नकली गीतकार बनबाक होड़ मिथिला मे, प्रसिद्ध रचनाकार मधुकरक भक्ति रचनाक चोरी दरभंगा मे

प्रसिद्ध गीतकार पंडित मधुकरक रचनाक चोरी

https://youtu.be/PPF1rjSbBaw
एकटा आर दुखद घटना सोझाँ आयल अछि, एक महान् साहित्यकार आ गीतकार – भक्तिरचनाक सुप्रसिद्ध स्रष्टा पंडित मधुकान्त झा मधुकरक एक प्रसिद्ध रचना केँ अपन नाम सँ गीत रचबाक आ तेकर रेकर्डिंग करेबाक निन्दनीय प्रकरण प्रकाश मे आयल अछि।
 
जाले प्रखंड केर मुरैठ गामक निवासी डा. रविन्द्र मिश्र द्वारा पंडित मधुकरक रचना ‘अखिल जगदम्ब माँ काली’ नामक भक्ति-गीत रचनाक चोरी करैत अपन नाम गीतकारक रूप मे राखि ‘पुष्पानि म्यूजिक’ चैनल पर राहुल मिश्र केर गायन सहित आडियो रिलीज कयल गेल अछि।
 
एहि तरहक घटनाक निन्दा करैत पंडित मधुकरक दोभित्र डा. कुमुनानन्द झा प्रियवर गीतकार सँ कड़ा विरोध सेहो जतेलनि अछि। आरोपी गीतकार मिश्रक कहब छन्हि जे ई रचना १९८० केर दशक मे वैह कयलनि, संगहि ओ अपन सफाई मे ई रचना आरो कतेको लोक द्वारा होयबाक तर्क सेहो हड़बड़ी मे रखैत अपना केँ बचेबाक प्रयत्न केलाह। मैथिली जिन्दाबाद केँ प्राप्त टेलिफोन वार्ता मे डा. मिश्र अपन बचाव मे कोनो पुख्ता आधार नहि राखि पेलाह। १९७५ ई. मे पंडित मधुकरक ई रचना पहिनहि प्रकाशित सेहो भेल छल, संगहि हुनकर ई रचना गामे-गाम पूरे मिथिला मे लोकप्रिय भेल। तेहेन महत्वपूर्ण रचना केँ आइ अन्य कोनो व्यक्ति अपन रचना कहिकय गीतकार बनबाक लौल पूरा करथि, ई मैथिली साहित्यक लेल दुर्भाग्यपूर्ण पक्ष थिक। प्रियवर एहि वास्ते रचनाकार सँ अपन गलती केँ सुधार करैत संकलनकर्ताक रूप मे श्रेय लेबाक आग्रह कयलनि, रचनाकारक मेहनति आ कृतिनिर्माणक भरपूर श्रेय देनाय अनिवार्य आ नैतिकताक आधार पर न्यायपूर्ण सेहो हेबाक बात ओ बतेलनि।
 
बौद्धिक सम्पदाक संरक्षण लेल कानूनी उपाय रहितो मानवीयता आ नैतिकताक आधार पर एहि तरहक कुकृत्य सँ बचब आवश्यक होयबाक बात मैथिली जिन्दाबादक सम्पादक प्रवीण नारायण चौधरी बतेलनि।
 
हरिः हरः!!
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