Search

Event

बड़साइत निष्ठा,भक्ति आ दृढ़ संकल्पक सँ पतिक दीर्घायु लेल करै वला ई पावनि थिक

चारि टा नवरात्रि मे सँ एक थीक चैत्र मासक नवरात्रि

चारि टा नवरात्रि मे सँ एक थीक चैत्र नवरात्रि

। ई परंपरा नारी शक्ति प्रति गहरा सम्मान आ श्रद्धाके दर्शबैत अछि।

Prev
Next

Recent News

श्रीमद्भागवद्गीता पंचम अध्याय

श्री परमात्मने नमः !! ॥अथ पञ्चमोऽध्यायः॥ अर्जुन उवाच । संन्यासं कर्मणां कृष्ण पुनर्योगं च शंससि ॥ यच्छ्रेय एतयोरेकं तन्मे ब्रूहि सुनिश्चितम् ॥५-१॥ Arjuna said: Renunciation of action, O Krishna, thou…

Read more

श्रीमद्भागवद्गीता चतुर्थ अध्याय

ॐ श्री परमात्मने नमः !! ॥चतुर्थोऽध्यायः॥ श्री भगवानुवाच । इमं विवस्वते योगं प्रोक्तवानहव्ययम् ॥ विवस्वान्मनवे प्राह मनुरिक्ष्वाकवेऽब्रवीत् ॥४-१॥ भगवान कहलनि: हम ई अविनाशी योग विवस्वत केँ कहलियनि; विवस्वत एकरा मनु…

Read more

श्रीमद्भागवद्गीता तेसर अध्याय

ॐश्री परमात्मने नमः !! ॥तृतीयोऽध्यायः॥ अर्जुन उवाच । ज्यायसी चेत्कर्मणस्ते मता बुद्धिर्जनार्दन ॥ तत्किं कर्मणि घोरे मां नियोजयसि केशव ॥३-१॥ व्यामिश्रेणेव वाक्येन बुद्धि मोहयसीव मे ॥ तदेकं वद निश्चित्य येन…

Read more

श्रीमद्भागवद्गीताः द्वितीय अध्याय

ॐ श्री परमात्मने नमः !! ॥द्वितीयोऽध्यायः॥   सञ्जय उवाच । तं तथा कृपयाविष्टमश्रुपूर्वाकुलेक्षणम् ॥ विषीदन्तमिदं वाक्यमुवाच मधुसूदनः ॥२-१॥ संजय कहलनि: से (अर्जुन) जे एहि प्रकार सँ दया आ दुःख सँ…

Read more

श्रीमद्भगवद्गीता – प्रथम अध्याय

स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वतीकृत् अनुवाद ओ भाष्य केर मैथिली अनुवाद ॐ श्री परमात्मने नमः !! ॥प्रथमोऽध्यायः॥   धृतराष्ट्र उवाच । धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः ॥ मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत सञ्जय ॥१॥ धृतराष्ट्र…

Read more

चेतना समारोह २०२६ केर रिपोर्ट कोलकाताः नवचेतना समितिक अनुकरण योग्य चेतनाक संचार

डा. अनमोल झा, कोलकाता । १९ अगस्त २०२६, मैथिली जिन्दाबाद !! मिथिला नव चेतना समिति, रिषड़ाक “चेतना समारोह–२०२६” मिथिला, मैथिली भाषा-साहित्य एवं सांस्कृतिक चेतनाक संरक्षण-संवर्धन लेल निरंतर क्रियाशील मिथिला नव…

Read more