अपराजिता फूल केर विशेषता

साभार रमण दत्त झा केर फेसबुक पोस्ट

अपराजिता

अपराजिता लता वाला पोधा अछि . एकर विशेष उपयोगिता दुर्गा देवी तथा माँ काली क पूजा मे उपयोग कायल जाइत अछि | नवरात्री क विशिष्ट अवसर पर अपराजिता क टहनि क पूजा सेहो होयत अछि |

अपराजिता क ऊपर बहुत सुंदर फूल खिलल रहयत छै , गर्मी क कुछ दिन के छोड़िके शेष पुरा वर्ष एकर लता पुष्प क श्रृंगार केने रहैत अछि | अपराजिता पुष्प भेद क कारण दू प्रकार होयत अछि नील पुष्प तथा श्वेत पुष्प वाली | नील पुष्प वाली क कृष्ण कांता और श्वेत पुष्प वाली क विष्णु कांता कहल जाएत छै | अपराजिता का पुष्प सीप क भांति आगु क तरफ गोलाकार होयत पाछू क तरफ संकुचित होयत चल जाएत अछि | पुष्प क मध्य मे एक और पुष्प होयत अछि .

अपराजिता क जड़ि क विधिवत आमंत्रित क पूजित क धारण केला स भूत प्रेत क समस्या और ग्रह दोष सभक निवारण होयत छै | अपराजिता का उपयोग, बिच्छु दंश में, भूत बाधा में और वशीकरण करय मे होयत छै |.

अपराजिता क फूल शनिदेव, श्रीहरि विष्णु, श्रीकृष्ण और लक्ष्मीजी क नील रंग क फूल बहुत प्रिय छैन्ह।
भगवान विष्णु, शिव और मां दुर्गा क विशेष मुहूर्त और दिन मे नील रंग क अपराजिता पुष्प अर्पित केला स सव मनोकामना पूर्ण होयत छै ।ई नकारात्मक ऊर्जा के ख़त्म करैत अछि .

ओम दुर्गादेव्ये नमः 🙏

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