आधुनिक मिथिला मे नारी के योगदान

  • आधुनिक मिथिला में नारी के योगदान पुरुष स बेशी कही त अतिशयोक्ति नहि / ओना देखल जाइ त , पुरातन काल में सेहो मिथिला में नारी के योगदान बढि क रहल अछि जेना की हमरा सब के ज्ञात अछि देवासुर संग्राम में रानी कैकेयी राजा दशरथ के रथ चालिका रहथि आ जखन हुनकर रथक कील टूटी गेल त ओ अप्पन अंगुरी लगा कय रथ के ठार रखलथि /जनकनंदनी सीता लव – कुश के प्रारंभिक सब शिक्षा दय तीर – धनुष चलेनाय सेहो सिखौलनि एहि तरहे देखु त बहुत उदाहरण भेटत मुदा, एखुनका तुलना में संख्या कम देखल गेल /
    बुद्धि के अनेक प्रकार अछि जेना कि, 1) भाषायी बुद्धि
    2) संगीतीय बुद्धि
    3) गणित आ तार्किक बुद्धि
    4) स्थानिक बुद्धि
    5) शारीरिक आ गत्यात्मक बुद्धि
    6) एक – दोसर के बुझय के बुद्धि
    7) स्वयं के बुझय के बुद्धि
    8) प्राकृतिक बुद्धि
    9) आध्यात्मिक बुद्धि
    एहि तरहे गौर करु त कोनो एहन क्षेत्र नहि अछि जाहि में मिथिला के नारी नजरी नहि औती आ खाली नजरी नहि, अपितु बखुबी निभाबैत नजरि अबैत छथि /बखूबी के चर्चा भेल त एकटा प्रसंग मोन परि गेल दरभंगा में एकटा गेनिक डाक्टर छथि आशा मिश्रा अप्पन मिथिला के, जिनकर प्रसिद्धि पति स बढि क छैन पति सेहो डाक्टर छथिन /हुनकर क्लिनिक में एकटा महिला लड़की के जन्म देली महिला के प्रसव के दौरान हुनकर ननैद संग में रहथि जखन ननैद लेबर रूम स निकली त भाई पुछलखिन – बहीन की भेलै ? बहीन कनी उदास मोन स बजली – बेटी भेली! भाई तुरत जबाब देलखिन – आशा मिश्रा त ककरो बेटीय छथि /नारी के एहनो योगदान अछि जे वर्तमान के सोच बदलि दिए /
    एक बेर अप्पन गाम में भगवती स्थान स अबैत रही त, पाछु में दु – तीन टा लड़की आपस में अंग्रेजी में बात करैत सुनेली आश्चर्य भेल गाम में के अंग्रेजी में वार्तालाप करैत छथि ? तखन देखलौ त वेह मगनु कक्का के बेटी तीनु जिनका जन्मक उपरांत समाज उदासी देखबैत रहथि मुदा , हुनकर सबहक कृति एहन भेल जे उदाहरण बनि गेलैथ /
    एहि उत्थान में आ उत्थान स योगदान में मोबाइल फोन सेहो एकटा साधक अछि ओना त एकर बहुत लोक दुरूपयोग सेहो करैत छथि मुदा, ई त व्यक्ति के ऊपर अछि मोबाइल के माध्यम स पढाई वा जतेक आर हुनर अछि से एक – दोसर तक पहुँचबैत छी /नारी के योगदान एक माँ के रुप में एक पत्नी के रूप में बहुमुल्य अछि एक माँ बच्चा के पहील गुरु छथि आ पत्नी जीवन भरी निर्वाह करैत पति के मरणोपरांत हुनकर अर्धांगिनी बनि अधुरा काज के पुरा करैत छथि /
    मुदा, किछु क्षेत्र में आधुनिक नारी में ह्ररास सेहो भेल अछि जेना कि, आपसी सामंजस्यता, सास – ससुर के प्रति सेवा भावना मुदा, हमरा सबके एहि के प्रति नजर चोरेनै नहि अपितु नजर उठेनाय के आवश्यकता अछि जाहि स भविष्य में कियो मिथिला नारी में कोनो तरहक मिसियो त्रुटि नहि निकालि पाबैथ /
    धन्यवाद जय मिथिला 🙏🙏
  •           बेबी झा
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