कोरोना वायरस सँ बचबाक लेल एकटा ठोस उपाय – घरेलू कामकाजी मिथिलानीक सुझाव

सम-सामयिक विचार

– वन्दना चौधरी, विराटनगर

कोरोना वायरस

आय कैल्ह हर जगह चाहे ओ मोबाईल, टीवी, अखबार, या जनसामान्य हो केवल और केवल कोरोना वायरस के बारे में बात भ रहल अइछ। एकर डर आदमी में एना प्रवेश क रहल छै, जेना लगैत छै जे बस आब ओहो अहि स संक्रमित भ जायत किछुए काल में। एकटा ख़ौफ़ जेकाँ भ गेल छै ई विषय एखन। लेकिन हमर अपन ई विचार अइछ जे एकरा स डरबाके कोनो काज नहि छै।

स्वास्थय के दृष्टिकोण स:

हं ई आवश्यक छै जे सावधानी बरतै के छै, खान पान और रहन सहन में। और ई त लोक के ओहुना बरतै के चाही स्वास्थ्य के दृष्टिकोण स। आय कैल्ह लोक बाहर के खाना पीना पर बेसी ध्यान देब लागल छेलैथ, और पार्टी क्लब सेहो बहुत जाय लागल छेलैथ त ई हुनका सब लेल बेसी ध्यान देबा योग्य बात अइछ जे अहि सब स परहेज करैथ। अपन दिनचर्या सही रखबाक चाही, समय पर सब काज करबाक चाही, योगाभ्यास नित्य करबाक चाही।

अध्यात्म के दृष्टिकोण स:

एखन के जे समय छैक से ई युग के अंतिम छोर पर आबि गेल छै। आब धीरे धीरे क’क’ सृष्टि अहिना विलुप्त होइत चैल जायत। चाहे ओकर कारण किछु भ सकैए। एखन जे हाले दिल्ली में एतेक नरसंहार भेल ओइ में कोरोना वायरस के त एकोटा मरीज नहि छल, लेकिन हुनका सब के समय आबि गेलैन जेबाक त ओ सब चैल गेला।

अहि स पहिने सेहो बाढ़ि में कतेको लोक सब समाप्त भ गेलैथ। कतौ भुकम्प में लोक सब के मृत्यु भ रहल छै, त कतौ बस दुर्घटना, कतौ रेल दुर्घटना, कतौ प्लेन क्रैश, ई सब ऊपर जे बैसल सारा सृष्टि के चला रहल छैथ ई हुनके माया छियैन। ओहि प्लेन में सब ध्वस्त भ जाइ छैथ और एकटा बच्चा जीवित और सुरक्षित बैच जाइये, ई सब सबटा ऊपर बैसल ओइ मदारी के खेल छियै जेकरा हाथ में हमर अहाँक कठपुतली रूपी प्राण के डोरी छैक। जखन जेकरा चाहत ओकर डोरी ऊपर स तोड़ि देत।

एकटा उदाहरण दैत छी – जखन हम अहाँ कियो अपन घर के विशेष सफाई करैत छी त कतेक कचरा घर स निकलइये, कतेक वस्तु घर में एहेन रहैए जे लगाइये ओहिना जगह छेकने अइछ, हम सब ओइ समान सबके सेहो निकालि जगह साफ करैत छी, आ जखन सब कचरा एकठाम जमा करै छि ओतबे में कियो बाहर के जे अबैए त ओकरा लेल अहाँक घर अस्त व्यस्त और कचरा जमा देखाइत छैक, लेकिन अहाँ नजरि में त अहाँक घर साफ भ रहल अइछ। तहिना एखन सृष्टि के सफाई चैल रहल छैक और अहिना कोनो ने कोनो बहाना भगवान के चाही, सृष्टि के सफाई करै के लेल।😊

एकर निदान:

एकर निदान एकेटा अइछ भगवान के नाम के सुमिरन, चिंतन और ध्यान और योग। एखन के युवा सब ई सब चीज में विश्वास सेहो नहि करै छैथ, लेकिन इहे सत्य छैक। केहनों नास्तिक रहत और जखन मृत्यु निकट देखैत छैक त अनायासे भगवान याद आबय लगैत छेथिन। जिनका सबके दुर्गा कवच अबैत अइछ ओ कवच पाठ करू, ओई स पांच छह मीटर नहि पूरा ब्रह्मांड भरि के वायरस स सम्पूर्ण शरीर और प्राण के रक्षा होयत।

जेकरा जखन लिखल हेतै जेनाय ओ जेबेटा करतै, ओकरा कियो नहि रोकि सकैत अइछ। ताहि दुआरे जखन तक अहि संसार में छी सबसऽ मिल क प्रेम भाव स रहू। ककरो स ईर्ष्या, द्वेष नहि करू। के जाने कखन ककर बुलावा आबि जाय और अहि संसार स विदा ल परलोक के यात्रा पर निकलय पड़य।

ई हमर अपन व्यक्तिगत विचार छल जे हम अहाँ सब संग साझा केलौं। जरूरी नहि जे अहूँ सब अहि पर सहमत होइ!😊😊🙏🙏🙏🙏

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बादक लेख

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