नेनपन के किछु झलफल स्मरण – अलकतरा सँ पाटल ओ बगीचा

लेख

– वाणी भारद्वाज

नेनपन के किछु झलफल स्मरण जहिया हमर पिताजी लौकही ब्लौक मे चिकित्सा पदाधिकारी छलाह. हम सब सरकारी आवास मे रहैत छलहुँ. घरक सीध मे चिकित्सालय छल. घरक बाम कात थाना छल. तहिया सेंध मारि क चोर चोरी करैत छल सेह बड पैघ बात होइत छल. आ चोर के पुलिस पकडैत छल. शातिर चोर जे कतेको गाम चोरी केने रहैत छल. आ घरक पाछा मे बडकी टा बगीचा छल. ताहि मे तरह तरह के गाछ लागल. सपातू, सरीफा,आम, धातरी आर नहि मोन अछि. आ ओहि बगीचा मे सरकारी काज लेल राखल कटीला तार आ अलकतरा.  किछु अलकतरा के टीन साबूत, किछु फूटल, किछु गिरल पडल. आ जमीन मे माटि मे मिलल. ओना त आन मास मे अलकतरा जमल रहैत छल मुदा गर्मी मे त तापमान सं पिघैल जाइत छल. हम सब चारि पाच भाई-बहिन अपन आ पिसियौत दुइ सं पाच सालक बीच के छलहुँ. गर्मी मास नम्हर दिन, घर क महिला सब भोर सं काज-धंधा क थकि हारि क दिन मे आराम करय लगैत छलीह. मुदा धियापुता त उकट्ठी होइत अछि, एक टा के नींद नहि आयल तं धीरे सं सब के उठा क खेलैय लेल इशारा क दैत छल. आ फेर त घर आँगन आ नहि त घरक सटल जे बगीचा छल ओतहि खेल धुक्कर शुरु भ जायत छल. खेलक क्रम मे कतेक बेर अलकतरा जे जमीन पर पिघैल क पसरल रहैत छल ओहि मे पैर फंसि जायत छल. पैर त कहुना खींचि तीरि कय निकलि गेल मुदा चप्पल फंसले रहि जायत छल. कहुना मारिक डर सं डेरायत डेरायत घर आबैत छलहुँ. भरि पैर अलकतरा सं सनल. माँ ओहन हाल देखिते पहिने डेंगेलक, तहन किरासन तेल ल क बैसि पैर मे सं अलकतरा छोराबैत छल. ईहो धमकी जे काल्हि सं ओतहि गेलें आ ई हाल भेलौक त आर बेसी मारि खेबें. कहु त ऐना भेलैक. फेर दोसर दिन वैह हाल दोसर संग होइत छल. कताक हमर सब भाइ बहिन केँ ओहि अलकतरा मे फंसल होयत से नहि कहि सकैत छी. आ ओहि लेल ओतबै मारियो खेने होयब. त यैह होइत अछि नेनपन. आइयो ओहिना झल-फल मोन अछि अलकतरा पाटल ओ बगीचा.

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