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Stories written by deepika
“सात समदि की मसि करौं, लेखनि सब वनराई”

“सात समदि की मसि करौं, लेखनि सब वनराई”

अखिलेश कुमार मिश्रा।                  मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के बारे में हम सभ सामान्य आदमी की आ कते लिखि सकै छै। कहल गेल अछि न, सात समदि की मसि करौं, लेखनि सब वनराई। धरती सब कागज करौं, हरि गुण लिखा न जाई।। तथापि निबन्ध के विषय जे विषय […]

“जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देखी तिन तैसी”

“जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देखी तिन तैसी”

आभा झा।                                                     

“मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम”

“मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम”

कृष्ण कांत झा।                            #मर्यादापुरुषोत्तमश्रीराम# भगवान् श्रीराम के विषय में लिखनाय जतेक हर्ष और सौभाग्य के विषय अछि।ओहो स बहुत अधिक कठिन और गंभीर विषय अछि।कारण जे हमर लेख के एकोटा पंक्ति में यदि हुनकर विषय में कुछ अनर्गल लिखा गेल त एकटा […]

“लिखल मेटल नहिं जाई”

“लिखल मेटल नहिं जाई”

वंदना चौधरी।                              लिखल मेटल नहि जाय : ठाकुर सेहब के एकेटा बेटा रहथिन और ओहो गन्धर्व सनक सुंदर और ताहू में खूब पढ़ल लिखल ,संजोग स नोकरी सेहो सरकारी भ गेलैन। आब त ठाकुर सेहब खूब मोंछ पिजेने रहैथ जे बेटा […]

“दहेज एक अभिशाप”

“दहेज एक अभिशाप”

ठाकुरोऽस्मि सुनयना।          दहेज🙏😊 ____________ १९४० के पहिले लगभग ४०% दहेज विवाह में देल जाईत छलय| वेह १९४९ सऽ १०५० के बीच पुरा भारत में दहेज लेबऽ में ज्यादा तीव्रता आबि गैलय| १९७५ तक लगभग ९०% विवाह में भुगतान हुवैय लगलैय| दहेज के अर्थ ईऽ अछि जे विवाह के समय वधु के […]

“उपहार बनल दहेज”

“उपहार बनल दहेज”

रेखा झा।                            विवाहक समय कन्या के विदागरी काल पहिने कन्या के जरूरत के सामान देल जाईत छल जाहि स वरक परिवार के कोनो वास्ता नहि रहैत छल इ परंपरा अपन अपन शौक आ स्थिति पर निर्भर रहैत छल जे की कालांतर मे […]

“मिथिला में दहेजक उत्पत्ति के कारण आ ओकर निदान”

“मिथिला में दहेजक उत्पत्ति के कारण आ ओकर निदान”

अखिलेश कुमार मिश्रा।                      🌹मिथिला में दहेजक उतपत्ति के कारण और आब एकर निवारण लेल उपाय 🌹 सब सँ पहिले त दहेज की थीक से बुझनाई जरूरी। दहेज ओहि रुपया, धन या सम्पत्ति के कहल जाइत छै जे लेन देन वर-वधू के विवाह सँ पहिले ही […]

मिथिलाक पाबनि :- शिक्षा और संस्कार सं भरल

मिथिलाक पाबनि :- शिक्षा और संस्कार सं भरल

कृष्ण कांत झा।                                  #जूडिशीतल जूडिशीतल मिथिला के अनेकों पावनि तिहार में स एक अन्यतम त्योहार थिक।इ पावनि सनातन नववर्ष के आरंभ में मनाओल जाइत थिक।जूडिशीतल शब्द के वास्तविक शब्दार्थ की अछि से त हमरा ज्ञात नै अछि।मुदा इ शब्द […]

“मिथिला के सब पाबनि प्रकृति प्रेम के संदेश सं भरल”

“मिथिला के सब पाबनि प्रकृति प्रेम के संदेश सं भरल”

बेबी झा।                    # जूडशीतल # सौरमास के अनुसार बैशाख मास में सक्रांति के समापन आ मसादी के शुरुआत में अन्य प्रांत में # बैशाखी # आ अपना सब ठाम # जूडशीतल # के नाम स ई पावनि नववर्ष के उपलक्ष में मनाओल जाईत अछि | ओना […]

“जूड़िशीतल पाबनि “

“जूड़िशीतल पाबनि “

अखिलेश कुमार मिश्रा।                        ***जुड़-शीतल*** जुड़-शीतल शब्द मैथिलीक दू सहचर शब्द सं बनल अछि. पहिल शब्द अछि जुड़ जे मैथिली शब्द जुड़ेनाई सं ऐल अछि. जुड़ेनाई मतलब खुश भेनाई या खुश क देनाई. शीतल के शब्द सं तात्पर्य ठंढा आ शान्त होइत अछि. इ त्यौहार […]

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