कोरोना सँ भय नहि बल्कि सुरक्षा उपाय अपनेनाय जरूरी

कोरोना आ हम

हमर किछु प्रिय पाठक लोकनिक अनुरोध पर ई लेख लिखि रहल छी। एहि कोरोनाकाल में सम्भवतः ई लेख जनसामान्य लेल उपयोगी होयत। विदित हो जे पिछला 12 दिन सँ हम कोविड 19 (SARS CoV 2) पॉजिटिव छी, एखनहुँ आइसोलेशन में रहैत स्वयं केर रोगनिरोधी सामर्थ्य (immunity) केँ बेहतर बनेबाक प्रयास कय रहलहुँ अछि। पूरे विश्व एहि महामारी सँ त्रस्त अछि आर कतेको मनुष्य एकर शिकार बनि जेबाक दुर्भाग्यपूर्ण समाचार हर दिन हर पल भेटि रहल अछि। तथापि मानव संसार अपन सकारात्मक ऊर्जा सँ आगू बढ़ि रहल अछि, एहि भयावह स्थिति में स्वयं केँ सम्हारि रहल अछि, यैह सच्चाई थिकैक।

जखन चीन में ई बीमारी पसरब आरम्भ भेलैक त दूर संसार मे एकर भयावहता ओतेक बेसी नहि बुझेलैक। मुदा किछुए मास में ई रोग महामारी बनिकय सौंसे संसार केँ अपन गिरफ्त में लय लेलक। एहि महामारी केर पसरबाक गति केर समूचा तथ्यांक पर दृष्टि देला सँ पता लगैत छैक जे एकर प्रसार गति कतेक भयंकर रूप धारण कोना आ कतय कयलक, कतेक लोक केँ अपन ग्रास बनौलक, आदि। एहि बीच मे सूचना प्राप्ति केर लगभग हरेक स्रोत एहि जोड़ घटाव में लागल देखाइत अछि, कोरोना आ सिर्फ कोरोना सभक मन मस्तिष्क में अपन राज कायम कय लेलक। कतबो कियो एहि सँ मुक्त रहबाक दाबी करय धरि अंतर्मन एकर भयावहता सँ आक्रांत रहल अछि।

होली मनेबाक समय हमरो सब केँ चेतावनी भेट गेल छल कोरोना प्रति। लेकिन तहिया मजाक बुझायल। फेर संक्रमण आ सिम्प्टोमैटिक असिम्प्टोमैटिक केर खबरि अपनहि चारू बगल नजदीक तक पहुँचि गेल। लॉकडौन आ घरहि में समेटिकय रहयवला स्थिति सेहो देखबे कयलहुँ। जीवनक परम् जरूरी बात शिक्षा आ शिक्षालय तक बन्द कय देल गेल। अनिवार्य सेवा छोड़ि सब किछु ठप्प पड़ि गेल। जीवनक सम्पूर्ण चर्या आ शैली एहि तरहें प्रभावित होइत मानव त्रास आ अनिश्चितता में एखन धरि जियय लेल बाध्य अछि। जतेक धरि सम्भव भेल ततेक उपाय सँ सब अपन अपन जान बचेबाक चेष्टा कय रहल छी। लेकिन तेकर बावजूद कतेको प्रियजन एहि लोक सँ परलोक गमन कय गेलाह एहि खतरनाक आ लाइलाज बीमारी केर कारण।

ईहो सच छैक जे एहि बीमारी केर विषय मे कय तरहक भ्रम, भ्रान्ति आ भाषण मनुष्य लेल आर बेसी खतरनाक साबित भ रहल छैक। जतेक मुख ततेक बात! एखन धरि सटीक जानकारी एकरा सम्बन्ध में मानव जाति केँ सम्भवतः प्राप्त नहि भ सकलैक अछि…. तखन सटीक इलाज केर अवस्था कि हेतैक से स्वतः बुझय योग्य बात भेलैक। एहेन अवस्था मे नीम हकीम खतरे जान में कतेको लोक लेहेब भ रहल अछि। अंठेकानी पंचे डेढ़ सय! यैह चलि रहल अछि चारू दिश। तेँ व्यक्ति व्यक्ति केर स्वयं केर जिम्मेदारी बढ़ि गेल अछि जे अपन अपन शरीर आ तेकर स्वास्थ्य प्रति पूर्ण जागरूक रहिकय सामान्यतः जे सब बीमारी आ लक्षण सँ परिचित अछि ओतबे धरि सीमित रहैत ई अन्जान बीमारी कोरोना प्रति शंका-आशंका में एकदम नहि फँसय, हम सर्वप्रथम एतबे आग्रह सब सँ करब। मनोवैज्ञानिक तौर पर ई आशंका बहुत खतरनाक अछि एना बहुतो रास केस में देखल गेल अछि, अतः कृपया अनेरे दुविधा में कियो नहि पड़ब से विनम्र निवेदन।

हमर व्यक्तिगत अनुभव

उपरोक्तानुसार स्वयं दुविधा में फँसल लोक आइ एहि महामारी केँ स्वयं में होयबाक भोग भोगि रहल छी। लगभग स्वयं केँ आश्वस्त कय लेने रही जे ई रोग किछु नहि छियैक। शरीर मे आर कोनो रोग यदि अपनहि गलत खानपान केर अथवा शरीरक उचित देखभाल नहि करबाक कारण रहल त ई संक्रमण रोग कोरोना खतरनाक साबित होयत – ईहो हमर मन मस्तिष्क में बैसल एहि महामारी केर सम्बन्ध एक कठोर सच थिकैक। मेडिकल साइंस, आयुर्वेद, योग विद्या, शारीरिक शिक्षा आदि केर कहब सहिये अछि जे अपन खानपान आ रहन सहन में शरीर केर रक्षा सर्वोपरि बुझि सचेत रहिकय जीवन जीबी। बस।

निरन्तर 8 मास सँ भोर-साँझ वॉकिंग, यथासंभव व्यायाम, संतुलित आहार आ स्वच्छता केर विशेष ध्यान रखैत रहलहुँ। भाफ लेबाक विशेष सावधानी सेहो स्वयं सहित सपरिवार अपनेलहुँ। सोशल डिस्टनसिंग केँ सेहो यथासंभव प्रयास कयलहुँ। लेकिन चूक सब किछु में होइत रहल। यदाकदा मांसाहार केर कारण परेशानी, कहियो ब्लड प्रेशर हाई त बीच मे शुगर लेवल सेहो बढ़बाक पता चलल, कहियो डिस्टनसिंग मेंटेन नहि भ सकल, आर एहि तरहें नवम्बर में अबैत अबैत अपनो भ गेलहुँ कोरोना पॉजिटिव। हमर कार्यालय में सेहो लगभग सब नजदीक उठ बैस करनिहार पूर्वहि में पॉजिटिव आबि गेल छल। तेँ ईहो आशंका सदिखन रहल जे हम सेहो कखनहुँ पॉजिटिव आबि सकैत छी, आ से तहिना भेल। लेकिन सच पुछू त कोरोना पॉजिटिव रहितो स्वयं में कोनो लक्षण नहि देखायल सिवाये एक दिन अत्यधिक शरीर दर्द आ बुखार, पुनः 3-4 दिन सामान्य शरीर दर्द आ माथ दर्द, हल्का बुखार, फेर 4-5 दिन बादो नाक बन्द आ सांस में समस्या, आ अनावश्यक डर जे कखन कि होयत, घर परिवार के कि होयत, बीपी शुगर केर कि होयत, ऑक्सिजन लेवल कम नहि भ जाय, आदि।

शुरू में कोरोना नहि बल्कि हमरा सामान्यतया जेना वायरल फीवर होइत अछि सैह बुझि केवल पैरासिटामोल केर सेवन करैत आ सन्चो (एक तरहक विक्स) केर भाफ लैत 4 दिन धरि स्वस्फूर्त रोगनिरोधी क्षमता सँ बचबाक चेष्टा कयल। पुनः शरीर के दर्द कम नहि होइत देखि एंटीबायोटिक क्लेवम 625 केर डोज लेल, दर्द निवारक डिक्लोताल एसआर लेल। मात्र 2 दिन में ठीक भ गेल तेना लागल। तदापि सार्स कोविड केर पीसीआर टेस्ट कराएब आगू स्वयं संग परिवार आ स्राउंडिंग लेल आवश्यक बुझि जांच कराओल। बुध केँ प्रथम लक्षण देखेला बाद सोम दिन लगभग स्वस्थ अवस्था मे टेस्ट ई सोचिकय कराओल जे 99% हम निगेटिव छी। मुदा साँझ 8 बजे रिजल्ट पॉजिटिव आबि गेल। रिजल्ट सुनिते फेर बीमार!😊 फेर चेक करय लगलहुँ जे हमरा में कि सब लक्षण अछि। मुदा सच पुछू त अपना भीतर सँ आवाज आबय जे कोनो लक्षण नहि! लेकिन नाक त बन्द रहय! मुंह सँ सांस नहि तानी त बेचैनी हुए। फेर भाफ लेलहुँ, दबाई निरन्तरता में लेलहुँ, कोहुना नींद भेल, राति कठिनता सँ काटल।

ऐगला दिन सजग भ छोट भाइ जे दबाई के जानकार अछि ओकरा सँ सब किछु शेयर कयल। ओ तुरन्त दबाई के लिस्ट पठा देलक। नाक जे बन्द छल से ओत्रिविन ड्रॉप लेबय कहलक। 2 बूंद में दुरुस्त!😊 डर 90% नॉर्मल!😊 तखनहि निर्भय जीक साला साहब जे चेन्नई में डॉक्टर छथि, हुनका सँ गप करैत अपन सब आपबीती कहल। तखन ओ सब बात ढंग सँ बुझेलथि। ऑक्सिमिटर आ शुगर लेवल टेस्ट मशीन किनय कहलथि। बुझेलथि जे यदि ऑक्सिजन लेवल 95 सँ कम हुए त सीधे अस्पताल में भर्ती होउ अन्यथा जे एंटीबायोटिक लय रहल छी से 5 दिन कंटीन्यू करू, आ आरो किछु सप्लीमेंट्री दबाई लिखिकय पठा रहल छी सेहो समय सँ लिय। सब किछु आनलथि मैडम। ऑक्सिजन लेवल 98 आयल, यानी सेफ रही।

कोनो दबाई चेन्ज नहि कयल कारण आंतरिक रूप सँ सुरक्षित आ स्वस्थ बुझा रहल छल सिवाय नाक बन्द आ सर्दी, हल्का खोंखी के। लेकिन एतेक त सामान्य तौर पर जे पहिने सेहो भेल करय वैह छी, तखन केवल टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव भेने अनावश्यक चिन्ता करी से खतरनाक होयत, यैह सोचिकय शान्त रही। हँ, राति सँ एलिग्रा, बी कॉम्प्लेक्स विद जिंक आ जिंक तथा अस्विट विटामिन सी टैबलेट सेहो लेनाय शुरू कय देलहुँ। भगवती कृपा सँ सब किछु नियंत्रित रहल। पिछला कतेको मास सँ लैत आबि रहल गुड़ीच संग तुलसी पत्ता, अदरख, मरीच, हल्दी पाउडर आदिक काढ़ा आ भाफ लेनाय निरन्तरता में अछि। एहि तरहें अपना पूर्ण स्वस्थ बुझाइत अछि। एम्हर शारीरिक व्यायाम आ वाकिंग सेहो घरक छत पर निरन्तरता में अछि। रूटीन में जीवनचर्या बहुत जरूरी अछि। बस! इंफेक्शन सँ स्वयं बचू, दोसरो केँ बचाउ।

हरि हर!!

बादक लेख

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