अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन विराटनगर मे होयबाक नियार आ बैसार उपरान्त एक प्रार्थना जानकी सँ 

विराटनगर, नेपाल। २० जुलाई २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!!

हे जगज्जननी जानकी! हे पराम्बा मैथिली!!

मर्यादा पुरुषोत्तम रामक सदा प्रिय आ संग विराजित अम्बे!!

अहाँक दया आ कृपा सँ बल आ बुद्धि केर निधान हनुमान सेहो कृतार्थ भेलाह। हम सब त तुच्छ मानव छी, बिना अहाँक कृपा हमरा सभक जीवन भले कोना पार लागत? कृपा करू हे जगदम्ब!!

मा!

एहि भवसागर हम मानव एक-दोसर पर विश्वास केँ कमजोर बनौने चल जा रहल छी। आब पुरुखा वला ओ त्याग सँ कीर्ति निर्माणक हुबा सेहो टूटैत देखि रहल छी। लोक सेल्फी खींचिकय जबरदस्ती मुस्कान अनैत अछि फोटो पर, लेकिन आन्तरिक प्रसन्नताक मानू अकाल पड़ि गेल अछि। मानव समुदाय पर कृपा करू हे माते!

अम्बे!

मैथिलीपुत्र प्रदीपक ओ रचना ‘जगदम्ब अहीं अवलम्ब हमर, हे माय अहाँ बिनु आस केकर’ पूरे भावना सँ गाबिकय अहाँक कृपा लेल प्रार्थना करैत रहैत छी। मन्दिर-मन्दिर आ फेलो सिटिजन्स सभक संग मानवीय समुदायक कल्याण संग समस्त पर्यावरण आ प्रकृति सन्तुलित भऽ चलय – ताहि लेल हृदय सँ निवेदन करैत रहैत छी।

आर, हे जानकी – जनकनन्दिनी कृपालू भवानी!!

बिना अहाँक प्रेरणा आ प्रसादे कोनो ठानल काज कहियो पूरा नहि भऽ सकल, नहि भऽ सकत, से कतेको बेर ठेहुनियाँ रोपि सिर निहुरेने प्रकट कएने छी। जखन अहाँ प्रसन्न होइत छी तखनहि परमपिता परमेश्वर श्रीराम प्रसन्न होइत छथि। आर, जखन ‘सीताराम’ प्रसन्न तऽ ‘गौरी-शंकर’ प्रसन्न! हनुमानजी प्रसन्न!! अल्लाह-ईश्वर आ गाछ-वृक्ष सब दृश्य-अदृश्य अस्तित्व प्रसन्न!

आगाँक सब काजक सिद्धि अहींक हाथ मे अछि।

कृपाक बरखा होइत रहय जननी! मैथिली!!

ॐ तत्सत् – हरिर्हरिः!!

हरिः हरः!!

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