आधुनिक मिथिला मे नारी के योगदान

दहेज मुक्त मिथिला के पैघ सदस्य के प्रणाम, छोट के आशीष…
ई बेरि के टाॅपिक अछि ….#आधुनिक_मिथिला_मे_नारी_के_योगदान
अहाँ सब से आग्रह अछि,जेँ अहाँ सब लिखूँ।
पिछला बेरि के टाॅपिक –“अहाँ बिन” पर लिखनिहार सब रचनाकार ई बेरि विजेता छी,अहाँ सब से आग्रह अछि जेँ अहाँ सब अप्पन अप्पन फोटो,हमर ई पोस्ट मे दियो…

आधुनिक मिथिला मे नारी के बहुत रास योगदान अछि। पहिने रहे कि नारी के काज भनसा तक ही छै,मुदा आधुनिक मिथिला के नारी पुरूष के कदम मे कदम मिला के चलि रहल छथि।सब क्षेत्र मे नारी काज करि रहल छथि।
सब क्षेत्र मे सफलता मिल रहल अछि। पुरूष से कनियो नै कम,जेँ काज के ठेनि लेत छी,आय के हम सब आधुनिक नारी,ओकरा अवश्य पूरा करेत छी।
आधुनिक मिथिला मे आब बहुत किछ उपलब्ध भौ गेल अछि,ई लेल आधुनिक नारी के कुनू भी क्षेत्र मे आगा बढ़ि रहल अछि। ई मे इन्टरनेट के भी बहुत पैघ योगदान अछि। इन्टरनेट के माध्यम से हम सब आधुनिक महिला के घर बैसल सब किछ के जानकारी उपलब्ध भौ जाएँत अछि।
ऐखनो धरि किछ लोग के मानसिकता बदलबाक अछि,हुनक मानना अछि,जेँ नारी के काज भनसा तक ही अछि।ओ पैघ काज नहि करि सकेत अछि।दहेज के माँग करेत अछि।जेँ कनिया अप्पन माय- बाप,घर- आँगन छोड़ि के अहाँक घर मे तन- मन आ धन अर्पित करत,तखनो दहेजक माँग,ई उचित नहि।हम सब मिलकरि प्रण ली,की कहनो भी दहेज के माँग नहि करि।
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भावना मिश्रा

नई- दिल्ली।

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