सुप्रसिद्ध उद्यमी पुष्पा झा संग साक्षात्कार

साक्षात्कारः विशिष्ट व्यक्तित्व परिचय सहित

– प्रवीण नारायण चौधरी

अपन मिथिलाक कतेको रास खाद्य पदार्थ आ ओकरा बनेबाक विधि एहेन उपयोगी आ प्रभावकारी अछि जेकरा ब्रान्डिंग आ मार्केटिंग कय केँ उद्यम चलेनाय सहजहि संभव अछि। एहि बात केँ सजीवता सँ संचालन कय रहली अछि पुष्पा झा। मैथिली-मिथिला केर करोड़ों जनता आजुक समय मे सोशल मीडिया मे काफी आगू छथि। करोड़ों मे लाखों सूर्य समान स्वतः चमकयवला तारा समान सेहो छथि। पुष्पा झा एहि तरहक चमकैत सूर्य समान अभरली एक उद्यमी मिथिलानीक रूप मे। मैथिली जिन्दाबाद पर हिनका समान विशिष्ट व्यक्तित्वक परिचय आ साक्षात्कार समय-समय पर प्रकाशित करैत आबि रहल छी। आउ अपनो लोकनि परिचित होउ पुष्पा जी व हुनक प्रेरणादायक उद्यमशीलता सँ।
 
हमः पुष्पा जी संग फेसबुक पर विभिन्न विमर्श मे एक एक्टिव श्रोता-दर्शक रूप मे प्रथम भेल छल। अहाँक वैचारिक सम्प्रेषण आ निजी संकल्प शक्ति हमरा आत्मविद्यासम्पन्न मैथिल समान अहाँक व्यक्तित्वक अनुभूति देलक। मैथिली जिन्दाबाद पर अहाँक साक्षात्कार प्रकाशित करबाक मूल अभिप्राय अहु लेल अछि जे अहाँ अपन एमएस्सी माइक्रोबायोलोजी केर पढाई केँ मिथिलाक पारम्परिक खाद्य परिकार धरि प्रयोग मे आनि एकटा नया आ मजबूत आशा आम मैथिलजन विशेषकय महिला समाज मे जगेलहुँ अछि। कृपया अपन परिचय अपनहि शब्द मे पाठक लेल कोना देब से बताउ।
 
पुष्पाजीः धन्यवाद मैथिली जिन्दाबाद केँ एहि सुअवसर लेल। हमर परिचय सी-डब्ल्यू-टी फूडक्राफ्ट (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड नामक नव कंपनीक संस्थापक-संचालक संग आजुक संसार मे पैकेज्ड आ रेडी टु इट – रेडी फोर कन्जम्पसन (उपभोग्य तैयारी खाद्य पदार्थ) लेल रेसिपी क्रियेटर आ फूड इनोवेटर केर अछि। हम कतेको प्रसिद्ध ब्रान्ड्स सभ लेल ओकरा बनेबाक तरीका पर अपन कन्सल्टैन्सी (परामर्श) दैत छी। फूड ब्लौगर सेहो छी। हमर शैक्षणिक योग्यता एम. एस्सी. माइक्रोबायोलौजी फूड टेक्नोलौजी तथा मैनेजमेन्ट केर अछि। हम उद्यमिता विकास संस्थान पटना सँ पढाई कएने छी। हाल पुणे मे रहि कय अपन उद्यम (उपरोक्त कथित कंपनी) संचालन करैत छी।
 
हमः मैथिली-मिथिला केर विभिन्न गतिविधि पर सेहो अहाँक सक्रिय सहभागिता बेस प्रभावित करैत अछि। समग्र मे अहाँक हिसाबे कि वर्तमान आ केहेन भविष्य देखाइत अछि एहि भाषा-संस्कृति आ प्राचीन सभ्यता केर?
 
पुष्पाजीः मिथिला मैथिली के विभिन्न गतिविधि जे अपन पूर्वज के देल अछि ओ सब गतिविधि वैज्ञानिक आ सामाजिक दृष्टि सँ बहुत हद तक लौजिकल (तर्कपूर्ण) अछि। मुदा किछु अज्ञान लोक केर अज्ञानता एवं आधुनिकता के ढकोसला मे बलि के बकरा बनि गेल बुझाइत अछि। और एकर शुरुआत अमेरिकन टर्म मे कहल गेल बेबी बूमर जेनरेशन सँ भेल अछि। तथापि जाहि हिसाब सँ क्षति भेल ओहि हिसाब सँ नवयुवक (नया पीढी) सब पुनः अपन जड़ि केँ मजबूत करय मे लागि गेल सेहो देखाइत छथि। मिथिला मैथिली के भविष्य हमेशा सुरक्षित अछि आ रहत। किछु विषय मे सोच में अगर परिवर्तन आबय त आरो बढ़िया होयत। जेना उद्यमिता मे सहयोग एवं विकास, ग्रामीण महिला मे आत्मनिर्भरता अनबाक जागरुकता, विज्ञान एवं तकनीकी के सहयोग सँ गाम मे रोज़गार के अवसर बनेबाक सोच तथा कृषि में विज्ञान और नगदी फसल उपजेबाक दिशा मे जनजागरण। मिथिला मे बहुत रास संभावना अछि, बस कनेक जनजागरण आ सामूहिक प्रयास सँ एतय विकास स्वतः होबय लागत।
हमः महिला सहभागिता कोनो समय नगण्य छल मैथिल समाज मे, लेकिन आजुक संसार मे महिला लोकनि पुरुषहु सँ बेसी सक्रिय आ अग्रसोची होयबाक प्रमाण राखि देलीह कतेको दृष्टिकोण मे। अहाँ जाहि तरहें भारत व बाहरहु देश मे एक मैथिल कारपोरेट महिलाक रूप मे देखा रहल छी तेकर सक्सेस स्टोरी कि अछि?
 
पुष्पाजीः हम कॉलेज मे एकेडमिक एवं रीसर्च फिल्ड सँ जुड़ल रहलहुँ। किछु वर्ष पूर्व हमर श्रीमान् केँ कुआलालंपुर (मलेशिया) मे जौब रिलोकेशन भेलन्हि। जखन ओतय गेलहुँ त किछु दिन के बाद हमरा मे अजीब सेन्स अफ वर्थलेसनेस (बेकाजक होयबाक अनुभूति) महसूस भेल, कियैक कि जतय पहिने हमेशा हमर जीवन व्यस्तता मे बीतल ओतय अचानक सँ अपना पास कोनो काज नहि होयब हमरा बेर-बेर सोचय लेल मजबूर करय। हमरा लेल दिन बितेनाय बहुत कठिन भऽ गेल छल। मलेशिया मे हम नौकरी लेल एलिजिबल नहि छलहुँ। तखन आब कि करू! भानस भात के कनीमनी शौक छल। सोशल मीडिया पर धीरे धीरे भानस के पोस्ट देनाइ शुरू केलहुँ। लोक सबकेँ हमर बनेबाक विधि बहुत पसंद आबय लागलन्हि। कुआलालंपुर मे हमर एकटा प्रशंसक हमरा सँ पहिल आर्डर लेलथि। फेर एकटा रिव्यू हमर पूरा ज़िन्दगी केँ बदलि देलक। तेकर बाद कूकिंग वर्कशाप केर संचालन करैत २२ विभिन्न देश केर महिला केँ अपन भानसक विशेष विधि सीखा चुकल छी। थर्ड पार्टी टाइ अप्स, कैटरिंग, एहि सब तरहक बहुतो काज मे व्यस्त भ गेलहुँ। एक्सपैट्स (प्रवासी) सभक बीच हमरा खूब प्रसिद्धि भेटल। फेर हम बहुत कठिन निर्णय लेलहुँ जे भारत वापस आयब, कियैक तऽ मलेशिया मे हम टेम्पोरेरी (अस्थायी) छी। कियैक न पुणे (कर्मभूमि) वापस जा कय अपन उद्यम शुरू कयल जाय। २०१९ मे पुणे वापस आबिकय दीवाली मे १०केएम के अंदर अपन बिजनेस प्रोटोटाइप केँ शुरू कयलहुँ। जीरो सँ पुनः शुरुआत! कस्टमर फीडबैक सफल छल। एहि बीच मे १ टा प्रतिष्ठित कंपनी लेल मखान केर वैल्यू एडेड ५ टा प्रोडक्ट्स तैयार कयलहुँ। जेकरा प्रदर्शनी मे लगायल गेल आ मंत्रीगण के द्वारा बहुत प्रशंसा भेटल। मुदा एहि प्रोडक्ट्स मे हमर पहचान कतहु नहि छल, कियैक तँ हमर अपन कोनो रजिस्टर्ड संस्था नहि छलय। फेर हम अपन कंपनी केर स्थापना अगस्त २०२० मे कयलहुँ। आब सब प्रोडक्ट्स अपन ब्रान्ड केर तहत बनब शुरू भऽ गेल अछि। दूरगामी परिणाम आ सफलता लेल कठिन परिश्रम, एकाग्रता, एनालिटिकल थिंकिंग (विश्लेषणात्मक सोच), सकारात्मक सोच, परसिस्टेन्ट (दृढ), विनम्रता, गलती सँ सीख, सफल उद्यमी केर अनुशरण और संग में एकटा उचित वक्ता (क्रिटिक) बहुत आवश्यक अछि।
 
हमः अहाँ समान उद्यमी आरो लोक सब बनथि ताहि लेल कि सन्देश दय लेल चाहबनि?
 
पुष्पाजीः उद्यमिता एकटा तपस्या के समान थिक। एहि लेल मानसिक रूप सँ सशक्त, अपना आप केँ बाजार आ प्रोडक्ट लेल पुर्ण रूप सँ प्रशिक्षित करू। प्रशिक्षित भेनाइ जरूरी अछि। दूरदृष्टि, लोक आ परिवार केर सहयोग, उच्च मनोबल, सकारात्मक सोच आ व्यवहार-कुशल बनिकय उद्यमक सफल संचालन कय सकैत छी।
 
 
हमः पैकेज्ड आ प्रीजर्व्ड फूड लाइन सँ अन्य ट्रेडिशनल फूड हैबिट जे मिथिलाक अछि तेकरा आजुक संसार मे कमर्सियलाइज करबाक आर केहेन संभावना देखैत छी?
 
पुष्पाजीः संभावना हरेक चीज केर होइत छैक। अगर नहि त पहिने बाजार बनायल जा सकैत अछि, उत्पाद, मूल्य आ उपभोक्ता मुताबिक बाजार बना सकैत छी। कोनो उत्पाद केँ यदि पहिल बेर बाजार मे उतारब तेकरो लाभ भेट सकैत अछि। सीडब्ल्यूटी फूडक्राफ्ट के ठेकुआ, ठेकुआ कूकीज एकर सशक्त उदाहरण थिक। गुजराती, मराठी, पंजाबी, बंगाली एवं उत्तर भारतीय केर बीच एकर लोकप्रियता, बाजार के नव निर्माण कय केँ बनाओल गेल अछि। नहि त ठेकुआ केर पहिचान बहुते सीमित छल। मिथिला केर पारंपरिक जे कोनो पकवान आ सूखा तरकारी सब अछि ओकर शेल्फ लाइफ आ क्वालिटी कंट्रोल अपन पूर्वज सभक देल एकटा पैघ उपहार थिक। एकरा बहुतो ढंग सँ ब्रांडिंग कय सीधे उपभोक्ता तक पहुँचा सकैत छी। मुदा कोना कयल जाय ताहि लेल उद्यमी भेनाइ आवश्यक छैक। गुजरात केर लिज़्ज़त पापड़ मिथिला केर सुदुर इलाका मे भोजभात आ भन्सा घर के हिस्सा बनि गेल लेकिन अपन भोजभात मे अपनहि मिथिलाक बेसी उपयुक्त आ जरूरी उत्पाद चरौरी केँ स्थान नहि भेटल। गलती एतहि सँ भेल। अचार, आमिल, अमठ, तीसी, अदौरी, चरौरी, अलग तरहक बरी, बिरिया, तुलसी फूल के चाउर, मखान, पकवान, खाजा, बालूशाही एवं अन्य – मिथिलाक मौलिक कतेको तरहक अपन पकवान आ स्वाद अछि। मुदा ब्रान्डिंग केर अभाव मे ई सब मिथिलहु सँ लोप होमय लागल अछि। ब्रांडिंग के बिना कोनो मोल नहि छैक ग्लोबल स्तर पर। स्पेशियलाइज्ड फूड ज्वाइन्ट्स, रेस्टोरेंट एवं पर्यटन सेहो अहम कड़ी छैक कमर्सियलाइज करय के।
 
हमर अनुभव मुताबिक शुरुआती दौड़ मे ई बिज़नेस बिना कोनो इन्वेस्टमेंट सँ शुरू कयल गेल अछि। शून्य से शुरुआत! आ ओकर बाद जे मुनाफा भेल ओ कंपनी लेल लगायल गेल। बिना कोनो सहायता के सेल्फ फंडेड अछि। बाजार के रिस्पौन्स मनोबल बढबय वला अछि। हमर सबसँ पहिल आर्डर जे मलेशिया मे भेटल से ५०० ग्राम के छल। घरहि मे उपलब्ध रा-मेटेरियल सँ बनेलहुँ। तेँ हम यैह कहय चाहब जे बस सोच मजबूत राखू, उद्यमशीलता अपनाउ आ सफल उद्यमी बनि जाउ।
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