मिथिलाक सामाजिक, सांस्कृति आ समृद्धिक संवर्धनः फेसबुक लाइव मे नेपाल-भारतक संस्था प्रमुख

मैथिली जिन्दाबाद

विराटनगर, ३१ मई २०२० ।

विशेष सम्पादकीय

आइ संध्या ७ बजे सँ दृश्यम् मीडिया संग ‘हम सब मैथिल छी’ फेसबुक समूह पर “मिथिलाक सामाजिक, सांस्कृतिक आ समृद्धिक संवर्धन” शीर्षक मे ‘मैथिली-मिथिला लेल प्रयासरत’ किछु महत्वपूर्ण संस्था प्रमुख लोकनिक संग प्रखर परिकल्पक-योजनाकार श्री राजकिशोर झा (अहमदाबाद) केर समन्वय मे लाइव विमर्शक सत्र राखल गेल अछि। आजुक लाइव केर पुनीत उद्देश्य ओना तऽ देल गेल विषय सँ स्वतः परिचय भेटैत अछि, तथापि निम्न विषय पर चर्चा केन्द्रित रहबाक अपेक्षा कयल जा रहल अछिः

१. मिथिलाक ऐतिहासिक-पारम्परिक मूल्य व मान्यता केँ बचेबाक लेल, मैथिली भाषा आ साहित्य केर सेवा मे, संगहि वर्तमान समयक राज्य व्यवस्था मे मैथिल पहिचान प्रति नीति निर्माणकर्ताक मध्य कोन तरहक सहकार्य सब विभिन्न स्थान पर कार्यरत संस्था द्वारा कयल जा रहल अछि – ताहि पर विस्तार सँ चर्चा होयत।

२. मैथिल जनता आइ भारत‍-नेपाल केर मूल भूमि सँ सौंसे संसार धरि प्रवासी बनिकय जीवन निर्वाह करबाक संग व्यक्तिगत आर्थिक विकासक संग अपन मौलिक मातृभूमि केर विकास लेल सेहो सामर्थ्य हासिल कयलनि अछि। एहेन सकारात्मक परिस्थिति मे ‘स्वयंसेवा-स्वसंरक्षण’ केर सिद्धान्त पर विकासक कोन अवधारणा पर काज कयल जाय, ई केन्द्रिय विषय होयत।

३. राज्य केर नजरि मे मिथिला प्रति केहेन सोच अछि? मिथिलाक पिछड़ापन केँ दूर करबाक लेल कोन तरहक योजना विकास कयल गेल अछि? प्राथमिक शिक्षाक माध्यम मातृभाषा जे संविधानप्रदत्त ‘मौलिक अधिकार’ थिक, ताहि पर व राज्यक कामकाजी भाषाक रूप मे मैथिली केँ मान्यता प्रदान करबाक विन्दु पर सरकारक रवैया केहेन अछि? शिक्षक केर नियुक्ति, सरकारी शिक्षा अवस्था – जनसामान्य लेल राज्यक अन्य कल्याणकारी योजना आदि पर चर्चा कयल जायत।

४. भारत-नेपाल केर सनातन मैत्रीपूर्ण सम्बन्ध मे मैथिल आ मिथिला केर भूमिका पर सेहो विचारक आदान-प्रदान होयत।

५. ‘ग्लोबल मैथिल’ परिकल्पना केँ सशक्त बनेबाक दिशा मे आर कि-कि डेग उठायल जाय ताहि पर मंथन होयत।

६. संस्थागत एकजुटता आ आपसी सहकार्यक पुरान संस्कार केँ आगू आरो केना मजबूत कयल जा सकैत अछि, संगहि सभा-समारोह पर खर्च कयल जायवला टका-पैसाक सार्थक सदुपयोग कोना कयल जा सकैत अछि, एहि पर सेहो चर्चा कयल जायत।

एहि कार्यक्रम मे मैथिली एसोसिएशन नेपाल केर प्रतिनिधित्व हमहुँ करब, ताहि लेल परिकल्पक श्री मणिकान्त झा तथा संयोजक श्री राजकिशोर झा केँ आमंत्रण लेल हृदय सँ आभार व्यक्त करैत छी।

हमरा जनतबे बात ओतेक करी जतेक व्यवहार मे उतारि सकी – सपना ओतेक देखी जे विपना मे सच भऽ सकय – दावी ओतबे करी जतेक कुब्बत अपना पास हुअय – आर, एहि सब बात लेल चेतना समिति, पटना समान सर्वसमर्थ अभिभावक संगठन, अखिल भारत स्तर पर मैथिलक प्रतिनिधित्व करैत वैश्विक पहिचान केँ आगू बढेनिहार अभिभावक संगठन अखिल भारतीय मिथिला संघ, पूर्वोत्तर भारत सँ राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्र मे मैथिल केर पहिचान केँ पुष्ट करयवला सक्रिय संगठन मिथिला सांस्कृतिक समन्वय समिति तथा विगत किछेक समयान्तराल मैथिलीक झंडा केँ सम्मान सँ फहरेबाक लेल सुपरिचित संगठन शाश्वत मिथिला (अहमदाबाद) लगाइत हैदराबाद, नागपुर, बंगलुरु, मुम्बई केर सुपरिचित मैथिल संगठन आदिक प्रमुख नेतृत्वकर्ता लोकनिक संग ई चर्चा स्वयं मे नव इतिहास होयत।

पूर्ण बौद्धिक स्तर केर कार्यक्रम जेकर गिनती भविष्य करत, से होयत। संसार मे लगभग सब बौद्धिक समुदाय में अदौकाल सँ मिथिला विद्यमान अछि, थाईलैंड राज परिवार जनकवँशी थिकाह, मिथिला के राज्य वैश्विक परिदृश्य में भारत केर पूर्वाश्रित में राज कय रहल अछि, भारतवर्षीय पाण्डित्य, न्याय, धर्म, दर्शन, योग, मीमांसा सभ में विराजमान अछि अपन सनातन योगदान सँ, कर्मभूमि जेकर मणि हिमालय (नेपाल) संग उत्तर भारत के सब भूभाग में, देशक स्क्वाड्रन लीडर सँ लैत ब्रिगेडियर कमांडर आ सिपाही तक मौजूद, देश विदेश आ अंतर्राष्ट्रीय निकाय केर टॉप में मिथिला, मिथिला कतय नहि!😊 तथापि राजनीति में जानकी समान सहिष्णु आ सरल केर पराकाष्ठा केँ अयोध्या वासी जेकाँ बेर बेर प्रताड़ना केँ पुनरावृत्ति करैत मिथिला केँ उपेक्षित रखने अछि, न पर्यटन न पुरातन न जलकृषि एवं जल उद्यान क्रीड़ास्थल आदि के निर्माण, स्वयंसेवा व स्वसंरक्षण पर युगों युगों सँ जीवित मिथिला दोसरक चाकर बनि प्रवासी जीवनक कुचक्र जे आब सूचक्र बनि गेल अछि, एकर भविष्य सेहो स्वयंसेवक बनिकय पूरा करब जरूरी अछि, राज्य तखनहि महत्व देत आ लाजे ओहो करत। झील केँ झिलमिल बनाउ आ पक्षी विहार सँ जल पर्यटक स्थल तक बनाकय रोजगार आ आर्थिक विकास दिस उन्मुख होउ। परम्परा में माछ मखान पान संग दूध दही, मिठाई मलीदा लेल सामुदायिक कृषि आ पशुपालन सँ कारपोरेट हाउस तक चलाउ। आईटी पार्क आ अंतर्राष्ट्रीय मैथिल समुदाय सँ जॉब आउटसोर्सिंग के प्वाइंट्स चलाउ। बहुत बात। हम चाहब अपन बेस्ट प्रस्तुति दय सकी। आशीर्वाद अपने लोकनिक बनल रहय।

विशेष बात आब लाइवे मे हो, पहिनहि सब बात कय लेनाय कल्पना टा होइत छैक आर हम मिथिलावासी सरस्वतीकृपा सँ कल्पनावीर होइत छी आर परिणाम निकालबाक घड़ी बहाना बहुत बना लैत छी, सेहो सफाई संग आ हँसैत-हँसैत तेहेन तर्क दय दैत छियैक जे विपन्नताक दर्द सेहो छूमन्तर भऽ जाइत अछि। लेकिन हम विश्वास ई दियाबय चाहब जे ई परिचर्चा बहुत रास अनुभव आ सार्थक परिणाम दुनियाक सोझाँ रखलाक बाद आबि रहल अछि, एतय छूछ कल्पना या उकटा-पैंची या आपसी ईरबाजी सभक कोनो स्थान नहि छैक। अस्तु! भेटैत छी ७ बजे सीधे लाइव मे!

हरिः हरः!!

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