नेपालक श्रेष्ठ नेता प्रचण्ड जी केर नाम प्रवीण केर एक पत्र

परम आदरणीय र सम्माननीय नेताजी – प्रचंडजी,

ई पत्र हम मैथिली मे लिखि रहल छी। नेपालक जनता वास्तव मे वर्तमान सरकार सँ बहुत अपेक्षा पोसि लेने अछि। हालांकि नेपाल सरकार समक्ष काफी रास चुनौती आ भौगोलिक सीमा-बाधा आदिक संग परनिर्भरताक एकटा विशेष हद सेहो छैक – तेहेन स्थिति मे नेपाल केर नीति दुइ पैघ अर्थतंत्र आ विकासशील पड़ोसी राष्ट्र संग समदूरस्थ नीति अनुरूप अपन विकास केर नव बाट बनेबाक सोच रखैत अछि। एतय हम चाहब जे अपने लोकनि क्षेत्र छुट्याबी – कोन क्षेत्र मे भारत संग आ कोन क्षेत्र मे चीन संग मजबूत सम्बन्ध बनाकय बढबाक चाही ताहि लेल एकटा स्पष्ट नीति अपनाबी। संगहि, भारत पर बेसी परनिर्भरता रहब स्वाभाविके अछि नेपालक भौगोलिक अवस्था अनुसार, अतः अपने लोकनि आब आर बेसी समय बिना खराब केने भारत संग सम्बन्ध सुधारय लेल अपन कट्टरपन नीति केँ छोड़ि नेपाली जनताक हित, आर्थिक विकास लेल आवश्यक डेग मे भारतक विशेष दखल आ पहल केँ आत्मसात करैत आगू बढी। एहि सँ देश सहजहि आगू बढि जायत। अत्यन्त बेसी काल्पनिक आ दूरगामी संभाव्यताक क्षेत्र मे बेसी समय, साधन आ सोच केँ नहि अल्झाबी, स्पष्टतः चीन संग जे-जतेक बात छैक ओ सिर्फ ‘लौलीपप’ जेकाँ पढय-बुझय मे लागि रहल अछि, एहि पर काज करैत रही, लेकिन भारत आ चीन केर बीच साझा एजेन्डा संग नेपाल केँ काज करबाक कूटनीति बेसी फायदा देत – से बुझी सम्माननीय प्रचंड जी।

ओना हमरा ई पूर्ण विश्वास अछि जे अपने समान प्रखर बौद्धिकता आ दूरदृष्टिसंपन्न नेतृत्वकर्ता सँ कोनो बात छुपल नहि अछि, जे हमरा सब जेहेन साधारण लोक फरिछाबी। हमर एतबे कहब अछि जे सार्थक सोचक संग संभावना वला क्षेत्र मे दुनू देश लेल अलग-अलग क्षेत्र निर्धारण कय सहयोगक स्तर केँ अति शीघ्र गतिमान् बनाबी। एखन लगभग १ वर्ष एहि सरकार केर बीति गेल लेकिन उपलब्धिमूलक काज मे बहुत बेसी लाभ नहि भेटि सकल अछि। यथा – वैदेशिक लगानी केँ बढेबाक बात – सरकार कोनो लुक्रेटिव आफर विदेशी लगानीकर्त्ता लेल नहि दय सकल अछि, लेकिन एहि नाम पर देशक कय गोट टीम विदेश भ्रमण आ कार्यक्रम सभक आयोजन कय लेलक। हमरा हिसाबे एहि मे सेहो अपने लोकनि ‘मेक इन इंडिया’ वला तर्ज पर भारत सरकारक हालहि आरम्भ कयल गेल नीति केँ अपनाबी। दोसर बात, भारतक हिमालयन स्टेट्स जेकाँ नेपाल मे औद्योगिक क्षेत्रक विकास लेल भारत केँ प्रथम आ संगहि चीन केँ सेहो जँ कारखाना आ मैनुफक्चरिंग सेक्टर मे हमरा लोकनि आमन्त्रित करब त नेपालक हित होयत। नेपाल सँ जे मजदूर आ स्किल्ड लेबर पलायन होइत अछि से रुकत। यानि उत्पादकता केँ येन-केन‍‍‍-प्रकारेण बढाबय पड़त। से आब बिना कोनो बेसी देरी केने, केन्द्र आ राज्य दुनू स्तर पर आर्थिक साझेदारी बढबैत आर्थिक विकास दिश देश केँ दौड़ाउ। ई जरूरी अछि।

विशेष शुभ हो, अपनेक अपन प्रखरता केँ सदैव राष्ट्रहित मे लगेने रही, से शुभकामना!

अपनेक एक प्रशंसक,

प्रवीण

पूर्वक लेख
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