नेपालक महानगर विराटनगर मे फिल्म उद्योग

लेख

– प्रवीण नारायण चौधरी

विराटनगर मे फिल्म उद्योग

आजुक संसार मे कैमरा लगभग सब हाथ मे अछि। लेन्स केर साइज भले अलग-अलग हो, पिक्चर केर क्वालिटी तेँ अलग-अलग संभव अछि – मुदा समग्र मे ‘फिल्म’ (वीडियो, मूवी) बहुत सरल आ सहज बनि गेल छैक, गाम-गाम आ बच्चा-बच्चा एकर नियम-कायदा सँ थोड़-बहुत परिचित अछि।
 
विराटनगर नेपालक एक महानगर थिकैक। कहल जाइत छैक जे काठमान्डू के बाद विराटनगर नेपालक सब सँ पैघ नगर थिकैक, तेँ महानगर भेलैक।
 
ओना, आजुक समय मे नेपाल देशक ७ प्रदेश (राज्य) मे ७ राजधानी संग-संग अन्य कतेको रास नगरपालिका, उपमहानगरपालिका, महानगरपालिका विकसित स्वरूप मे छैक। वीरगंज, नेपालगंज, बुटवल, भैरहवा, लुम्बिनी, धरान, इटहरी, दमक, बिर्तामोड, काकडभिट्टा, इलाम, धनकुट्टा, पोखरा, तानसेन (पाल्पा), आदि अनेकों नगर प्रसिद्ध छैक।
 
काठमान्डू त सहजहि अपन विभिन्न महत्वपूर्ण विशेषता, ऐतिहासिकता आ पशुपतिनाथ ज्योतिर्लिंग केर प्रसिद्ध मन्दिर संग अनेकों प्राचीन आ प्रसिद्ध मन्दिर लेल जानल जाइत अछि। काठमान्डू देशक राजधानी रहलैक अछि। राजनीतिक केन्द्रविन्दु सेहो रहलैक अछि। आर, सब तरहक सुख-सुविधा काठमान्डू मे बेस उच्चतर रहलैक अछि, आइयो धरि छैक।
 
नेपाल मे फिल्म उद्योग काठमान्डू मे कइएक दशक सँ चलि रहल छैक। पहिने मुम्बई सँ जुड़ल रहलैक नेपालक फिल्म उद्योग। मुदा धीरे-धीरे काठमान्डू एहि क्षेत्र मे कैमरा सँ लैत रेकर्डिंग स्टुडियो, साउन्ड मिक्सिंग, एडिटिंग आदि विभिन्न तकनीकक विकास कयलक। तथापि बालीवुड सँ ई बहुत पाछुए अछि, मुदा नेपाल आ नेपाली फिल्म लेल आब एकरा ‘आत्मनिर्भर’ कहि सकैत छी।
 
आब नेपालक विकेन्द्रीकरणक युग थिकैक। आब क्षेत्रीय पहिचान केँ सम्मान बढेबाक लेल नव संघीय लोकतांत्रिक गणतंत्रक स्थापना भऽ गेलैक अछि। देशक बजट मे प्रदेशक विकास केर अवधारणा पर नीति-नियम बनि रहलैक अछि। एहि क्रम मे कुल ७ प्रदेशक ७ राजधानी मे सँ प्रदेश १ केर नंबर १ राजधानी ‘विराटनगर’ थिकैक, एहि मे दुइ मत नहि छैक।
 
विराटनगर केर इतिहास नेपालक राजनीतिक विकास सँ लैत कलाकर्म केर विकास मे सेहो ओतबे महत्वपूर्ण रहलैक अछि। जेना भारत मे भारतीय दूरदर्शनक स्थापना आ क्रमिक विकास भेलैक, तहिना नेपाल टेलिविजनक विकासक्रमक इतिहास छैक आर विराटनगर मे क्षेत्रीय प्रसारण केन्द्रक स्थापना सेहो ओतबे पुरान छैक। आब प्राइवेट चैनल केर युग मे एन-टीवी केर अतिरिक्त मकालू, हिमशिखर, एरीना संग स्थानीय केबुल नेटवर्क केर अपन चैनल आर अनेकों आनलाइन एचडी टीवी केर युग विराटनगर व आसपासक क्षेत्र मे खूब लोकप्रिय बनि गेलैक अछि।
 
बुझले बात अछि जे टेलिविजन आ इन्टरनेट केर युग मे वीडियो वर्सन (फिल्म) केर सामग्री (कन्टेन्ट्स) कतेक पैघ महत्वक होइछ। सोशल मीडिया मे सेहो पर्सनल फोलोवर्स आ पोस्ट्स आदिक व्युअरशिप केँ बढेबाक लेल वीडियो पोस्ट्स सर्वाधिक प्रभावकारी होइत छैक। जेना फोटो लिखित टेक्सट्स पर भारी पड़ैछ, तहिना मूवी (वीडियो) फोटोज पर भारी पड़ैत छैक। लेकिन महत्व सभ तरहक पोस्ट्स केर होइत छैक।
 
विराटनगर मे टेलिविजन आ इन्टरनेट चैनल्स केर क्रान्तिक एकटा सार्थक प्रभाव पड़ि रहल देखाइत अछि। आब एडवर्टाइजमेन्ट फिल्म सँ लैत म्यूजिक एल्बम (वीडियो, विजुअल्स) आदि अनेकों कार्य पूर्ण रूप सँ विराटनगर मे कय सकैत छी। एहि लेल कइएक अभियन्ता आ खास कय टीवी जर्नलिस्ट्स सब केँ आगू बढिकय काज करैत देखि रहल छी।
 
बहुत वर्ष पहिने भाइ सरोज कार्की – एक सुझबुझ भरल सामाजिक अभियन्ता केँ एहि क्षेत्र मे टीम वर्क करैत आगू बढैत देखने रही। तहिना भाइ विवेक दाहाल संग ‘आवर विराटनगर’ आनलाइन पत्रिका आ आनलाइन टीवी शो केर टीम केँ एहि क्षेत्र मे कार्य करैत देखलहुँ। एवी-न्यूज चैनल पर काज कएने कैमरामैन सँ जर्नलिस्ट धरिक यात्रा कयनिहार भाइ प्रतीक श्रेष्ठ सेहो अदम्य साहस संग एहि उद्योग मे टीम डेवलप करैत कार्य करैत देखाइत अछि। भाइ वीरेन्द्र कुमार शाह केँ सेहो टीवी जर्नलिज्म सँ फिल्म (म्यूजिक वीडियो) निर्माण मे अग्रसर देखलहुँ।
 
राष्ट्रीय गीत केर गायन मे प्रसिद्ध चेहरा सुमित खड्का दाय (पैघ भ्राता) ओना त देश-विदेश सगरो अपन महत्वपूर्ण कार्य लेल जानल जाइत छथि, लेकिन हुनकहु मूल मातृभूमि विराटनगर होयबाक कारण एहि ठाम अनेकों महत्वपूर्ण कार्य निष्पादित करैत देखलहुँ। हुनकहि एक कन्सेप्ट ‘हाम्रो विराटनगर – यो हो औद्योगिक शहर’ काफी लोकप्रिय भेल जाहि मे विराटनगर क्षेत्रक कइएक प्रसिद्ध उद्योगपति संग अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तित्व सब केँ विराटनगरक शान मे प्रस्तुत कयल गेल छल।
 
रेडियो सँ टेलिविजन केर यात्रा मे हरफनमौला प्रतिभाक व्यक्तित्व नवीन कर्ण केँ मैथिली भाषाक संग नेपालीक कइएक महत्वपूर्ण कार्यक रेकर्ड बनल अछि। मैथिली फिल्म केर प्रसिद्ध निर्देशक आ कइएक सुपर हिट उपहार देनिहार प्रतिभासम्पन्न व्यक्तित्व संतोष सरकार सेहो एहि विराटनगर कर्मभूमि सँ छथि। श्याम कामत व हुनकर टीम लगभग ३ दशक सँ एहि विराटनगर केँ केन्द्रभूमि मानिकय फिल्म उद्योग स्थापित करबाक सपना देखलनि, आ से आइ साकार भऽ रहलनि अछि।
 
पूर्वकाल केर सुप्रसिद्ध व्यक्तित्व चतुर्भुज आशावादी व हुनक स्थापित संस्था – कलाकार प्रशिक्षण लेल देशहि मे सुजान ‘भानु कला केन्द्र, विराटनगर’ केर अनेकों प्रशिक्षित कलाकार केँ रेडियो आ टेलिविजन मे प्रवेश कय नेपालक श्रव्य-दृश्य संचारकर्म सँ लैत फिल्म उद्योग मे सेहो महत्वपूर्ण कार्य करबाक रेकर्ड अछि। एखन धरि भानु कला केन्द्र केर संचालन मे वरिष्ठ कला संयोजिका माया पौडेल (चतुर्भुज आशावादीक धर्मपत्नी) एवं हुनक दुइ पुत्र प्रचण्ड एवं प्रसन्न संग पुत्री प्रजीता आ अनेकों सुपरिचित नाम एहि क्षेत्र मे देश-विदेश कतय-कतय कार्यरत छथि।
 
इन्द्र परियार, प्रबलदीप विश्वास, संतोष सरकार, श्याम कामत, विजय कामत, भागवत मंडल, वीरेन्द्र झा, जयराम यादव यदुवंशी, रोहित लाल यादव, राम भजन कामत – आरो कतेको लोक जिनका हम व्यक्तिगत तौर पर काज करैत देखलियनि एहि विराटनगर मे। कतेको नाम त एखन स्मरण मे नहि आबि रहल अछि। लेकिन विगत ३ दशक मे एहि विराटनगर मे चरणबद्ध रूप सँ फिल्म उद्योग केँ अपन गति सँ चलैत देखलहुँ अछि।
 
आब आवश्यकता छैक जे विराटनगर एकटा सुव्यवस्थित उत्पाद राष्ट्रीय आ अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्र केँ प्रदान करय। एहि क्षेत्रक एक विज्ञ चेहरा ‘प्रह्लाद गुरागाईं’ सेहो विराटनगर सँ शुरू कय काठमान्डू चलि गेल छलाह, जे पुनः अपन मूल भूमि विराटनगर मे आबि ‘विराटपथ’ नाम सँ आनलाइन कार्य आगू बढा रहल छथि। ओ कहैत छथि जे बहुत जल्द विराटनगर केन्द्र सँ निर्मित कथावस्तु पर बनल फिल्म केँ अन्तर्राष्ट्रीय अवार्ड हासिल करय योग्य बनायब आर तखन एहि ठामक फिल्म उद्योग केँ आर सुव्यवस्थित संगठन रूप मे चर्चा होयत।
 
प्रह्लाद गुरागाईं व प्रतीक श्रेष्ठ केर संयुक्त निर्देशन-निर्माण मे काल्हि ‘सोनालिका ट्रैक्टर’ केर एक एड फिल्म मे हमरो काज करबाक अवसर भेटल। एड फिल्म केर निर्माण विराटनगर मे तखनहि होयत जखन एहि ठामक क्वालिटी पूरे देश केँ नीक लगतैक। प्रतीक श्रेष्ठ एहि लेल संघर्ष कय रहल देखाइत छथि। यज्ञजी एहि ठामक जानल-मानल कैमरामैन छथि। आधा निर्देशन त ई अपन तेजस्विता सँ पूरा कय दैत छथिन।
 
मोडेल, कलाकार, ईहो सब विराटनगर मे कमी नहि। ‘आरोहण गुरुकुल’ नाटक घर, झोराहाट नाटक घर – दुइ-दुइ गोट नाटक घर मे निरन्तर नाटकक प्रदर्शन होइत रहला सँ रंगकर्मी कलाकारक सेहो कमी नहि अछि एतय। ताहि पर सँ हमरा सनक सौखीन…. फिल्म केर पर्दा पर एबाक लोभ केँ हम त संवरण नहिये टा कय पबैत छी! कतेको लोक छथि एतय। कलाकारक कमी नहि। महिला कलाकार सेहो ओतबे भरल।
 
काल्हि अस्मिना भट्ट कर्ण संग सूटिंग केर दरम्यान गप भेल छल। २ वर्षक रंगकर्मक कोर्स कयलाक बाद रंगकला मे आयल छथि। हिनका जेहेन प्रशिक्षित कलाकार केँ निर्देशकक एक्के बोली काफी होइत छन्हि। बेसी बेर ‘टेक’ नहि देबय पड़ैत छन्हि। हमरा सन-सन नव कलाकार लेल बहुत कठिन काज थिकैक ई। डायलाग केर लिप्सिंग तक पर नजरि बनौनिहार निर्देशक आ कैमरामैन जा धरि संतुष्ट नहि हेता, अहाँ सँ ततेक बेर, ततेक रास एंगल सँ ‘टेक’ ‘रिटेक’ लैत रहता। नीक अनुभव भेटल हमरो।
 
अन्त मे, एहि लेख केँ इतिहास लेल सुरक्षित राखि रहल छी जे विराटनगर मे फिल्म उद्योग बहुत जल्द सुव्यवस्थित स्वरूप मे देखाय देत, एहि सँ रोजी-रोजगार संग भाषा, कला, व्यवसाय आदिक संवर्धन-प्रवर्धन सेहो दीर्घगामी होयत। अस्तु! सब सरोकारवाला आ आम दर्शक केँ हमर शुभकामना!!
 
हरिः हरः!!
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2 Responses to नेपालक महानगर विराटनगर मे फिल्म उद्योग

  1. हम भी फिल्म में काम करना चाहता हूं

  2. Biratnagar machalachitra chhetra ko gatibidhi dherai nahune bhsyeko le nai aafnu janma bhumi chhodera Ktahmandu aaunu pareko thiyo. Yo sarai ramo bhayi rahechha ahile.

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