मैथिली केँ भेटल एकटा आर दूर-दूर धरि ख्याति प्रदान करयवला भक्तिगीत – जलेश्वरनाथक स्तुतिगान

जय जलेश्वरनाथ – जय जलेश्वरनाथ – गंगा खेलथि जिनक जटा मे छथि जलेश्वरनाथ, नित दिन जल मे वास करैत छथि अपन जलेश्वरनाथ, जय जलेश्वरनाथ जय जय जलेश्वरनाथ एतेक सुन्दर बोलक रचना आ ततबे सुन्दर आवाज मे सुनील मल्लिक जी समान वरिष्ठ गायक द्वारा गायन – एकटा आरो दूर धरि अपन प्रभाव छोड़यवला भक्तिगीतक सृजन भेल अछि। नवरस मीडिया अपन आरम्भहि काल सँ एक पर एक रचना सँ मैथिली केँ पुष्ट कय रहल अछि। प्रस्तुत रचना मे नेपाल-भारतक सीमा समीप अवस्थित एक नगर ‘जलेश्वर’ जे ओहिठामक प्रसिद्ध मन्दिर जलेश्वरनाथ महादेव केर चित्रण करैत महादेवक स्तुतिगान कय रहल अछि। एक बेर नहि, भोर सँ कइएक बेर सुनि चुकल छी, लेकिन मोन नहि अघा रहल अछि। आजुक दिवस यानि १७ अक्टूबर २०१९ हमरा लेल महादेवक विशेष कृपादृष्टि प्राप्तिक बुझा रहल अछि, कारण भोरे एकटा आर बहुत सुन्दर नचारी पूजा झा रुचिक आवाज मे सुनने रही – ओहो भाव विभोर कय देने छल। अपने लोकनि सेहो सुनू ई रचना युट्यूब परः

https://youtu.be/gqIbBZaVzK4
गीतकार अशोक दत्त केर रचना ओहुना कालजयी होइत रहल अछि। तहिना संगीत सुनील-प्रवेशक जोड़ी देलनि अछि, बहुत कड़ा मेहनतिक बाद सदिखन उत्कृष्ट परिणाम देबाक लेल ई लोकनि जानल जाइत छथि। बाबा जलेश्वरनाथ केँ समर्पित शिवगंगाक आरती लेल ई रचना सृजन कयल जेबाक जनतब उपलब्ध प्रोमो पोस्टर सँ भेटैत अछि। निश्चित एकर श्रवण भक्तजन लेल शुभकारी होयत, से कहय मे हमरा कनिकबो हर्ज नहि बुझा रहल अछि। बधाई समस्त सृजनकर्मी आ विशेष रूप सँ गायक सुनील मल्लिक जी केँ। अपन नीक सृजनशीलता सँ मैथिली-मिथिला केँ सदैव सजौने रहथि, भोलेनाथ सँ हमर यैह विनती अछि। जय जलेश्वर नाथ, जय जय जलेश्वरनाथ!!
हरिः हरः!!
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One Response to मैथिली केँ भेटल एकटा आर दूर-दूर धरि ख्याति प्रदान करयवला भक्तिगीत – जलेश्वरनाथक स्तुतिगान

  1. बहुत नीक आ सुंदर संगीत संगही स्वर सजल ज़लेश्वर नाथ

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