की, हम वैश्विक साहित्य, राजनीति, संस्कृति वा कोनो अन्य गतिविधि पर अपन विचार रखबा लेल प्रतिबंधित छी ?

विचार-संग्रह

२६ सितम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!!

आइ सँ किछु महत्वपूर्ण विचार सब केँ संग्रह करबाक लेल पुनः फेसबुक आ सामाजिक संजालक अन्य स्रोत सँ मैथिलीक गोटेक उत्कृष्ट लेख केँ समेटब आरम्भ कय रहल छी। एहि क्रम मे आजुक प्रस्तुति श्री ईशनाथ झा, ग्राम – नरुआर, जिला मधुबनी सँ लेल जा रहल अछि। ई फेसबुक सँ साभार लेल गेल अछि आर एहि मे कोनो तरहक सम्पादन नहि कयल गेल अछि। एकर उद्देश्य अछि जे बेसी सँ बेसी सोशल मीडिया यूजर पर सक्रिय लेखक सभक लेखनी केँ संग्रह करैत सामान्य पाठकवर्ग मे मैथिली भाषा लेखन प्रति आकर्षण उत्पन्न कयल जाय।

हमर नाम ईशनाथ झा, गाम नरुआर, झंझारपुर, मधुबनी, मिथिला, बिहार अछि।

हमर उमेर पचास टपि गेल अछि, हम अंग्रेजी साहित्यक छात्र छी, रुचिक अनुसार संस्कृत, मैथिली, बांग्ला साहित्यक अध्ययन करैत छी।

हमर दू गोट बेटा-बेटी मैथिली बजैत अछि आ मैथिली लिखैत अछि, अन्यान्य विषयक अध्ययनक अतिरिक्त !

हम अंग्रेजी पढ़बैत काल विद्यापति, गोविंददास, चंदा झा कालिदास, माघ, भारवि आदिक उद्धरण दैत छात्र-छात्राकें साहित्यक एकरूपताक उदाहरण देबाक चेष्टामे सतत् लागल रहैत छी ! हम मधुप, सुमन, किरण, भुवन आदि आदि मैथिलीक शीर्ष लेखकगणक लेखनी सँ अपन शिक्षणवृत्तिकें नवल आयाम देबाक प्रयासमे सदति लागल रहैत छी। हम मिथिलाक्षेत्रक सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक उत्कर्षक सदैव कामना करबाक संग एहिमे अपन यथोचित योगदान देबाक लेल निरंतर चिंतनशील रहैत छी।

हमरा भारत सरकारक संस्कृति मंत्रालय सँ मैथिली क्षेत्रमे वरिष्ठ अध्येता (Senior Research Fellowship) हेबाक गौरव प्राप्त अछि !

एकर माने की भेलै जे हम मात्र अपन गाम नरुआर वा अपन टोल वा अपन कुल-खानदानक बारे टा मे फेसबुक पर लिखि सकैत छी ? की, हम वैश्विक साहित्य, राजनीति, संस्कृति वा कोनो अन्य गतिविधि पर अपन विचार रखबा लेल प्रतिबंधित छी ?

किछु मित्रगणक सुझाव छनि जे हम अपन साहित्यिक ज्ञानकें राजनीति सँ नहि जोड़ी, आ राजनीतिकें साहित्य सँ नहि जोड़ी ! हम टेक्सास, लंदन वा विश्वक कोनो कोणमे चलैत राजनैतिक क्रियाकलाप सँ अनभिज्ञ रही ! हमरा कोन मतलब रखबाक अछि राजनैतिक उठा-पटक सँ ! बहुत रास लोक आरोपित करैत छथि जे हम वामपंथी छी, कांग्रेसी छी, हिंदूवादी दलक खिलाफ छी !

स्पष्ट करैत हर्षित छी जे ने हम वामपंथी छी ( वामपंथी साहित्य हम आइ धरि पढ़बो नै खेने छी) आ ने कांग्रेसी छी (कांग्रेस पार्टीक पुरान नेता सबसँ प्रभावित जरूर छी)! लेकिन ई आरोप निराधार अछि, हम ने कोनो राजनीतिक दलक सदस्य छी ने कोनो नेताक आगू-पाछू करए बला टहलुआ छी ! विगत शताब्दीक मान्य राजनैतिक चिंतक लोकनिक प्रति कृतज्ञ रहैत छी। नेहरू, गांधी, पटेल, इंदिरा, वाजपेयी आदिक नाम आदर सँ लेबाक हिस्सक अछि तैं कोनो समकालीन नेताक समीक्षा करैत लाजक अनुभव नहि करैत छी !

बहुमतक निर्णय जे हैत सैह पालन करब !

मुदा हमर अपन स्वाभिमान हमरा सँ कोनो दल वा दलक अधिपतिक चापलूसी नहि करा सकत, से निश्चय !

उताराक प्रतीक्षा रहत ……!

■ईशनाथ झा
25-09-2019

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