नेपाल भूकंप पीड़ित केँ कविता द्वारा श्रद्धाञ्जलि – मैथिली कवि विमलजी मिश्र

A Nepali boy stands amidst earthquake damage in the ancient city of Bhaktapur in the Kathmandu Valley on April. 28, 2015. Nepal had a severe earthquake on April 25th. Photo by Adam Ferguson for Time

A Nepali boy stands amidst earthquake damage in the ancient city of Bhaktapur in the Kathmandu Valley on April. 28, 2015. Nepal had a severe earthquake on April 25th. Photo by Adam Ferguson for Time

देवा रौ! कोन विधि देलें वियोग!

घर-घर मे मरघट अछि लागल-२

बिलखि रहल यै लोग!

देवा रौ! कोन विधि देलें वियोग!

 

माय बहिन अंगना छलि बैसल

हिया मे गढने सपना सैंतल!

पथरायन नैन बोल फूटै ने-२

बनि गेल स्वर्गक योग!

देवा रौ! कोन विधि देलें वियोग!

 

उजरल माँग चूड़ी सब टूटल

मातु-पिता सब चिता मे लागल

दूधमुहाँ नेना कोना गारब-२

जीवन भरि केँ सोग!

देवा रौ! कोन विधि देलें वियोग!

 

कहू काल अहाँ कियै रूसलौं

कतेक पाप घड़ा हम भरलौं

अर्थी पर अहाँ पलथी मारनै-२

लए छी प्राणक भोग!

देवा रौ! कोन विधि देलें वियोग!

 

धरती हिलल – अम्बर डोलल

थर्र-थर्र सगर भूमण्डल काँपल

हे शरणागत शान्त विश्व-२

अब जुनि करू प्रकोप!

देवा रौ! कोन विधि देलें वियोग!

 

– विमलजी मिश्र, मैथिली गीतकार, दिल्ली

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