कुमारिल भट्ट केर डीह पर गतिरोध देखैत भट्टपुरा संग-संग भटसिम्मैर सँ सेहो रथयात्राक प्रस्ताव

घनश्याम झा, २४ अगस्त २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!!

मिथिला स्टूडेंट यूनियन आ शांति फाउंडेशन क द्वारा मिथिला में पौराणिक आ ऐतिहासिक संस्कृति के जागृत करबाक उद्देश्‍य सँ मंडन मिश्र क गुरू आ प्रकांड विद्वान, विश्व के मीमांसा दर्शन देनिहार कुमारिल भट्ट केर डीह सँ हुनक शिष्य मंडन मिश्रक डीह सहरसा जिलाक महिषी तक लगभग डेढ़ सौ किलोमीटर रथयात्रा निकालवाक विचार क रहल अछि । विगत दु दिन पहिले मनीगाछी प्रखंडक भट्टपुरा गाम जा एकटा टीम स्थल केर अवलोकन केलथि । जकर बाद सोशल मीडिया पर मधुबनी जिलाक भट्टसिमैर गामक किछु गोटे कुमारिल भट्टक डीह भट्टसिमैर में रहबाक दावा केलनि । सोशल मिडिया पर बढ़ैत भ्रांतिक बाद संयोजक संतोष मिश्रा जनतब देलनि जे कुमारिल भट्ट मिथिलाक एकटा पैघ विभूति आ प्रकांड विद्वान छलाह । विश्व पर जखन एकेश्वरवाद थोपबाक प्रयास भ रहल छल ताहि समय मीमांसा दर्शनक माध्यम सँ ओ अहि चीजक खंडन केलथि । जकर परिणाम अछि जे मिथिलाक संस्कृति आओर प्रदेशक संस्कृति सँ भिन्न सेहो अछि । ओहि दर्शनक प्रभाव अछि जे मिथिला में कोजागरा , मधुश्रावणी , चौरचन , छठ , जितिया ऐहेन प्रकृति पुज्य आ आनंददायक पावैन तिहार सभ हर्षोल्लासक संग मनाओल जायत अछि । ओ कहलनि जे जखन विश्व में बौध के प्रभाव बेस भ गेल त अंतर्मन सँ कुमारिल भट्ट ऐहेन विद्वान अहि धर्म के समूल नष्ट क सनातन धर्मक पताका फहराबय के दृढ़ निश्चय क लेलनि । अहि कारणे ओ छद्म वेष में नालन्दा विश्वविद्यालय जा बौद्ध शिक्षा ग्रहण करबाक निर्णय लेलनि । ओ निरंतरता सँ गहन अध्ययन करऽ लगलथि । मुदा जहन सनातन धर्म पर चोट करल जायत छल त कुमारिल भट्टक ह्रदय कांपि जायत छलनि । जाहि कारणे दोसर शिष्य सभके कुमारिल भट्ट पर संदेह होमय लगलनि । थोड़बे दिनक उपरांत अहि बातक पता चलि गेल जे कुमारिल भट्ट छद्म रूप सँ बौद्ध शिक्षा ग्रहण क रहल छथि । गुरू अपन शिष्य सभके आज्ञा देलनि जे कुमारिल भट्ट के ऊंच टीलक ऊपर सँ नीचा फेंक देल जाय । जाहि समय हुनका फेंकबाक लेल सभ ल जायत छलनि ताहि समय एकटा बौद्ध बाजल जे तोहर भगवान कतहु छौक त कहीन जे बचा लेतौक । ताहि पर कुमारिल भट्ट कहलखिन जे जौं सनातन धर्म में ताकत हेतैय त हमरा किछु नञ होयत । ऊंच टीला के ऊपर सँ फेंकबा के बादो कुमारिल भट्ट के खरोंच तक नञ ऐलनि मुदा हुनक एकटा आंखि काज केनाय बंद क देलक । ताहि पर तंज कसैत बौद्ध सभ बाजल जे तोहर केहेन भगवान छलौह जे एकटा आंखि नञ बचा पेलकौह । जबाब दैयत कुमारिल भट्ट कहलखिन जे हम संदेह व्यक्त केलौह जे जँ भगवान हेथिन त हमरा किछु नञ हैयत ताहि लेल हमर एकटा आंखि चलि गेल । जँ हम पूर्ण आश्वस्त रहितौं त हमरा किछु नञ होइत । तकर बाद कुमारिल भट्ट बौद्ध धर्मक विरुद्ध घुमि घुमि क प्रचार क सनातन धर्मक प्रति लोक सभके जागृत करय लगलाह ।

संतोष मिश्रा कहलनि जे ई हम कतौह नञ कहि रहल छी जे कुमारिल भट्टक जन्म भट्टपुरा में भेलनि वा भट्टसिमैर में । भ सकैत अछि दुनु में सँ कोनो एक स्थान पर जन्म भेल हेतनि आ कोनो एक स्थान पर किछु दिन प्रवास केने हेतथि । भट्टपुरा में अन्वेषण क उपरांत बहुतो किछु साक्ष्य भेटल मुदा सोशल मीडिया पर गतिरोध आ प्रमाणिकता केँ देखैत 25 अगस्त क टीम बाबा नागार्जुन के धरती सँ भट्टसिमैर के दौरा करत । ओ कहलनि जे जौअ दुनु स्थान सँ रथयात्रा निकलैय त आओर नीक गप्प जे कुमारिल भट्ट के संदेश बेसी दूर तक जायत ।
अहाँ केँ बता दी जे शांति फाउंडेशन मिथिला स्टूडेंट यूनियन क संग मिथिला में साहित्यिक आ ऐतिहासिक संस्कृति केँ फेरो सँ जागृत करबाक प्रयास क रहल अछि । किछु दिन पूर्व बेनीपुर क नागार्जुन स्टेडियम में यात्री लोक उत्सव क माध्यम सँ जन जन में साहित्यिक चेतना जगेबाक प्रयास कैयल गेल छल ।

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