कोरोना – हमर विचार काव्य

कोरोना – हमर विचार

– अम्बिका चौधरी, बीए (जर्नलिज्म), सीएमएस, जैन युनिवर्सिटी, बंगलुरु
 
बहुत प्रताड़ित कयलहुँ अहाँ सब
हमरा अपन हड़बड़ाहट सँ
आबि गेल हमर बारी,
करय दिअ मोहित
अहाँ सबकेँ
अपन चहचहाहट सँ
 
जहिना पागल लेल नहि होइत अछि
कोनो विचारधारा नहि कोनो घेरा
May be they are sane!
तहिना कोरोना बनि आबि गेल अछि एक सीख
Corona is not but we are insane!!
 
एक पागल अछि पागल नहि
कियाकि हम सम्मत सब
करय छी ई धरती केँ घायल
May be कोरोना अछि वैक्सीन
करि रहल अछि ओ retaliate
द’ रहल अछि अपना सब पर
ओ ट्रायल पर ट्रायल!!
 
बहुत व्यस्त रहय ई दुनिया
अपन स्वार्थ के भरपाई के लेल
So presenting you Corona
Sponsored by God
जे आबि गेल समय के उपहार ल’ क’
अपना सब केँ लकडाउन मे
एक संग रखय के लेल!!
 
अछि बहुत बेफायदा
कोरोना वला लकडाउन सऽ
इकोनोमी भ’ रहल अछि
Negatively hit
Big companies के shut-down सऽ!!
 
Daily wage workers के लेल
अछि ई ब्रेकडाउन
Because for them,
A meal is a luxury
Only when served in time,
बिना दू पैसा कमेने कतय सँ भेटत
ओकरा भोजन आ टकिला पर लाइम!!
 
अछि हमर आग्रह ई
एक जिम्मेदार नागरिक के निम्ति
रहू अपन घर मे
आ राखू अपन स्वास्थ्य के ध्यान
ई समय अछि बहुत कीमती!!
 
नहि भेटत ई समय फेर
To pour your whole heart
In the form of words,
कि पता फेर काल्हि कि होयत
किया कि there is no power
That works in front of Lords!!
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