मिथिलाक जीवन पद्धति पूर्णरूपे वेदानुसारः कातिक मासक धात्रीक गाछ तरक भोजनक संस्मरण

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आदरणीय काकी, भौजी आ सम्पूर्ण परिजन,
 
आजुक दिवस पैछला साल कातिक मासक पुनीत धार्मिक गार्हस्थ संस्कार जे धात्रीक गाछ तर ब्राह्मण-भोजन सह स्वजन्य भोजक आयोजन अपने लोकनिक स्वपाक, सुरुचि, स्वादिष्ट, सुन्दर भोजनक संग भेल छल से आइ फेसबुक मेमोरी मार्फत फेरो याद करा देल गेल अछि। जतबा आनन्द आयल रहय पोरकाँ एहि भोज मे सहभागी बनिकय, ओतबे आनन्द आयल आइ ई मेमोरी देखिकय। एक बेर फेर अपने सब गोटा केँ हम किशोर (प्रवीण) केर प्रणाम।
 
एक त अपना ओतुका पूर्ण वैदिक रीति अनुरूप जीवन प्रणाली, ताहि पर सँ आधुनिक युगक इन्टरनेट देव केर कृपा – सोशल मीडिया सन प्लेटफार्म भेटब; हेराइत मिथिला केँ ताकय मे काफी सहयोग भेट रहल अछि मातृस्वरूपा आदरणीया काकी-भौजी-बहिनदाय लोकनि। बहुत भाग्यशाली रही – पूर्व जन्मक तपस्या छल जे एतेक समृद्ध संस्कृति (मिथिला) मे ई वर्तमान जन्म भेटल अछि। बेर-बेर प्रार्थना करब ईश्वर सँ जे संसार मे यदि फेरो एबाक आवश्यकता होएक त फेरो जगज्जननी सियाजी केर अवतार सहित एक सँ एक विभूतिक जन्म लेल पृथ्वीक एहि सुन्दर भूभाग (मिथिला) मे जन्म दिहथि। फेरो अहीं सब सन अमृतस्पर्शा मातृशक्तिक दुलार आ कोरा भेटय जाहि सँ संसार केँ अपन शक्ति आ सामर्थ्य पूर्वजक दिग्गज प्रदर्शन अनुरूप हमहुँ कय सकी। परिवारहु पर गुमान अछि – भगवान् कृष्ण आ अर्जुनक ओ संवाद मोन पड़ैछ जे पूर्व जन्मक तप कहियो असिद्ध नहि रहैछ; वर्तमान जन्म कुर्सों ड्योढि मे प्राप्त होयब निश्चित हमरा लेल उपलब्धि अछि। संयोग छल जे एहि बेर ई कैतकी धात्रीक गाछ तरक भोज ग्रामीण एवम् आदरणीय श्रेष्ठ अभिभावक श्री उपेन्द्र चौधरीजी ओतय भोग भेटल। बिसरेलो स बिसराइत नहि छैक ई सब। सच मे – कृपा कहैत छी एकरा सब केँ हम।
 
तकलीफक बात एकटा यैह अछि जे आइ ई पवित्र भूमि कूसंस्कारक चपेट मे आबि गेल अछि। हमरे छोट-छोट अनुज सब मे देखैत छी जे निजत्वक पोषण छोड़ि-छाड़ि ‘डीजे धून पर फूइसक नाच’ करैत रहैत अछि। फूहर गीत मे ओकरा सब केँ आनन्द भेटैत छैक – ई विस्मित करैत अछि। फेर सोचैत छी जे युगक प्रभाव भऽ सकैत छैक। मुदा अपने लोकनिक उपरोक्त विध-विधान सँ जियैत जीवन-प्रणाली सँ ई प्रेरणा भेटैछ जे वर्तमान बिगड़ैत युवा समाज केँ सही राह देखेबाक लेल साहित्यिक कार्यक्रम सब करैत रहबाक चाही। आइ निरन्तरता मे रहल विद्यापति स्मृति पर्व समारोह, साहित्यिक गोष्ठी, सम-समायिक विषय पर परिचर्चा आदि एहि सब प्रयासक श्रृंखला थिक। उम्मीद अछि जे एहि सब सँ सुधार औतैक। कारण १०० मे १०० बिगड़ल छैक सेहो बात नहि, १०० मे ५ गो त नीक आइयो छहिये। ५ गो केर नीक प्रयास सँ ९५ मे सुधार एतैक आर आगामी समय ई संख्या बढतैक। बहुत जल्दिये नव-नव परिकल्पना संग आरो सामाजिक हित केर कार्य करब, अपने लोकनि जरुर आशीर्वाद दी।
 
विशेष, एतय सब कुशल सऽ अछि। बेटी-बेटा एक समान, दुनू के होइ एक्कहि सम्मान वला नारा पर सब बच्चा नीक कय रहल अछि। कनी बेटे दुलरपना मे पढाइ पर कम ध्यान दैछ, भगवती सँ ओकरा लेल प्रार्थना करबैक। अपने लोकनि सेहो अपन-अपन स्वास्थ्य एवं दिनचर्या पर सजग रहब। सभक कुशलता लेल हम प्रार्थना करैत छी। हमर माँ केँ सेहो देखैत रहबैक, ओकरा हमरा लग एतय बेसी नीक नहि लगैत छैक, गाम मे अहीं सब लग रहैत आयल अछि…. तैँ कनी दिन रहिकय गामहि जेबा लेल मारि करैत अछि…. ध्यान रखबैक।
 
पुत्रवत् किशोर
 
हरिः हरः!!
पूर्वक लेख
बादक लेख

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