अहमदाबाद मे नव दशक २०२० केर २ फरवरी मे मिथिला विभूति स्मृति महोत्सव द्वारा नव सूर्योदय

प्रवीण नारायण चौधरी, विराटनगर। १३ जनवरी २०२०, मैथिली जिन्दाबाद!!

अहमदाबाद मे २ फरवरी केँ होयत मैथिली जिन्दाबाद

प्रस्तावित मिथिला विभूति स्मृति महोत्सव मे दशकक नव उपहार

शाश्वत मिथिला आ माँ जानकी सेवा समितिक संयुक्त तत्त्वावधान मे २०२० यानि एहि नव दशकक आरम्भक वर्ष मे एकटा अत्यन्त नव आ अनुपम कार्यक्रम सँ कयल जेबाक निर्णय आयोजक लोकनि लेलनि अछि। पैछला वर्ष सेहो उद्यमिता विकास लेल आयोजनक प्रथम अर्ध सत्र मे कौशल विकास, स्वरोजगार केर विभिन्न स्वरूप, घरेलू उद्योग आदि अनेकों महत्वपूर्ण विषय पर राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्रक एक सँ बढिकय एक महत्वपूर्ण व्यक्तित्व द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत कयल गेल छल। तहिना एहि वर्ष केवल पूर्वार्ध लेल प्रस्तावित महोत्सव मे बेसी समय सांस्कृतिक कार्यक्रमक प्रस्तुतिक संग प्रदर्शनी पर केन्द्रित रहत। परञ्च दशकक नव उपहार स्वरूप मे एहि बेर एक ४५ मिनट केर सत्र मे ‘कतेक जिबइ य मैथिली’ शीर्षक मे एक विलक्षण आयोजन समाहित कयल जायत।
 
परिकल्पक राजकिशोर झा सँ बातचीत मे ओ कहलनि जे एहि सत्र मे मैथिली भाषा, मिथिला संस्कृति, लोकरीति-रिबाज आदिक संग अन्य सामान्य ज्ञान सँ जुड़ल लगभग २०० प्रश्न अहमदाबाद व आसपास जतय सँ दर्शक लोकनिक सहभागिता अपेक्षित अछि ताहि सब ठाम पर एक सप्ताह पूर्वहि सँ प्रचारित-प्रसारित कयल जायत। उपरोक्त सत्र मे २५ सँ ३० गोट प्रश्न एलईडी पर डिस्प्ले कयल जायत। हरेक प्रश्नक सही उत्तर लेल प्वाइन्ट देल जायत। जे सर्वाधिक प्वाइन्ट हासिल करता तिनका विजेता घोषित करैत एकटा कलर टेलिविजन उपहार देल जेतन्हि। एहि तरहक आयोजन सँ नव पीढी आ मैथिली-मिथिला सँ काफी कटि गेल लोक केँ सेहो पुनः समुचित लगाव आ मातृभाषा-मातृभूमि प्रति जिम्मेदारी बोध करेबाक लक्ष्य राखल गेल अछि। श्री झा कहलनि जे पहिनहि सँ प्रश्न भेटल रहतनि त लोक सब अपन-अपन परिवार सहित तैयारी कय केँ औता आ एहि बहन्ने मिथिलाक साहित्य, कला, संस्कृति, विधा, संगीत, फिल्म, विभूतिक बारेमे किछु जानकारी सेहो पेता।
 
पश्चिम भारतक प्रमुख औद्योगिक महानगरी अहमदाबाद ओना त पश्चिम मे पड़ैत अछि, मुदा मैथिली-मिथिलाक विकास मे प्रत्येक वर्ष एकटा नव सूर्य केर उदय एतहि सँ होइत अछि। पैछला वर्षक उद्यमशीलताक विषय लगभग हरेक मैथिली कार्यक्रमक हिस्सा बनल, अन्त मे २२-२३ दिसम्बर विराटनगर मे आयोजित १७म अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन तक ओहि नव विहानीक प्रभाव देखल गेल। आशा नहि अपितु विश्वास सँ कहल जा सकैत अछि जे ई क्वीज (प्रश्नोत्तरी) प्रतियोगिता आ पुरस्कार वितरण सँ अपन भाषा आ पहिचान प्रति जनसामान्य मे नवचेतनाक विकास निश्चित संभव होयत।
 
प्रस्तुत तस्वीर मे अहमदाबाद मे सक्रिय मैथिली भाषाभाषी लोकनिक एकजुटताक दृश्य ओहिना परिलक्षित अछि जाहि लेल ई लोकनि प्रसिद्ध छथि, विलक्षण कार्ययोजना, सुन्दर आ समर्पित-अनुशासित कार्यकर्ता, समृद्ध कोष, मजबूत केन्द्र आ बेहतरीन क्रियान्वयन। मैथिली जिन्दाबाद केर तरफ सँ हम स्वयं गवाही रही, जानकीक आशीर्वाद रहत त एहि वर्ष सेहो जरूर उपलब्ध होयबाक प्रयास करब। शुभकामना बारम्बार!!
 
हरिः हरः!!
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