मनुष्य केँ एहि ६ अनमोल चीज केर सदुपयोग धर्म मार्ग पर करबाक चाही – ऋषि शुक्राचार्य

अनुवादित लेख

शुक्राचार्य ज्ञानी ऋषि होयबाक संग नीक नीतिकार सेहो छलाह। ओ कतेको शास्त्र सभक रचना सेहो कयलनि। शुक्राचार्यक नीति बहुत महत्व रखैत अछि।

शुक्राचार्य महर्षि भृगुक पुत्र छलाह। हुनका दैत्य गुरु सेहो कहल जाइछ। शुक्राचार्य द्वारा दैत्य सब केँ ज्ञान आर तप केर मार्ग देखायल गेल। सही आर गलत केर जानकारी देनाय हुनकर काज छल। शुक्राचार्य द्वारा बनायल गेल नीति आइयो ओतबे सान्दर्भिक अछि।

शुक्राचार्य अपन एक नीति मे ६ चीजक विषय मे बतेलनि अछि जेकरा अपना वश मे रखनाय कहियो संभव नहि होइछ। हुनका मुताबि धर्मक मार्ग मे चलैत ओकर उपयोग करब नीक होइछ।

यौवनं जीवितं चित्तं छाया लक्ष्मीश्च स्वामिता।
चंचलानि षडेतानि ज्ञात्वा धर्मतरो भवेत्।।

अर्थात, यौवन, जीवन, मन, छाया, लक्ष्मी आर सत्ता ई ६ चीज अत्यधिक चंचल होइछ। एकरा बुझैत धार्मिक कार्य मे लागल रहबाक चाही।

जबानी
सभ केँ अपने हमेशा खूब सुन्दर, जबान आ आकर्षक बनाकय रखबाक इच्छा होइत छैक। केकरहु कहियो बूढ हेबाक मोन नहि होइत छैक। लेकिन तेना संभव नहि होइछ। ई प्रकृतिक नियम थिक, एक समय बाद सभ केँ युवावस्था ओकर संग छोड़ि दैछ। आब सदिखन युवा बनल रहबाक मनुष्य कतबो प्रयास करत लेकिन से संभव नहि हेतैक।

जीवन
जन्म आर मृत्यु मनुष्य जीवनक अभिन्न अंग थिक। जेकर जन्म भेलैक ओकर मृत्यु निश्चित अछि। कोनो मनुष्य चाहे कतबो पूजा-पाठ करय अथवा औषधिक सहारा लियए, मुदा निश्चित समय बाद ओकर मृत्यु हेब्बे टा करतैक।

मोन
मोन बहुत अधिक चंचल होइछ। कतेको लोक द्वारा मन केँ नियंत्रण मे रखबाक कोशिश कयल जाइछ, लेकिन कोनो न कोनो समय ओहनो लोकक मोन अनियंत्रित भऽ जाइत छैक। आर, तखन ओकरा द्वारा एहेन काज करा देल जाइछ, जे काज नहि कयल जेबाक चाहैत छल।

छाया
मनुष्यक छाया ओकर संग ताबत धरि दैछ जाबत धरि ओ प्रकाश मे चलैत अछि। अन्हार भेलाक बाद छाया सेहो लोकक संग छोड़ि दैत छैक।

लक्ष्मी
मोने जेकाँ धनक स्वभाव सेहो अत्यधिक चंचल होइत छैक। धन सदिखन लेल एक्कहि ठाम मे वा कोनो एक्के व्यक्ति संग मात्र नहि टिकि पबैछ। ताहि लेल धन सँ बेसी मोहित भेनाय ठीक नहि होइछ।

सत्ता
बहुते लोक केँ शक्ति अर्थात् सत्ता पेबाक सख होइत छैक। अपना केँ प्राप्त पद आर अधिकार जीवन भरि भेटल रहय से इच्छा हर मनुष्य केँ होइत छैक। लेकिन से संभव नहि छैक। जहिना परिवर्तन प्रकृति केर नियम अछि, तहिना पद आर अधिकार सेहो परिवर्तन होइत रहैत छैक।

(साभार – नागरिक टाइम्स, नेपाल – प्रकाशित – २८ मई, २०१९ – मंगल दिन, मूल लेख नेपाली मे छल)

पूर्वक लेख
बादक लेख

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

7 + 2 =