लोकप्रिय पुलिस पदाधिकारी निर्मला कुमारी पर विभागीय कार्रबाई कियैक?

२१ मई २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!!

ईमानदारिता-उदारता-प्रतिबद्धताक पुरस्कार कहीं एहेन हो?

बेनीपट्टी मे अपन कार्यकाल मे कतेको रास महत्वपूर्ण सामाजिक कार्य करैत जनता संग पुलिस केर मित्रता केँ नव आयाम देनिहाइर बहुचर्चित आ लोकप्रिय पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) निर्मला कुमारी आइ-काल्हि अनावश्यक तनाव मे रहि रहली अछि। अपन फेसबुक पेज सँ सदिखन सकारात्मक आ सार्थक प्रसंग पर नव-नव ऊर्जाक संचरण करयवाली पुलिस पदाधिकारी हाल अपनहि विभाग केर किछु उच्च पदाधिकारी द्वारा मार-पीट करयवला आरोप झेलि रहली अछि। एहि तरहें विभागीय कार्रबाई केर शिकार निर्मला कुमारी द्वारा एहि तरहक आरोप बिल्कुल गलत आ निराधार होयबाक त कहिते छथि, संगहि ओ स्वयं द्वारा कयल गेल किछु अलग आ निर्भीक शैलीक कार्य जेकर प्रशंसा आ सराहना आम जनमानस द्वारा कयल जाइत रहल अछि ताहि सँ किछु गानल-गुथल लोक मे ईर्ष्याक भावना सँ ग्रसित होयबाक कारण एहि तरहक मनगढंत आरोप लगाकय हुनकर ओज केँ प्रभावित करयवला बात सेहो अपन विभिन्न पोस्ट आदि मे लिखैत रहली अछि।

निर्मला कुमारी द्वारा अपडेट कयल गेल एक पोस्ट सँ ई स्पष्ट भेल अछि जे हुनका पर अपन वरीय पदाधिकारी संग ‘मारि-पीट’ करबाक आरोप लगाओल गेल छन्हि। तदोपरान्त ओ अपन कार्यशैली आ प्रकृति मे रहल गोटेक महत्वपूर्ण बातक हवाला दैत साफ केलीह अछि जे हुनका समान प्रखर आ तेजस्वी पुलिस पदाधिकारी कथमपि कोनो गलत डेग अपन वरीय पदाधिकारी संग नहि उठा सकैत अछि। सत्य परेशान भऽ सकैत छैक मुदा ई पराजित कहियो नहि होयबाक कठोर प्रतिबद्धता सेहो ओ अपन पोस्ट मे रखलीह अछि।

१९ मई राति १०ः१८ बजे केर हुनकर पोस्टः

“मुझ पर आरोप है कि मैंने अपने वरीय के साथ मार-पीट किया। मुझे सफाई में कुछ नहीं कहना। इससे पूर्व भी एक वरीय पदाधिकारी द्वारा कमोबेश यही आरोप लगाया गया। हंसी भी आती है और दुख भी होता है। सत्य के लिए दर-दर भटकू, मंज़ूर नहीं मुझे। काट दो मुझे, अब सच्चाई का जमाना नहीं। शुभ रात्रि।”

आर, आइ २१ मई, करीब १ घंटा पहिने ओ एकटा वृहत् विचारक संग अत्यन्त मर्मस्पर्शी पोस्ट लिखलनि अछिः

“मैं, पुलिस उपाधीक्षक के पद पर B.M.P patna में कार्यरत हूँ। इससे पूर्व मैंने लगभग दो वर्षो का कार्य काल बेनीपट्टी, मधुबनी में बतौर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बेनीपट्टी के तौर पर बिताया। आज मैं यहाँ न किसी न्याय की याचना हेतु अपने हृदय के उद्दगार व्यक्त कर रही हूँ, ना सहानुभूति हेतु। कहते हैं सत्य परेशान होता है, पराजित नहीं। ना कोई मुझे यहाँ कोई जंग लड़ना, ना कोई विजय प्राप्त करना।किन्तु अपने ऊपर लगे आरोपों से मेरे शांति प्रिय चित्त एवं मेरे विरुद्ध एक साजिश एवं अपनी स्वेच्छाचारी शक्ति का दुरुपयोग कर मुझे पूरे police deptt में एक अनुशासनहीन पदाधिकारी का तमगा लगवा कर मेरे career को बर्बाद करने का दर्द मुझे बार-बार उद्वेलित अवश्य करता है।

बेनीपट्टी में अपने कार्यकाल के दौरान मेरे द्वारा community policing को धरातल पर उतारने का भरपूर प्रयास किया गया। कुछ कार्यों का उल्लेख यहाँ आवश्यक समझती हूँ। ये सारे कार्य मेरे एक सहृदय पदाधिकारी एवं police public के आपसी सहयोग का उदाहरण प्रस्तुत करेंगी।

1) अपराध-नियंत्रण हेतु स्वयंसेवी युवाओं की टोली गठित कर उनसे आवश्यक सहयोग प्राप्त करना।

2)सरकार द्वारा चलाए जा रहे मद्य-निषेध कार्यक्रम में सक्रिय रूप से कार्य कर इसके विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाना।

3)मेरे द्वारा सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़े बच्चों के प्राथमिक विद्यालय को गोद-लेना तथा जन-सहयोग से उस विद्यालय में संसाधन उपलब्ध करवाना।

4) COTPA (तम्बाकू एवं अन्य संबंधित उत्पादों आदि के नियंत्रण से संबंधित कानून) के तहत एक सक्रिय कार्यकर्ता के तौर पर कार्य कर लगभग 12 पंचायतों को तम्बाकू मुक्त घोषित करना।

5) स्वच्छता हेतु जनजागरण फैलाना, वृक्षारोपण एवं जन-सहयोग से एक सुन्दर वाटिका का निर्माण करवाना।

6) मिथिला की पहचान मधुबनी-पेन्टिंग का प्रचार प्रसार एवं थानों की दीवार पर मधुबनी पेन्टिंग बनवाना।

7) एक गरीब-असहाय बच्ची का जन-सहयोग से शादी करवाना।

8) 2016 में मधुबनी में आये बाढ में सक्रिय रूप से भाग लेकर लोगों तक राहत सामग्री पहुचाना एवं स्वयं के प्रयास से मुख्य-मंत्री राहत कोष में 51000 रुपये का योगदान।

ये सारे कार्य मेरे general police work से हटकर संपादित किए गए। शायद पीठ-पीछे लोगों ने यह भी अफवाह उडाया कि शायद मैं नौकरी छोड अपनी राजनीतिक कैरियर के तहत ये सारे कार्य कर रही हूँ। खैर लोगों की सोच, वे जो सोचे। मैंने ये सारे कार्य बतौर एक संवेदनशील एवं सहृदय पदाधिकारी के तौर पर किया और आगे भी करती रहूँगी। क्योंकि मैं एक संवेदनशील नारी हूँ और uniformed job में नारी मात्र अपराधियो के लिए काली का रूप नहीं वरण् शीतलता प्रदान करने वाली एक सहज, सहृदय नारी है। विचार आप सब करें मैंने अपने वरीय पदाधिकारी को पीटा या नहीं!!!!!”

निर्मला कुमारी २०१७ केर मैराथन दौड़ “रन फोर दहेज मुक्त मिथिला” केर उच्चैठ भगवतीस्थान सँ मधुबनीक उद्घाटन हरियर झंडा देखाकय कएने छलीह। पूरा पानि पड़ि रहल छल लेकिन एक प्रतिबद्ध पुलिस पदाधिकारी एहि पानि पड़बाक बिना कोनो परवाह कएने निर्धारित समय पर आबि मैराथन दौड़ केँ झंडा देखा रवाना कयलीह, स्वयं सेहो कनी दूर ओहि संग दौड़लीह। एहि पदाधिकारीक अपील मे बहुत रास बात एहेन अछि जाहि पर आम समाज केँ, बुद्धिजीवी केँ, राज्य संचालक राजनीतिक विचारक आ विशेष रूप सँ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे केँ सोचबाक चाही। एहि दिशा मे विशेष आयोग गठन कय केँ एकटा बढैत पुलिस पदाधिकारीक मनोबल केँ आरो उच्च करबाक चाही। जँ एहि तरहें कोनो सक्षम-सामर्थ्यवान पदाधिकारी केँ गलत विभागीय राजनीति केर शिकार होवय पड़तैक त पुलिस विभाग अपन भ्रष्ट आ कमजोर छवि केँ कहियो नहि सुधारि सकत। विशेष रूप सँ एखन जाहि लचर अवस्था मे बिहार पुलिस देखाइत अछि ताहि केर आन्तरिक कारण एकटा ईहो भऽ सकैत छैक से संज्ञान लेनाय आवश्यक बुझाइत अछि।

संगहि ईहो बता दी जे निर्मला कुमारी नहि केवल एक ईमानदार आ निर्भीक पुलिस पदाधिकारी छथि बल्कि हिनकर व्यक्तित्व बहुप्रतिभासम्पन्न सेहो छन्हि। ई बहुत नीक पेन्टिंग सेहो करैत छथि आर पेन्टिंग करबाक कला केँ अपन दुःखक समय केर संगी सेहो मानैत छथि। पर्यावरण केर सुरक्षा लेल वृक्षारोपण आ बागवानी सेहो हिनकर रूटीन मे रहैत छन्हि। गरीबक बच्चा केँ पढेनाय-लिखेनाय सँ लैत कोनो असहायल लोकक बेटीक विवाह मे विशेष तौर पर सहयोग करब हिनकर उदारताक परिचय करबैत अछि। हर तरहें एक व्यक्ति मे अनेक व्यक्तिक प्रतिमूर्त्ति कहि सकैत छी हिनका। मैथिली जिन्दाबाद पर एहि सँ पहिनहुँ हिनकर व्यक्तित्व पर कतेको बेर समाचार-विचार राखल जा चुकल अछि।

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