७ वर्ष बाद मात्र अंगीकृत नागरिकता देबाक बहुमत सँ निर्णय, कांग्रेस आर जसपा केर फरक मत

पुरान समाचार – सन्दर्भ लेल मात्र

नागरिकता विधेयक बहुमत सँ पास

समाचार साभारः
राज्य व्यवस्था समितिक बैठक

प्रतिनिधिसभाक राज्य व्यवस्था तथा सुशासन समिति द्वारा नेपाली पुरुष सँ विवाह कयनिहाइर विदेशी महिला केँ ७ वर्ष स्थायी बसोबास कयलाक बादे टा अंगीकृत नागरिकता देबाक व्यवस्था सहितक नागरिकता विधेयक बहुमत सँ पास कयल गेल अछि । समितिक ई निर्णय मे विपक्षी नेपाली कांग्रेस तथा जनता समाजवादी पार्टी (राजपा र समाजवादी) द्वारा फरक मत राखल गेल अछि ।

वैवाहिक अंगीकृत नागरिकताक विषय पर सहमति नहि जुटि पेबाक कारण नागरिकता सम्बन्धी विधेयक पैछला दुइ वर्ष सँ राज्य व्यवस्था समिति मे अटकल छल । पिछला बेर २७/२८ भादव २०७६ केर दिन एहि पर सहमति जुटेबाक प्रयास भेल छल । मुदा दल सब समय मंगलाक बाद रुकल रहल समिति द्वारा यैह बीतल २ गते आषाढ मे नेपाली पुरुष सँ विवाह कयनिहाइर विदेशी महिला केँ ७ वर्ष बाद नागरिकता देबाक प्रस्ताव आनल गेल अछि । प्रमुख विपक्षी कांग्रेस द्वारा एखुनके व्यवस्था अनुसार हुअय पड़ल कहल गेलाक बाद सहमति लेल सरकार ५ दिनक समय मंगने रहय । प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली द्वारा वृहस्पति दिन कांग्रेस नेता सभक संग परामर्श सेहो कयल गेल । लेकिन शनि दिन सत्तारुढ नेकपा द्वारा ७ वर्ष बाद मात्र अंगीकृत नागरिकता देबाक निर्णय कयल गेल । रवि दिन राज्य व्यवस्था समिति द्वारा बहुमतक आधार पर यैह निर्णय कयल गेल अछि ।

एहि अनुसार नागरिकता ऐन संशोधन भेलापर विदेशी महिला द्वारा नेपाली पुरुष सँ वैवाहिक सम्बन्ध कायम भेलापर नेपाल मे निरन्तर सात वर्ष स्थायी बसोबास कयलाक बादे टा अंगीकृत नागरिकता प्राप्त कयल जा सकत । नागरिकताक लेल आवेदन देबाक समय स्थायी बसोबास कयल वडा कार्यालय द्वारा कयल गेल सिफारिसक संग विदेशी नागरिकता वा ओहि तरहक राष्ट्रीयता जनाबय वला प्रमाणपत्र नहि लेल जेबाक केस मे तेकर प्रमाण वा लेल जेबाक केस मे परित्यागक लेल कारबाही चलेबाक प्रमाण सेहो पेश करय पड़त ।

अंगीकृत नागरिकता नहि भेटबाक समय धरि आर्थिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक अधिकार उपभोग करय पेबाक हिसाबक ‘स्थायी आवासीय अनुमति पत्र’ देल जायत । एहि अनुमतिपत्रक आधार मे चल-अचल सम्पत्ति आर्जन करब, भोग करब, कीनब-बेचब करब, व्यावसायिक लाभ प्राप्त करब आर अन्य कारोबार कयल जा सकत ।

तहिना, विभिन्न किसिम केर पेशा आर व्यवसाय सञ्चालन करब, उद्योग, व्यापार तथा व्यवसाय सञ्चालन कयल जा सकैत अछि । तहिना, जन्म, मृत्यु, विवाह, सम्बन्धविच्छेद, बसाइँसराइ जेहेन व्यक्तिगत घटना दर्ता आर राष्ट्रीय परिचय पत्र सेहो लेल जा सकैत अछि ।

अंगीकृत नागरिकता लेलाक बाद एहेन स्थायी आवासीय अनुमतिपत्र स्वतः खारिज भऽ जायत ।

कांग्रेस आर जसपाक फरक मत

७ वर्ष बाद मात्र अंगीकृत नागरिकता देबाक समितिक निर्णय मे प्रमुख विपक्षी नेपाली कांग्रेस आर जनता समाजवादी पार्टी (राजपा आर समाजवादी) द्वारा फरक मत राखल गेल अछि ।

ई निर्णय संविधानक मर्म विपरीत होयबाक बात दुनू दलक सांसद लोकनि बतेलनि अछि। कांग्रेस सांसद दिलेन्द्रप्रसाद बडू, देवेन्द्रप्रसाद कँडेल, डिला संग्रौला पन्त, अमरेशकुमार सिंह, मीना पाण्डे आर विनोद चौधरी द्वारा समिति मे राखल लिखित फरक मत मे कहल गेल छैक, ‘संघीय कानुन बनेबाक लेल संविधान सँ नहि बाझय केर हिसाबे बनेबाक चाही, लेकिन हाल प्रस्तावित नेपाल नागरिकता विधेयकक संशोधित व्यवस्था द्वारा संविधानहि केँ संशोधन करबाक जरूरत होयबाक चलते ई त्रुटिपूर्ण भऽ गेल अछि ।’

वर्तमानहि जेकाँ विवाह कयलापर अंगीकृत नागरिकता प्राप्त करय पड़ल से दुनू दलक मत अछि । राजपा संसद राजेन्द्र महतो कहैत छथि, ‘अंगीकृत नागरिकक सन्दर्भ मे जे बन्देज लगेबाक रहय, संविधान मे लगायल जा चुकल अछि । एखन फेर ७ वर्षक प्रस्ताव कियैक ?’

जनताक भावना मे ठेस पहुँचाबयवला कानुन बनाकय कि सन्देश देबय चाहि रहल अछि से अपना केँ बुझय मे नहि एबाक बात सेहो ओ कहलनि । नागरिकता राष्ट्रियता सँ सेहो जुड़ैछ कहैत ओ कहलाह, ‘वैवाहिक सम्बन्ध द्वारा हमरा सभक राष्ट्रीयता मे कहिया बाधा पड़ल ? नहि त फेर ई कोन कारण सँ जनता आर ओकरा सभक सम्बन्ध केँ दण्डित करय केर प्रयास कयल जा रहल अछि ?’

राजपाक महतो संगहि राजकिशोर यादव आर समाजवादीक राजेन्द्र श्रेष्ठ तथा रामसहाय यादव सेहो संयुक्त रुप मे समितिक निर्णय मे फरक मत दर्ता करौलनि अछि ।

तहिना, सांसद वृजेशकुमार गुप्ता द्वारा सेहो समितिक निर्णय मे अपन फरक मत राखल गेल अछि ।

९ गते संसद मे पेश करबाक तैयारी

राज्य व्यवस्था समितिक प्रतिवेदन सहित नागरिकता विधेयक परसू संसद मे पेश करबाक तैयारी अछि ।

समितिक रवि दिनक बैठक मे गृहमन्त्री रामबहादुर थापा बादल कहलाह कि नागरिकता विधेयक संसदक कोर्ट मे अछि । सरकारक धारणा विधेयक होयबाक बात कहैत ओ कहलाह, ‘एहि मे संशोधन करनाय, नहि करनाय संसद आर माननीय लोकनिक कान्ह पर आयल अछि । जे जिम्मेवारी दुइ वर्ष धरि पूरा नहि कयल जा सकल छल ।’

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