जरूरत मे भाइये भाइ केर काज अबैत छैक, सीखू मिथिलावासी

भाइ हो तऽ एहेन
 
मुकेश अम्बानी बड पैघ संकट सँ भाइ अनिल अम्बानी केँ बचौलनि अछि। अनिल एहि वास्ते अपन भाइ ओ भाभी दुनू गोटा केँ धन्यवाद देलनि अछि। बात एहेन छलैक जे एरिक्सन द्वारा अनिल सँ भुगतानी लेल बकाया रकम ७.७ करोड़ युएस डलर लेल अदालत सेहो अपन निर्णय दय देने छलैक आर अनिल ओ रकम भुगतानी नहि कय सकल छलाह। एहेन घड़ी मे समाचार आयल अछि जे जेठ भाइ मुकेश अम्बानी द्वारा हुनकर ई बकाया रकम भुगतान करबाक पिछला अबधिक भीतर मामिला सलटा देल गेल अछि।
 
प्रकाशित समाचार अनुसार एहि सँ पहिने अनिल अंबानी अदालत केर आदेश केर बावजूद बकाया केर भुगतानी नहि कय पेबाक कारण एहि बेर कोर्ट केर अवमानना मे जेल जेबाक ख़तरा मे रहथि। एहि सँ हुनक जेठ भाइ मुकेश अंबानी हुनका बचा लेलनि। ई बड पैघ आदर्श स्थापित केलक अछि। हालांकि एहि कलियुग मे एहि तरहक आदर्श-तादर्श केँ लोक ताख पर राखि सिर्फ आ सिर्फ अपन झूठक अभिमान आ शान मे डूबल भाइ-भाइ केँ पर्यन्त नहि देखैत अछि, ई उदाहरण घरही भेटि सकैत अछि।
 
एहि बकाया केँ चुकेबाक वास्ते अनिल अंबानी अपन जेठ भाइ मुकेश और भाभी नीता अंबानी केर मदद लेल धन्यवाद करैत एक बयान जारी कयलनि अछिः ”मुश्किल घड़ी मे हमरा अपन परिवार सँ मदद भेटल अछि। ई हमर परिवारक मज़बूत मूल्यहि केँ दर्शबैत अछि। जाहि समय हमरा सब सँ बेसी मदतिक जरूरत छल, हमर परिवार हमरा संग ठाढ भेल।”
 
एक समय रहैक जे दुनू भाइ बीच नीक संबंध नहि छलन्हि आर दुनू आपस मे प्रतिद्वंद्विता मे फँसि गेल छलाह। एहि विन्दु पर सेहो छोट भाइ अपन बयान मे कहलनि अछि जे, ”हम आर हमर परिवार एहि बातक लेल आभारी छी जे हम अतीत सँ निकैल गेल छी। एहि मदतिक लेल हृदय सँ आभार प्रकट करैत छी।”
 
मिथिलावासी लेल एक सन्देश
 
हमरा ई स्टोरी एतेक नीक लागल जे कि कहू! अपन मिथिला मे सेहो अपन परिवार हो या आसपास कतहु, हर जगह लोक सब केँ झूठक अभिमान आ धनक घमन्ड मे चूर देखि रहल छी। हम सब विदेहक सन्तान रही, भौतिक सुख-सुविधा हमरा सब केँ यथार्थतः कोनो हाल मे नहि छूबितय… लेकिन आइ हम सब ठीक बिपरीत अपन-अपन सुख-सुविधा मे एतेक डूबि गेल छी जे भाइचारा आ सौहार्द्रता समाप्त भऽ गेल अछि। संयुक्त परिवार विरले कतहु देखाइत अछि। माय-बाबू सेहो बँटाय लगला अछि। भाइ-भाइ बीच कटुता, ईर्ष्या आ डाह चरम पर अछि। सहोदरी मे बेमात्रे सँ बदतर कटुता देखय लेल भेटि रहल अछि। लेकिन ध्यान रहय, नीति कहैत छैक, पत्नी सँ रहस्य नुका ली, सहोदर भाइ सँ सब किछु सदैव साझा करैत कुल-परिवारक मर्यादा केँ आगू बढाबी।
 
हरिः हरः!!
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