दिल्ली मे माछ-भात – एक प्रतिष्ठित मैथिल व्यवसायिक उपक्रम

संस्मरण

– प्रवीण नारायण चौधरी

१७ नवम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!!

हालहि मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल २०१९ जे ८ सँ १० नवम्बर २०१९ केँ साहित्य अकादमी सभागार मे सम्पन्न भेल ताहि मे भाग लेल। कार्यक्रम ओरेलाक बाद विमलजी मिश्र भाइ संग १० नवम्बर राति माछ-भात केर भोजन करबाक निर्णय भेल। मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन सँ मयुर विहार लेल टिकट कटाओल। पुनः १-२ स्टेशनक बाद पिंक-ब्लू-येलो कोन-कोन लाइन नाम छल से याद नहि अछि से बदलैत विमलजी भाइ केर अगुवाई मे मयुर विहार स्टेशन पहुँचलहुँ। ओतय सँ फेर अपनहि मिथिलाक सैकड़ों रिक्शावाला सब देखबैत विमलजी भाइ एकटा रिक्शा मे संगे बैसि जेबाक इशारा कयलनि। रस्ता मे रिक्शावाला युवा दिश संकेत करैत विमलजी भाइ कहला जे ई सब बच्चा अपनहि मिथिलाक थिक। रिक्शावाला सँ ओकर गामक नाम पूछल। ओ कहलक समस्तीपुर जिला घर थिक। फेर सब कियो बात करिते-करिते “माछ-भात” नामक प्रतिष्ठान पर पहुँचि गेलहुँ।

ओतय पहुँचिते सोझाँ देखेला प्रिय अखिलेश मिश्र भाइ। प्रणाम-पाती केलाक बाद सब कियो राउन्ड टेबिल पर बैसि गेलहुँ आर आब विमलजी भाइ द्वारा माछ-भात व्यवसायिक प्रतिष्ठान स्वयं अखिलेश भाइ द्वारा स्थापित कयल गेल अछि से सब सविस्तार परिचय देलनि। लगले हाथ अखिलेश भाइ केँ बधाई ज्ञापित कयल। संगहि ओ हालहि अखिल भारतीय मिथिला संघक उपाध्यक्ष समान गरिमामयी पद पर सेहो चुनायल गेल रहथि तेकरो बक्यौता बधाई हुनका देल आर कहल जे देशक एक अत्यन्त प्रतिष्ठित मैथिली-मिथिलाक संस्था मे एतेक उच्च पद पर अहाँक पहुँचब सम्पूर्ण मिथिलावासी लेल एकटा सार्थक-सकारात्मक सन्देश अछि। अहाँक सक्रियता सँ निश्चित नव-नव उपलब्धि हासिल होयत। ओतहि लालगंज (लोहना) निवासी प्रोफेसर साहेब व हुनक धर्मपत्नी सँ सेहो भेंट-परिचय सब भेल। अखिलेश भाइ आ प्रोफेसर साहेब मिलिकय ई “माछ-भात” प्रतिष्ठान संचालन करैत छथि।

कनियेकाल मे माछक विभिन्न वेरायटी स्वाद लेबाक वास्ते सोझाँ थारी मे परोसल भेटल। खाय-पिबय के मामिला मे बड़ा आगू रहयवला लोक, तरातरी माछ आ चटनीक स्वाद लेनाय शुरू कय देल। ७ नवम्बर सँ १० नवम्बर धरिक बाहरी खाना खाइत अकच्छ मोन ओहि “माछ-भात” केर मैथिल स्वाद मे तेना हेरा गेलहुँ जे कि कहू! एखन त तरल भेटल छल, कनीकाल मे झोरायल माछ सेहो आबि गेल। झोर एहेन जे सुरकय लगलहुँ। माछक तैयारी मे तरय सँ लय झोराबय धरि बहुत रास ईलम काज करैत छैक। से अखिलेश भाइ सँ पूछि बैसलहुँ जे ई बनेनिहार के छथि… ओहो! बनेनिहार सँ लैत एक-एक सेवादार तक अपन मिथिलहि सँ छथि ई जनतब भाइ देलनि, मोन आर तिरपित भऽ गेल। माछक झोर मे सब स्वाद विलक्षण आ मनभावन लागि रहल छल। ६ पीस तरल पहिने चट्ट कय गेल रही, एक बाटी माछ झोरक संग सेहो साफ कय देल।

आइ हम अतिथि रही, ग्राहक नहि। अखिलेश भाइ इशारा टा करथिन आ कि दोसर बाटी फेर हाजिर भऽ जाय। कि कहू! ३ बाटी झोरायल माछ खा लेलहुँ। तखन विमलजी भाइ कहैत छथि जे आब “माछ-भात” लाबह – यानि जे आब भात संग माछ जे खेबाक परम्परा अछि अपन मिथिला मे से शुरू करह। जोरदार ठहाका लगेलहुँ सब कियो, यौ जी! पेट छी कि बखारि… आब कतेक भरबय! लगभग २ घंटा समाप्त भऽ गेल छल खाइते आ गपियाइते। संग मे मैथिली फिल्मक निर्देशक भाइ मनोज श्रीपति सेहो रहथि। हम तीनू गोटे मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल सँ सीधे मयुर विहार “माछ-भात” प्रतिष्ठान पहुँचल रही। ‘अलाइ-बकच’ भीड़ सँ मुक्त तीनू गोटे “माछ-भात” पर टूटि पड़ल रही। सब सँ पैघ पेटू त हमहीं सिद्ध भेलहुँ, कारण ४ दिनक पियासल मन केँ मिथिलावला “माछ-भात” जे भेटि गेल छल। मुदा आब भातक संग आरो माछ खेबाक जगह पेट मे नहि छल। तथापि “माछ-भात” केर कोरम पूरा करबाक लेल विमलजी भाइ जबरदस्ती २ चम्मच भात सेहो माछहि वला बाटी मे दय विध पूरेबाक लेल कहैत ओकरो साफ कय देल। आनन्द-आनन्द भऽ गेल। माछ-भातक संग भरि पेट बातचीत! अखिलेश भाइ द्वारा मयुर विहार जेहेन टौप इलाका मे एतेक नीक व्यवसायिक प्रतिष्ठान, एकर खोलबाक खिस्सा आ आगाँक योजना सब सुनि मंत्रमुग्ध छलहुँ।

बहुत गर्व भेल जे अपन मिथिलाक उच्च-विकसित मस्तिष्क वला कइएक हस्ती आइ भारतक राजधानी मे एक सँ बढिकय एक प्रतिष्ठान संचालन करैत छथि। अखिलेश भाइ पेशा सँ एकटा आडिटर छथि। नौकरी सेहो करैत छथि। मुदा ई नौकरी केर अतिरिक्त कम सँ कम दर्जनों प्रतिष्ठानक खाता अंकेक्षण अपन स्वतंत्र फर्म द्वारा सेहो करैत छथि। कम सँ कम ३-४ टा औफिस अलग-अलग स्थान पर खोलने छथि। दर्जनों असिस्टेन्ट केँ रोजगार उपलब्ध करौने छथि। अपन कार्यालय मे मैथिली-मिथिलाक सेवा कयनिहार कलाकार आदि केँ सेहो संरक्षण दैत छथि। मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल हो आ कि आन कोनो कार्यक्रम – अपन योगदान बढि-चढिकय करैत छथि। एहेन-एहेन सपूत सँ मिथिला आ मैथिलीक चौजुगी जिन्दाबाद होइत रहत से आत्मविश्वास आर बलवान बनल। ईश्वर सदिखन हिनका व समस्त सहयोगीजन केँ एहिना जयजयकार कएने रहथि।

माछ-भात सँ अहाँ सेहो सेवा लय सकैत छी

एहि प्रतिष्ठान मे अगबे काउन्टर सेल टा नहि कयल जाइछ बल्कि कोनो प्रकारक पार्टी अथवा भोजादिक लेल आर्डर पर होम डिलीवरी एवं कैटरिंग केर सेहो इन्तजाम कयल जाइछ। पूर्ण विश्वासक संग उच्च गुणस्तरीय “माछ-भात” आर होम-डिलीवरी सेवाक लाभ सब कियो जरूर उठाबी। सम्पर्क फोन देखेबाक हिसाबे फोटो खिंचौने रही, से देख लेब। सभक लेल शुभकामना!!

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