक मैथिल आ ओकर संस्थाक हालत पर कथा

गामक होरी उत्सव दुइ ठाम होयत (भाग १) – प्रवीण नारायण चौधरी   “सुने रे मंगना, सुन रे ढोलना… सुनय जो – सुनय जो!!” नगबा हल्ला करैत – जोर-जोर सँ चिचियैत मुशहरी मे सब केँ जगबैत कहय लागल। लोक सब ओकर आवाज सुनि-सुनि एहि कनकनीवला जाड़मे सुजनी तर सँ निकैल गाँती बन्हने, कियो-कियो सुजनी-केथरी देहे […]

मैथिली कविताः ई शहर हमरे छी

मैथिली कविताः ई शहर हमरे छी

मैथिली कविता – कर्ण संजय ई शहर हमरे छी अइ शहर मे किछु काते कात छिरियाएल लोकके बिच ठाढ भय आ घृणाके सङ्ग जीबऽके प्रयत्न करै छी हम । रस्ताचलैत अपनामे बतियाति दहिना वामा ताकि लए छी कहिं कतौ किओ सुनैत अछि किनहि देखाएल कोनो अपरिचित तऽ बात आ बोलीके प्रसंग बदलऽ के प्रयत्न करै […]

मैथिली कवि डा. चन्द्रमणिक टटका रचनाः “मैथिल जागू-जागू!!”

मैथिली कवि डा. चन्द्रमणिक टटका रचनाः “मैथिल जागू-जागू!!”

मैथिल जागू-जागू ! – डा. चन्द्रमणि झा अहाँक सुग्गा शास्त्र पढ़ैये बटुक पढ़ैये वेद तइयो सिर पर बैसिकs कागा सिखबय जाति-विभेद मैथिल जागू-जागू, अपन मिथिला ले’ जागू।। भुसकौलहा बुधियार भेल अछि तेजगरहा भुसकौल मैथिल कोना मंद भेल छथि दुनियाँ करय मखौल ज्ञानभूमि पर ज्ञान सिखाबय ओहि पार के ज्ञानी अपन दुर्दशा दिखि होइये ठोहि पारिकs […]