भगवान् नहि करथि चांदनी जेकाँ दोसर कोनो बेटीक भाग्य हो, जिबितो दुःखी आ मरलाक बादो गति नहि

भगवान् नहि करथि जे….
 
जे घटना आइ चांदनी झा नाम्ना एक बेटीक संग भेल सेहो कोनो आर बेटी संग घटय।
 
किछु लोक ‘दहेज मुक्त मिथिला’ पर आयल शिकायत व आरोप जे मिथिलाक एक बेटी चांदनी झा केर हत्या दहेज उत्पीड़न सँ ओकर पति द्वारा कयल गेलैक, ई समाचार गलत आ एकतर्फा लागि रहल छन्हि।
 
तर्क सेहो देल जा रहल अछि जे पोस्टमार्टम रिपोर्ट आबय सँ पहिने लड़कीपक्षक लोक द्वारा हत्या करबाक प्रचार कयल गेलैक।
 
हालांकि दहेज मुक्त मिथिला द्वारा खूब नीक सँ सारा शिकायत, कागजात आर पीड़िता संग-संग लड़का सँ सेहो बातचीत कयल उपरान्त एहि बात केँ प्रकाश मे आनल गेल छैक। शुरुआती सब बात केँ नीक सँ जाँचि-परखि केलाक बादे अपील जारी कयल गेलैक जे चांदनी झा केर हत्या वा आत्महत्या जे किछु हो ओ दहेज उत्पीड़नक मामिला होयबाक साक्ष्य सहित रहबाक कारण पीड़ित परिवार केँ न्याय मे समाज संग दौक।
 
बहुतो गणमान्य व्यक्तित्व द्वारा उचित सहयोग करैत ई मामिला सोशल मीडिया सँ उठलैक।
 
लड़का द्वारा अपन बचाव करैत कहल गेलैक जे ओकर पत्नी आत्महत्या कय लेलकैक, ३ वर्षक बच्ची सेहो बयान देलकैक अछि पुलिस मे, आदि।
 
लड़की पक्ष त अपन बेटी पर भऽ रहल अत्याचार आ समय-समय पर बाध्यकारी मांग सँ पहिनहि सँ परिचित रहय, एहि लेल चांदनीक सासूर बलहा (राजनगर) मे सेहो अभिभावक स्तर पर कइएक बेर द्विपक्षीय बात सेहो कयल गेल छैक। लड़काक पिता एक सम्भ्रान्त लोक, ईहो गछने छलखिन जे पुतोहु केँ बेटाक पास सुरक्षा नहि हेतैक त आनि लेबैक..! लेकिन ता धरि त घटने घटि गेल अछि। सेहो एहेन कुसमय जखन कि लड़कीक माता-पिता या भाइ तक दूर गुआहाटी सँ या पटना सँ नहि पहुँचि सकैत अछि दिल्ली।
 
लकडाउन केर समय ई घटना जानि-बुझिकय घटौलक, ई आरोप लड़कीक माय लगौलीह। २९ मार्च केर घटना सँ ठीक एक दिन पहिने २८ मार्च केँ बेटी संग बात भेल रहनि हुनका। एहि सँ पहिने होली दिन पति द्वारा मारपीट आ सीढी सँ धक्का दय खसा देबाक बात सेहो ओ बजलीह। बेटीक हालात पर सुरक्षाक जानकारी सेहो लेलीह, जाहि पर बेटी संघर्ष कय लेबाक आश्वासन सेहो देलकनि। लेकिन तैयो ओ अपना केँ नहि बचा सकल… कहने रहनि जे राति मे फेर बात करब, से राति मे ओकर फोन नहि उठलैक।
 
भिनसरहु २९ मार्च केँ ओकर फोन नहि उठलैक। धुकधुकी त बढले रहनि माय-बापक, ता धरि अपराह्न करीब २ सँ ३ बजेक बीच लड़कीक भाइ जे पटना मे रहैत छथि हुनका मार्फत दुर्भाग्यपूर्ण आत्महत्या कय लेबाक जनतब दिल्ली पुलिस करौलकनि, ओ कानि-कानि ई बात सुनेलीह प्रभाकर झा एवं ओमप्रकाश ठाकुर केँ जे फेसबुक पर लाइव सेहो देखायल गेल छल।
 
हताश माता-पिता, मामा-मामी, काका-काकी आ सगरो जखन ई खबरि पसरि गेलैक तखन पुलिस सँ दुबारा लड़कीक परिजन बात उठेलक। बातचीतक क्रम मे पुलिसहि द्वारा पीड़ित परिवार केँ पठायल गेल मेडिकल रिपोर्ट मे चांदनी झा केँ अस्पताल मे मृत अवस्था मे लायल जेबाक आ हैंगिंग सँ मृत्यु होयबाक जिकिर वला एक कागज संग पुलिस मे लिखायल गेल सनहाक प्रति सेहो देल गेलैक।
 
विस्मित करयवला बात छैक जे ओ मेडिकल रिपोर्ट २३ मार्च केँ लड़कीक मृत्युक बात कहि रहल छैक। जखन कि पुलिस सनहा २९ मार्च केर देखा रहल छैक। पीड़िता परिवार एहि दुविधाक फरिछौहटि वास्ते पुछताछ कयला पर पुलिस द्वारा जानकारी करायल गेलैक जे ओ रिपोर्ट मे तारीख गलती सँ २३ लिखा गेल छैक।
 
एतय सँ परिवारक शंका विश्वास मे बदलि गेलैक जे ई अवश्य योजनाबद्ध ढंग सँ हत्याक केस थिकैक। पतिक शातिरपना आ पुलिस विभाग सँ पर्यन्त प्रभावित-प्रेरित करैत एकरा आत्महत्या देखेबाक सन्देह उठि गेलैक।
 
आब पोस्टमार्टम करेबाक बात छैक। पोस्टमार्टम लेल लड़कीक माता-पिता अथवा रक्त-सम्बन्धी जिम्मेदार लोक केर पहुँचब जरूरी छैक। लौकडाउन मे गुआहाटी सँ दिल्ली कोना आयल जा सकैत छैक? एहि लेल गुआहाटीक सामाजिक अभियन्ता लोकनि – विशेष कय प्रभाकर जी बहुत शालीनतापूर्वक प्रयास कय रहल छथि। गुआहाटीक आरो सहयोगी सज्जन लोकनि पीड़ित परिवार केँ ढाँढस दय रहल छथि।
 
एम्हर दिल्ली मे सेहो सामाजिक संस्था सब एहि अमानवीय कृत्य पर पीड़ित परिवार केँ सहयोग कय रहल छथि। आइ एक राघव मिश्र जे लड़कीक मामा गामक छथि, ओ थाना जा कय कोहुना प्रोसेस आगू बढेबाक अनुरोध कयलनि। पंडित कौशल झा जी आ स्वयं श्री विजय चन्द्र झा ‘बाबा’ द्वारा उचित सहयोग करबाक प्रयास भऽ रहल अछि। लेकिन जा धरि माय-बाबू नहि अओता, पोस्टमार्टम नहि संभव होयत। हँ, तखन ओहि लहास केँ फ्रीजर मे संरक्षित कय देल गेलैक अछि।
 
गुआहाटी मे कयल गेल एफआईआर केर प्रति दिल्ली पुलिस केँ प्राप्त भऽ गेलैक अछि।
 
आब देखी जानकी जी कोना एहि न्यायक संघर्ष केँ आगू बढबैत छथि…!
 
हमरा लोकनि कोनो निर्दोष केँ सजा होइ से कहियो नहि चाहैत छी, लेकिन अपराध केँ दबेबाक प्रवृत्ति कथमपि मान्य नहि अछि। भगवान् नहि करथि जे ई घटना केकरो बेटीक संग होइक। बेचारी चांदनी, जिबितो दुःख भोगलक, मरलाक बादो ओकर लहास तक केँ गति नहि भेटि रहलैक अछि। हे प्रभु! एहेन अवस्था मे ओकर माय-बाबू-भाय ओ समस्त पीड़ित परिजन लेल सम्बल बनू!
 
हरिः हरः!!
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