अभिनेता अनिल मिश्रा श्रीकांत मंडल सम्मानसँ सम्मानित

दिल्ली, जनबरी १०, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!!

anil mishraमैलोरंग रेपर्टरीक निदेशक द्वारा ६ जनबरी, २०१६ जारी प्रेस विज्ञप्ति मे मिथिलाक सुपरिचित सिने – स्टार ‘अनिल मिश्रा’ केँ श्रीकान्त मंडल सम्मान २०१५ देबाक घोषणा कैल गेल अछि।

मैथिली रंगमंचक प्रतिष्ठित युवा सम्मान रंगकर्मी श्रीकांत मण्डल सम्मान – २०१५ सुपरिचित रंगकर्मी अभिनेता अनिल मिश्रा केँ प्रदान कैल जायत । ई सम्मान मैथिली रंगमंच पर सक्रिय ओहि युवा रंगकर्मी केँ देल जाएछ, जे विगत वर्ष मे मैथिली रंगपटल पर लगातार अपन उपस्थिति दर्ज करेने होइथ । रंगकर्मी श्रीकांत मंडल सम्मान केर संचालन मैथिली लोक रंग ( मैलोरंग रेपर्टरी ) द्वारा प्रति वर्ष प्रदान कैल जाएत अछि ।

रंगकर्मी श्रीकांत मंडल सम्मान – २०१५ केर लेल चयनित युवा रंगकर्मी अनिल मिश्राक जन्म मधुबनी मे भेलनि। ओ मैथिली एवं हिन्दीक स्थापित रंग निर्देशक जेना – कुणाल, प्रकाश झा, किशोर केशव, मुकेश झा, संजय चौधरी, अभिषेक नारायण, रविभूषण, कुमार शैलेन्द्र, रोहिणी रमन झा, श्याम भाष्कर, देवेन्द्र राज अंकुर, भानु भारती, संजय उपाध्याय, आशिफ अली हैदर, परवेज अख्तर, आयशा जुल्का, फिरोज असरफ, प्रेम मटियानी, सुरेन्द्र प्रसाद, बापी बोस आदिक संग रंगमंच पर अपन अभिनय विभिन्न भूमिका मे सफलतापूर्वक प्रस्तुत केलनि अछि।

एखन तक हिनका द्वारा मैथिली भाषा मे लगभग १५ नाटक केर २० सँ बेसी बेर मंचन कैल जा चुकल अछि, जाहि मे प्रमुख अछि – सुन्दर संयोग, मुक्तिपर्व, जल डमरू बाजे, पैघ नटकिया के, मैथिल नारी चारि रंग, ऑरिजनल काम, गाम नै सुतैए, अग्निपथक सामा, लोरिकायन, हीरक जयंति, चान चकोर, देह पर कोठी खसा दिअ’, नहि लागै दुज्जन हासा, छुतहा घैल आदि ।

हिन्दीक लगभग २० नाटक मे अभिनय कय चुकला अछि, जाहि मे प्रमुख अछि – अंधायुग, बड़ा नटकिया कौन, मुआवजे, ताजमहल का टेंडर, कभी लक कभी चांस, दूर देश की कथा, सवा सेर गेहूँ, समरथ को नहि दोष गोसाईं, अंतरनाद, रामलीला प्रसाद, सबसे उदास कविता, डिफेंसलेस क्रिएचर, बापू की हत्या हजारवीं बार, तसलीमा नसरीन की कविताएँ, जमुनिया, अंधेर नगरी आदि ।

अनिल मिश्राक नाम फिल्म एवं टी. वी. क्षेत्र मे सेहो स्थापित अछि । हिनका द्वारा मैथिली, भोजपुरी एवं हिन्दी टी.वी. सिरियल – नैन नै तिरपित भेल, एस. एन. झा के गजबे दुनिया, लाल चुनरिया, स्वर्ग नै बिन मुइने, बिन्देसरा बी.ए. पास, डी. एस. पी. पुरबैया, जंगला मंगला, आब कहू मोन कोना करैयै, जय महाभारत, चाचा चौधरी, भाग ना बाचे कोई आदि तथा हिनकहि अभिनीत महत्वपूर्ण फिल्म – सिंदुरदान, गरीबक बेटी, एक चुटकी सिंदूर, शादी ब्याह, डमरू उस्ताद, छूटत नहि प्रेमक रंग, चट मँगनी पट भेल बियाह, ये कैसी मुहब्बत, जान हो तुम आदि अछि । संगहि ई कतेको रास डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म आर कईएको रेडियो धाराबाहिक मे काज करबाक अनुभव समेटने छथि ।

एहेन ऊर्जावान मैथिली रंगकर्मी केँ ‘रंगकर्मी श्रीकांत मण्डल सम्मान – २०१५’ सँ सम्मान करबाक लेल चयन कैलापर मैथिली लोक रंग ( मैलोरंग रेपर्टरी ) गौरवांवित अछि – कहलनि प्रकाश झा, निदेशक, मैलोरंग रेपर्टरी। संगहि मैथिली साहित्यकार ओ अभियानी अजित आजाद सम्मान करयवला संस्थाक संग निदेशक प्रकाश झा केँ विशेष धन्यवाद दैत रंगकर्मी श्रीकांत मण्डल केर नाम सँ देल जा रहल सम्मान वास्तव मे श्रीकांत प्रति सच्चा श्रद्धाञ्जलि आर सार्थक नाम-प्रकाश करब भेल कहलनि।

मैथिली जिन्दाबाद केर तरफ सँ सम्मानित अनिल मिश्रा केँ बधाई आर मैलोरंग रेपर्टरीक प्रगतिशील सोचक भूरि-भूरि प्रशंसा!!

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