कि मलकोका आ ब्रह्मकमल फूल एक्के थिक?

२२ जुलाई २०२०। मैथिली जिन्दाबाद!!

पूर्व मे प्रकाशित एक लेख (लिंक http://www.maithilijindabaad.com/?p=6255 ) ‘मिथिलाक पाबैन चौरचनः एक संस्मरण’ मे मलकोका फूलक चर्चा आयल छल जाहि पर एक सज्जन मनीष झा आइ बड अनुपम जानकारी ‘जिज्ञासा’ केर क्रम मे रखलनि –

“हम भैंट क फूल (मलकोका), फूल के ऊपर होई बला फल और एकर जैड़ में लागय बला फल जेकरा शारुख और एकटा नाम स जानल जाइत अइछ एखन हम बिसैर रहल छी क हिंदी व अंग्रेजी म नाम ढूँढई क बहुत प्रयास केलों मुदा एखन धैर पता नै चल सकल। गूगल सर्च क दौरान ई पेज देखैल त एता पढलौं। एहन बहुत किछ अछि अपन क्षेत्र म जेकर बारे में अपन क्षेत्र से बाहर किनको नै जानकारी छन्हि। एतय तक कि अपनो क्षेत्र क लोगबाग क नै छन्हि। अहाँ बहुत सुंदर लिख़लहुँ हँ। हमर जिज्ञासा क संज्ञान लैत यदि अहाँ जवाब द सकी त हम अहाँक आभारी रहब। धन्यवाद 🙏🙏”

हिनकर ई जिज्ञासा पढिकय हम जे जवाब देल से अपनहु सब लेल राखि रहल छी –

हमरो नहि पता छल, माँ सँ पूछल, ओ कहलक जे जड़ि मे फरयवला केँ ‘शारुख’ आ ‘करहर’ कहल जाइत छैक। शारुख छोट होइत छैक। करहर पैघ होइत छैक। एकर उपयोग व्रतधारी द्वारा फलहारी मे उसैनकय खाय मे होइत छैक। एकर पोषण शक्ति बहुत अचूक आ पूर्ण मानल जाइछ। ई बड महंग दाम मे उपलब्ध भऽ पबैत छैक। तहिना ऊपर मे फरयवला फर केँ भैंट कहल जाइछ। लावा आदि सेहो बनाओल जाइछ। ईहो बहुत शुद्ध आ व्रती लोकनि द्वारा उपयोग मे लायल जाइछ। अपनेक धन्यवाद जे अपन प्रतिक्रिया दय हमरो मे जिज्ञासा उत्पन्न कयलहुँ।

अहींक जिज्ञासा पछाति हम खोजलहुँ जे हिन्दी मे एकरा कि कहल जाइछ, अंग्रेजी मे व्हाइट लिली त सुनने रही। हिन्दी मे एकर नाम ‘ब्रह्मकमल’ पढल अछि। संगहि बड नीक-नीक बात सेहो कहल गेलैक अछि एहि फूलक सम्बन्ध मे। एतय देखू – https://namanbharat.today/brahma-kamal-benefits-importance/

ब्रह्म कमल: एहि दुर्लभ फूल सँ टपकैत अछि अमृत केर बूंद, देखय मात्र सँ होइत अछि सब मनोकामना पूर्ण

(अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी)

प्रकृत्ति सँ जुड़ल हर चीज बहुत सुन्दर अछि, चाहे ओ नदी हो या पोखरि, फूल हो या गाछ-वृक्ष, ई सबटा नहि केवल आकर्षक होइछ बल्कि कतेको एहेन गुण सँ भरल रहैछ जे मानव हित लेल काज अबैत छैक। एहि मे सँ किछु तँ पूर्णरूपेण दैविक शक्तिवला सेहो मानल जाइत अछि। उदाहरण स्वरूप गाछ मे पिपर और बरगदक गाछ केँ ईश्वरीय शक्ति केर प्रतीक मानल गेलैक अछि, नदी मे तँ लगभग सब पवित्र नदी दैवीय अस्तित्व रखैत अछि आर ओतहि जँ फूल केर बात करब एकटा फूल एहेन अछि जेकरा बारे मे भले कम लोक जनैत हुअय लेकिन से ओकर अलौकिक शक्ति केँ कम नहि करैत अछि।

ब्रह्म कमल

ब्रह्म कमल, एकरा स्वयं सृष्टि केर रचयिता ब्रह्मा जी केर पुष्प मानल गेल अछि। हिमालय केर ऊंचाइ पर भेटयवला वाला ई पुष्प अपन पौराणिक महत्व सेहो रखैत अछि। एहि फूल केर विषय मे ई मानल जाइत अछि जे मनुष्य केर इच्छा केँ ई पूर्ण करैत अछि। ई कमल उज्जर रंग केर होइत छैक जे देखय मे सचमुच काफी आकर्षक छैक, एकर उल्लेख कतेको पौराणिक कथा आदि मे सेहो भेटैत छैक।

पौराणिक मान्यता

ब्रह्म कमल सँ जुड़ल बहुतो रास पौराणिक मान्यता सभ छैक, जाहि मे सँ एक केर अनुसार जाहि कमल पर सृष्टिक रचयिता स्वयं ब्रह्माजी विराजमान छथि वैह ब्रह्म कमल थिक, एहि मे सँ सृष्टिक रचयिता ब्रह्माजीक उत्पत्ति सेहो भेल छन्हि। मानल जाइत अछि जे धरती पर ब्रह्म कमल एक एहेन फूल थिक जेकर पंखुड़ी सँ अमृत केर बूंद टपकैत छैक। ई फूल ज्यादातर उत्तराखंड केर घाटी मे देखल जाइत अछि। ब्रह्म कमल हर समय नहि बल्कि जुलाई-अगस्त केर समय टा मे अहाँ केँ फूलायल नजरि पड़ि सकैत अछि। उत्तराखंड केर अलावा अहाँ ई हिमालय, उत्तरी बर्मा और दक्षिण-पश्चिम चीन मे सेहो देख सकैत छी।

एहि दिव्य चमत्कारी फूल केँ खासकय उत्तराखंडक मशहूर केदारनाथ और बद्रीनाथ केर मंदिर मे भगवान केर चरणकमल मे अर्पित कयल जाइत अछि। कहल जाइत अछि जे पहाड़ी क्षेत्र मे ई ११ हजार सँ १७ हजार फुट केर ऊंचाई पर बर्फक चट्टान पर अहाँ केँ ई फूल फूलायल देखाय दय सकैत अछि, एकर फूलेबाक समय दिन मे नहि बल्कि राति मे होइत छैक। मान्यता ई अछि कि जे कियो एकरा फूलाइत देखैत अछि ओ बहुत भाग्यशाली मानल जाइत अछि।

फूल सँ टपकैत छैक अमृत केर बूंद, खत्म भऽ जाइत छैक ई सब रोग

हिमालय केर मंदिर सभ मे एहि चमत्कारी व दिव्य फूल केँ चढेबाक परंपरा छैक। आधा राति केँ एहि फूल केँ फूलाइत देरी ओहि ठामक निवासी एकरा बोरा मे भरिकय लय अनैत अछि आर १०-२० रुपया मे मंदिरक पास आबि लोक सब केँ बेचि दैत अछि। बता दी जे ई सिर्फ पूजा मे टा नहि बल्कि दबाई केर रूप मे सेहो उपयोग मे अबैत अछि। एहि फूल सँ काली खांसी सँ लय कय कैंसर समान खतरनाक बिमारी केँ खत्म कयल जा सकैत अछि। वैद्य केर अनुसार एकर पंखुड़ी सँ टपकैत जल अमृत केर समान मानल जाइत अछि। एहि फूल केर अर्क केँ यदि बीमार व्यक्ति केँ देल जाय तँ एहि सँ ओकर बुखार जल्दी ठीक भऽ जाइत छैक। जँ केकरो लीवर मे इन्फेक्शन भऽ गेल हो तँ ओहि व्यक्ति केँ एकर प्रयोग जरूर करबाक चाही।

इच्छा पूर्ति वला कमल

एहि कमल सँ संबंधित एक बहुत प्रचलित मान्यता कहैत‍ अछि कि जे कियो व्यक्ति एहि फूल केँ देखि लैत अछि, ओकर सब इच्छा पूर्ण होइत छैक। एकरा फूलाइत देखनाय सेहो आसान नहि छैक कियैक तँ ई देर राति मे फूलाइत छैक आर मात्र किछुए घंटा धरि फूलायल रहैत छैक। ई फूल १४ साल मे एक्के बेर टा फूलाइत छैक, जाहि कारण एकर दर्शन दुर्लभ कहल गेलैक अछि।

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