मैथिली ठाकुर केँ बरगलेबाक काज बन्द हुअय – मैथिली सँ सम्पूर्ण मिथिला केँ नीक अपेक्षा

सन्दर्भः सौराठ सभागाछी पर मैथिली ठाकुर केँ बरगलेबाक विषय पर एक पत्र (सम्पादक प्रवीण नारायण चौधरीक भावना)

बेटी मैथिली (ठाकुर)! अहाँ केँ हम सब जानकी मनने छी। अहाँ मे मिथिला आ मैथिली लेल जे ललक देखलहुँ ताहि आधार पर सम्मानित करैत स्वयं सम्मानित होयबाक अनुभूति भेल छल २०१७ मे। कलर्स चैनल पर अहाँ केँ विजेता नहि बनौलक ‘राइजिंग स्टार’ मे आर बड़ा छलपूर्वक अहाँक वोट केँ कम देखौलक, एहि बात सँ हम सब बहुत रोष मे आबि गेल रही।

 
लेकिन पुनः मोन पड़ल – स्वयं पराम्बा जानकी जखन एहि धराधाम मे आयल छलीह, रामभार्या बनलीह, राम केँ वनवास केर आदेश भेलोपरान्त जानकी सेहो वनगमन पतिक अनुगामिनी बनिकय कयलीह… अपन सारा राजसी लिबास राजमहल मे छोड़ि एक संन्यासिनक भाँति खाली पयरे पतिक संग जंगलक कठोर यात्रा पर निकैल गेलीह… किछु एहि सब तरहक बात मोन पड़ल… फेर रावणक छलपूर्वक जानकीक अपहरण आर बुझू जे पूरा रामायण केर नायिकाक त्याग, आदर्श आ प्रेरणास्पद जीवनचर्या मोन पड़ि गेल… ताहि समय अहाँ संग भेल ओ छल-कपट हमरा सहित हमर सम्पूर्ण संसार मे एकटा आक्रोश उत्पन्न कय देने छलय। अहाँ केँ न्याय भेटय तेकर शुरुआत विराटनगर केर ‘अन्तर्राष्ट्रीय मैथिल शिक्षाविद् सम्मेलन-२०१७’ केर २८ अप्रैल २०१७ केर ओ समारोह सँ कएने रही। ओ यात्रा आगू सेहो बढल। दरभंगा पहुँचि गेल। दरभंगा मे सेहो एकटा न्यायोचित सम्मान केर वातावरण बनेबाक लेल निरन्तर १ सप्ताह धरि अपन श्रेष्ठ अग्रज व सहयोगी मित्र लोकनिक संग यथासंभव बात-विचार भेल छल।
 
आदरणीय रमेश भाइ केर योगदान सेहो ओतबे मजबूत आ अनुकरणीय लागल छल। ओहो विशुद्ध जनक समान बुझेलाह। हम त बहुत बेसी भावुकता सँ भरिकय कतेको तरहक योजना सब सेहो बनेलहुँ। लेकिन रमेश भाइ संग किछु एहि तरहक प्रकरण भेलनि जे हमरो अपेक्षा सँ बाहरक छल आर रमेश भाइ केर असन्तोष व आक्रोश सँ हमरो चित्त दुखायल। बाद मे सब योजना धरले रहि गेल।
 
लेकिन शपथ पराम्बा जानकी केर! सब दिन हृदय सँ अहाँक आर बेसी सफलता लेल, लोकप्रियता लेल, स्टारडम लेल – हर तरहें ऊँचाई छुबाक लेल ईश्वर संग निरन्तर प्रार्थना करैत रहलहुँ।
 
व्यक्तिगत अपन कइएक लोक संग रमेश भाइ केर शिकायतक कारण छवि पर दाग सेहो लगेबाक शिकायत कतय-कतय सँ भेटल छल बेटी… लेकिन साँच केँ आँच कथी के से सोचिकय आ रमेश भाइक धैर्य एवं गम्भीरताक असली रूप सँ परिचित भऽ जेबाक कारण हमरा व्यक्तिगत ई सब कनिकबो आ कहियो खराब नहि लागल। सब दिन अहाँ हमर प्रार्थना मे बिल्कुल ओहिना छी जेना हमर अपन तीनू बचिया आ हरि जेकरा सभक संग अहाँ स्वयं अन्तरंग रही, तहिना मानैत रहल छी। रमेश भाइ व भाभीजी सहित दुनू भतीजा जे काफी नीक कलाकारिताक संग आगू बढि रहल अछि – ओकरो सभक लेल ओतबे कुशलक कामना करैत रहल छी।
 
बेटी मैथिली! आइ विशेष बात ई अछि जे एखनहि झा विकास, एक सम्मानित मैथिली स्रष्टा आ फिल्म निर्देशक संग हमर अत्यन्त नजदीकक सम्बन्धी सेहो ई जानकारी देलनि कि हुनकर कोनो व्यंग्य केर वीडियो अहाँ या अहाँक टीम द्वारा डिलीट करबा देल गेलनि अछि। जखन जड़ि मे बात बुझबाक चेष्टा कयलहुँ त पता लागल अहाँ अपन गाम केर यात्राक वीलौग मे सौराठ सभागाछीक सम्बन्ध मे निर्दोष बालिका जेकाँ रमेश भाइ एवं एक आरो सहयात्री सँ प्रश्न पूछलियनि, ओ लोकनि अहाँक सोझाँ सौराठ सभागाछी केर परिचय ‘लड़काक हाट’ कहिकय दैत छथि, ताहि पर अहाँ ओकरा वेक्षाबैत ‘लड़कों का बाजार’ कहि दर्शक केँ परिचय करबैत छियनि, पुनः पाछू सँ कियो कहैत छथि जे ‘जहाँ से लड़कों का दाम तय करके लड़कीवाले लड़के खरीदते थे’… एहि तरहें एकटा संसारक सर्वोच्च वैज्ञानिक वैवाहिक परम्पराक निर्वहन करयवला मैथिल ब्राह्मणक वैवाहिक सभागाछी जेकर आध्यात्मिक-धार्मिक कतेको महत्ता प्रसिद्ध आ परिचय देबय योग्य छैक, जे एकटा महान सांस्कृतिक परम्परा रहलैक, से सब सकारात्मक परिचय नहि दय दहेज कुप्रथा हावी भेलापर किछु वर्ष जे खराब बात-व्यवस्था रहलैक तेकरा पर प्रकाश दय एकटा सांस्कृतिक विरासतक मूल्य केँ अवमूल्यन कयलहुँ से कहबाक लेल ई लिखि रहल छी।
 
अहाँ सँ बहुत अपेक्षा अछि मैथिली। हम समस्त मैथिलीभाषी मिथिलावासी एवं समस्त भारतवर्षक लोक केँ – अहाँ मे महान गायकीक गुणी कलाकार अछि। ओकरा मुंह सँ एहि तरहक विवादित बात सुनब कथमपि केकरो नीक नहि लागत बेटा! एहि तरहक विवाद सँ बचल करू! हमर प्रार्थना अछि अहाँ सँ! रमेश भाइ सँ। कृपया एकटा महान कलाकार जेकरा अपन खून-पसीना सँ सींचिकय अहाँ ठाढ कयलहुँ ओकरा मे नकारात्मक छवि आ छाप एकदम नहि दियौक। अहाँ स्वयं कहने छी जे मैथिली केवल अहींक बेटी नहि, हमरो सभक ओतबे अधिकार अछि हुनका पर। से रमेश भाइ, अहाँ सँ भविष्य मे एहि तरहक विवादित बयानक अपेक्षा हम सब एकदम नहि करैत छी… आर संग मे जे कियो महानुभाव छथि, ओ सज्जन नहि, दुर्दान्त अपराधी प्रवृत्तिक लोक बुझा रहला अछि। बेटी पर एहि तरहक लोकक छाया तक नहि पड़य देब भविष्य मे! अहाँक मुंह सँ वरक हाट (लड़काक बाजार) निकलबे कयल त ओहि मे आर तीक्ष्ण विशेषण जोड़बाक कार्य ओ दुर्जन व्यक्ति करैत ब्राह्मणक वैवाहिक सभास्थल केँ सौदा करबाक स्थान बुझि गलत परिचय देलनि, जे जानकीस्वरूपा मैथिली केँ पर्यन्त अपवित्र आ अस्वस्थ हँसी हँसबैत एहेन महान ऐतिहासिक स्थल केर खिल्ली उड़बय लेल बाध्य केलकैक…! ई सब क्षम्य अपराध नहि थिकैक। ओतय माधवेश्वरनाथ महादेव केर मन्दिर अछि, कहियो मैथिली केँ लय सब कियो गोर लागिकय माफी मांगि लेब। जरूर कृपा करता। शेष हम एतबा आग्रह करब जे ‘नम्रताक मूल्य किछु नहि होइछ, लेकिन संसारक सब वस्तु एहि सँ कीनल जा सकैत अछि’।
 
सन्दर्भः ई वीडियो थिक, एहि लेल मैथिली केँ क्षमा करबाक प्रार्थना सब सँः
 

हरिः हरः!!

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