मिथिलाक ओ बेटा जे पूरे देश मे अपन गायकी सँ नाम-प्रतिष्ठाक संग जीवन-अमृत पेलनि

जीवन-गाथाः विशिष्ट गायक रामा मंडल

पाय नहियो कमेलहुँ लेकिन सोहरत खूब कमेलहुँ, हम मरियो जायब तैयो हमर आवाज जियैत रहत – हम अमर रहबः गायक रामा मंडल

मिथिलाक धरातल पर आइयो धरि एक सँ बढिकय एक महान बेटा जन्म लय रहल अछि, तेकर एक गोट उदाहरण छथि नेपालक सुप्रसिद्ध गायक ‘रामा मंडल’। ५९ वर्ष पूर्व अगहन मास २०१७ वि. सं. साल मे एक अत्यंत साधारण परिवार मे मैथिली सहित नेपाली आ अन्य कतेको रास भाषाक गीत गेनिहार चर्चित गायक रामा मंडल केर जन्म मोरंग जिलाक संग कोसी अञ्चलक मुख्यालय – हाल नेपालक कुल ७ गोट प्रदेश मे सँ पहिल यानि प्रदेश १ केर राजधानी ‘विराटनगर’ केर दरहिया वस्ती मे भेलनि।
 
विराटनगर जुट मिल मे डिपार्टमेन्ट सुपरवाइजर आ ‘हेड सरदार’ केर नाम सँ प्रसिद्ध हिनक पिता लक्ष्मी मंडल छलाह तथा माय रज्जो देवी एक साधारण आम मिथिलानी महिला तथा कुशल गृहिणी छलीह। गायन कला केर प्रथम गुरु माय छलीह, ओ विद्यापतिक गीत सँ लैत मैथिली संस्कार गीत, भक्ति गीत, आ लोकपरम्परा मे प्रयोग होइत कइएक तरहक लोकगीत गबैत रहथि जे रामा मंडल केर बालमोन केँ गायन दिश आकर्षित कएने छल।
 

भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीक नेपाल यात्रा पर काठमान्डू मे नागरिक अभिनन्दन समारोह मे स्वागत गान प्रस्तुति समयक फोटो – रामा मंडल सहितक गायकक टोली

माता-पिताक कुल ७ संतान मध्य सब सँ जेठ भेलाह रामा मंडल, कुल ५ बहिन आ २ भाइ। प्रारम्भिक पढाई-लिखाई पशुपति पाठशाला जे जुट मिल केर हाता भीतर मे छल ताहि ठाम सँ भेलनि। मिल मे काज कयनिहारक बाल-बालिका लेल वैह विद्यालय छल। रामा मंडल अपन विद्यालयक परिपाटी याद करैत मिथिला मे विद्यमान परम्परा मोरंग जिलाक एहि पाठशाला मे सेहो रहबाक बात कहैत छथि, शनिचरा तिरयवला युग छलैक ओ। राम बहादुर सिंह हेड मास्टर साहेब छलाह। ओहि समय मे मैथिली आ हिन्दी मे पढाई करायल जाएत छल, मनोहर पोथी पहिल पोथी रहय। तहिना नेपाली पढबाक लेल ‘महेन्द्र माला’ रहय।

 
पिताक स्वास्थ्य अवस्था प्रतिकूल रहैत छलन्हि, पारिवारिक जिम्मेवारी बड कम्मे उमेर मे रामा मंडल पर आबि गेलनि। ५ गोट बहिनक विवाह स्वयं अपन संघर्षपूर्ण जीवन मे ई करौलनि। छोट भाइ केँ सेहो पढौलनि-लिखौलनि। स्वयं गणपति कौटन मिल केर डाइ सेक्सन मे हेल्पर सँ काज आरम्भ करैत कनिकबा दिन मे टेक्सटाइल लूम मेन्टीनेन्स केर हेल्पर धरि बनि गेलाह। १५ वर्ष धरि एहि ट्रेड मे रहलाह।
 
गीत-संगीत मे माय सँ प्रेरणा भेटबाक कारण काफी रुचि जागि गेल छलन्हि। गायन मे निपुण माय सँ बहुत किछु सीखबाक मौका भेटलनि। विराटनगर केर मिल्स एरिया मे मिल-कारखाना बेस अहगर रहैक जतय सब तरहक लोक आ हुनकर सभक परिवार बास करय। ओहि मिल्स एरिया मे रामा मंडल व साथी सब मिलिकय ‘देउराली कला मन्दिर’ केर स्थापना कएने छलाह। एहि गीत-संगीत समूह (बैन्ड) द्वारा नेपाली, हिन्दी, मैथिली, भोजपुरी – सब तरहक गीत आदि प्रस्तुत कयल जाइत छलैक।
 

मैथिली सेवा समिति विराटनगर द्वारा सम्मानित होयबाक क्षण, सम्मान मैथिली कवि शिरोमणि दयानन्द दिकपाल यदुवंशीक हाथ सँ ग्रहण करैत रामा मंडल

अपन जीवनक पहिलुक दौर मे मैथिलीक कोन गीत गबैत रही – ताहि पर रामा मंडल कहैत छथि जे ‘एलय रे बसन्त ऋतु बहय रे बसन्ती’, ‘केकरा सऽ प्रमाण जाहि मे बच्चा करय मधुपान’, आदि गबैत रही। तहिना भोजपुरीक ‘गोरी रे गोरी, गांव की छोरी, गगरी तूँ अपनी संभाल, तोंहे लागल सोलहमा साल’ खूब गबैत रही। नेपाली गीत जे दीप श्रेष्ठ केर गायल ‘आँखाहरुमा गह अल्झिंदा’ गबैत छलहुँ। हिन्दी मे किशोर कुमार कर गाओल गीतक विशाल रेन्ज छल। ओ मेरे दिल के चैन, मेरे सपनों की रानी कब आयेगी तूँ, रफीक गायल गीत चौदहवीं का चाँद हो या आफताब हो, सौ साल पहले मुझे तुमसे प्यार था, मुकेशक गायल गीत चन्दन सा बदन चञ्चल चितवन, व विभिन्न समसामयिक चल्ती गीत सब गाबिकय दर्शक-श्रोता केँ खूब मनोरंजन करैत छलहुँ। ई सब गीत हमर आवाज मे लोक सब केँ खूब पसीन पड़ैत छलन्हि।

 
अहाँक गायकीक लोकप्रियताक राज कि छल? एहि प्रश्नक उत्तर मे रामा मंडल कहैत छथि जे हमर आवाज किशोर कुमार सँ कने-मने मिलैत रहय। संगहि मंचपर जखन प्रस्तुति दय लेल जाइ तऽ गायनक संग-संग थिरकन सेहो प्रस्तुत करी। प्रस्तुतिक ई अदा लोक सब केँ खूब मोन भावैत छलन्हि। पब्लिक केर जँ मनोरंजन नहि होयत तखन गायक केँ उचित प्रोत्साहन नहि भेटत। गायन मे जिन्दादिली – श्रोता केँ अपना संग गीत-संगीत केर दुनिया मे आकंठ डूबेनाय, ई मुख्य छल।
 
नेपाल मे राष्ट्र स्तर धरिक यात्रा कोना शुरू केने रही? एहि पर रामा मंडल मुस्कुराइत अपन लंबा वृत्तान्त होयबाक बात कहलनि। क्रमिक रूप सँ मोन पारू, तखन कहलनि, “रेडियो नेपाल पर प्रथम २०३९ वि.सं. साल मे नेपाली सहित हिन्दी, मैथिली, भोजपुरी सब गीत गेनाय शुरू कएने रही। ताहि समय मे रत्न रेकर्डिंग संस्थान (काठमान्डू) द्वारा रेकर्डिंग करायल जाइत छलैक। रेकर्डिंग लेल कलकत्ता जेबाक होइत छलैक। रेडियो नेपाल केर स्टुडियो सिंह दरबार केर भीतर मे छलैक। हमर प्रवेश ‘प्रतिभाको खोजी’ नामक कार्यक्रम सँ भेल। लोकगीत संवेदन सँ हम प्रवेश कएने रही। विराटनगरक वीरेन्द्र सभागृह मे चारि-दिवसीय आडीशन भेल छलैक। माधव सापकोटा जे स्वयं एक गोट उच्चस्तरीय फिल्मी अभिनेता (कलाकार) होयबाक संग-संग गीतकार, पटकथा लेखक, चर्चित रंगकर्मी आ अभिनय मे सेहो पारंगत व्यक्तित्व छलाह। हमर प्रवेश मे यैह सहायक भेलथि। हमरा पूरे नेपाल मे दोसर स्थान प्राप्त भेल। तदोपरान्त राजा-रानीक आगमन (चर्चित शब्द सवारी) भेल छलन्हि धनकुटा मे, ओहि समय राजा-रानीक स्वागत-अभिनन्दनक परिपाटी मे क्षेत्रक विभिन्न नामी कलाकार-गायक सब केँ आमंत्रण भेटैक, हमरो भेटल। राजा वीरेन्द्र आ रानी ऐश्वर्याक सोझाँ हम सब कोना जायब, केना बाजब, एहि सब लेल प्रशिक्षण देल गेल छल। हमर गायन सँ रानी ऐश्वर्या काफी प्रसन्न भेलीह आर ७०१ टका नगद पुरस्कार सेहो देलीह। नेपाली कागज मे सम्मान पत्र सेहो भेटल रहय।
 

मैथिलीक प्रसिद्ध गीतकार कवि कालीकान्त झा तृषित केर रचनाक रेकर्डिंग करैत समय गायक ओ गीतकार सहितक टोली मे बीच मे रामा मंडल, हुनकर दाहिना कात स्वयं काली कान्त झा तृषित

एना रेडियो नेपाल सँ राजा-रानीक सोझाँ गेनिहार एक गोट मधेशी मूल केर गायक लेल ताहि दिन मे बड पैघ बात रहैक। हमर चर्चा चारू दिश होबय लागल छल। सब कियो स्नेह आ आशीर्वाद दैत छल। विभेदक कोनो बात ताहि दिन एकदम नहि भान भेल छल, लेकिन बाद मे जखन अपना सँ काफी जुनियर सब केँ आगू बढेबाक नियत देखला पर स्वयं मधेशी होयबाक कारण पाछाँ छोड़ल जेबाक भान अन्तर्मन केँ कचोटैत छल। तथापि अपन उपेक्षा केँ मोनक भितरे राखैत अपन गायन पर मात्र ध्यान केन्द्रित करैत रहलहुँ, सब सँ हमेशा मित्रता टा कयलहुँ। लोक सभ सँ भेटैत स्नेह आ आशीष मुख्य सम्बल छल, ताहि लेल विभेद आ अपमान कतहु सँ नैराश्यता उत्पन्न नहि कयलक।

 
फिल्म सँ आफर भेटबाक बात कोना मोन पाड़ैत छी? एकर जबाब दैत रामा मंडल ठहाकय हँसैत कहलनि, “हमरा समय मे टाइ रोज म्युजिकल बैन्ड विराटनगरक सब सँ बेसी नामी छल। एकर अगुवाई भुपेन्द्र रायमाझी करथि। हमर गायकी सँ प्रभावित भुपेन्द्र रायमाझी एहि बैन्ड मे हमरो प्रवेश देलनि। एहि बैन्ड केर कय गोट लाईव कार्यक्रम मे प्रस्तुति देने रही। नेपाली गीत मे हमरा एतहि सँ स्कोप बेसी रहबाक भान भेल। भुपेन्द्र रायमाझी बाद मे रेडियो नेपाल मे जागिर पेलनि। ओ काठमान्डू गेलाह। ओतय सँ सेहो हमरा बजबैत छलाह आर रेडियो नेपाल मे आर बेसी मौका दैत छलाह। ता धरि वीडियो फिल्म सेहो निर्माण होयब आरम्भ भऽ गेल छल। नवराज गौतम एक चर्चित पत्रकार छलथि, ओ संगीतकार सेहो रहथि। ओ बजौलनि हमरा आ ‘हुरी’ फिल्म जेकर निर्माता-निर्देशक अरुण झा छलाह, ब्रजेश खनाल हिरो छलाह, एहि फिल्म मे ३ गोट गीत गेबाक लेल हमरा आफर भेटल। २ नेपाली आ १ भोजपुरी।”
 

बीपीकेएफ द्वारा विराटनगर मे आयोजित ‘कल्चरल नागरि’ मे बीपीकेएफ प्रमुख रूबी जसप्रीत शर्माक संग बीच मे गायक रामा मंडल

जीवनक संघर्ष केँ मोन पाड़ैत रामा मंडल कहैत छथि जे १५ वर्ष धरि जखन प्राइवेट नौकरी करैत रहलहुँ ताहि समय छुट्टी लय केँ विभिन्न ठाम, खास कय काठमान्डू आबर-जात करैत छलहुँ। आमदनी थोड़-बहुत भेटय। नेपाल फिल्म इन्डस्ट्री ताहि समय एतबा धरि सीमित रहय। २०४४-४५ वि.सं. साल मे होटल मे गजल गायन लेल अवसर भेटल। मुगल महल त्रिपुरेश्वर मे अंजन राजभण्डारी सिनियर रहथि, दीपक कार्की गिटारिस्ट केर सिफारिश सँ ओ विराटनगर आबिकय हमरा काठमान्डू चलबाक लेल कहलनि। माय सँ आदेश भेट गेल जेबाक लेल। तखन काठमान्डू शिफ्ट केलहुँ।

 
अहाँक सर्वाधिक हिट या चर्चित गीत कोन रहल – ताहि पर कहलनि जे ‘चाहना र इच्छाहरू सबै फूल जस्तै ओइली गए’ भुपेन्द्र रायमाझीक गीत आ संगीत मे हमर गायन काफी हिट भेल छल। ताहि समय हम रेडियो नेपाल केर स्वर परीक्षा सेहो उत्तीर्ण कएने रही। मनकामना फिल्म केर २ गीत लेल निर्माता डा. सुबोध पोखरेल बम्बई लऽ गेलाह। बुझ्दैन बुझ्ने यो मनलाई बुझाउन सकिन मैले, तिमी चाँडै आउ न तथा जमजम आमा मनकामना – ई टाइटल गीत हमरे गेबाक अवसर देलनि। पहिल गीत मे साधना सरगम संग डुएट गबौने रहथि। हालांकि बम्बई जा कय रेकर्डिंग करेनाय ओहि समय बड महंग होइक, लेकिन निर्माताक सदाशयता जे पाकेट खर्च मात्रो देलनि त अपन निजी उत्साह-उत्कंठा सँ बम्बई धरि पहुँचि गेलहुँ। साधना सरगम संग गेनाय सेहो एकटा अनुपम सपना पूरा हेबाक जेकाँ लागल। नेपाली फिल्मक चर्चित निर्माता उद्धव पौड्याल केर सूपर हिट फिल्म गोपीकृष्ण मे “कहाँ छौ कहाँ” सूपर हिट गीत गेबाक अवसर भेटल। ई गीत हमरा नेपाली फिल्म जगत मे सब सँ बेसी प्रसिद्धि दियौलक। तेकर बाद भटाभट फिल्म भेटय लागल। तपस्या, सौता, अर्पण, टुहुरो, पराई घर, सैयों फिल्म मे अपन स्वर देने छी। मैथिली, भोजपुरी, थारू अनेकों भाषा मे गेलहुँ। भोजपुरी मे हमर गीत ‘थोड़ा अच्छाई बा, थोड़ा बुराई बा, आ भाभी केँ कहऽ तानी हमर भौजाई बा’ फिल्म कोसी के बेटा खूब हिट भेल छल। मैथिली मे हमर कय गोट सूपर हिट गीत सब आयल अछि, जेना “हम छी मैथिल बाबू मेड इन मिथिला”, “हमरे डाला पनपथिया सँ देवतो-पितर पुजाइ छै”, “मिथिला के सम्मान, पाग आ पगड़ी सँ पहिचान छै”, “मस्ती मे नाचू सब कोइ धूम मचाउ, कतहु भी रहू मिथिला के गुण गाउ” सहित विभिन्न गीत मैथिली मे खूब हिट भेल अछि।
 
रामा मंडल सम्प्रति रेडियो नेपाल मे २०५५ वि.सं. साल सँ कलाकार कोटा मे नौकरी प्राप्त कयलनि। नेपाल सरकार द्वारा एक गायक लेल ईहो एकटा पैघ सम्मान थिक जे कलाकार केँ विशेष सिफारिश सँ नौकरी दय ओकर कला-यात्रा केँ आगू बढबैत अछि। रामा मंडल तत्कालीन संचार मंत्रीक सलाहकार सैलेश आचार्यक गुण गबैत कहैत छथि जे ई योगदान हुनकहि थिक जे मंत्री जी धरि हमर पैरवी कय केँ काज दियौलनि, एहि तरहें परिवारक भरण-पोषण लेल हमरा बड पैघ आसरा भेटल। अपन जीवनक आइ धरिक यात्रा सँ कतेक सन्तुष्ट छी – एकर जबाब मे सेहो पूर्ण सकारात्मकताक संग गायक मंडल कहलनि जे बहुत बेसी सन्तुष्ट छी, पाय नहियो कमेलहुँ मुदा सोहरत बहुत कमा लेने छी। मरलाक बादो आवाज जियैत रहत, अमर रहब। एहि सँ बेसी कि चाही! “जय संगीत” नारा संग अपन बाकी जीवन व्यतीत कय रहल छी।
 
निश्चित मिथिलाक एक महान सपूत थिकाह रामा मंडल जे नेपालदेश मे राष्ट्रीय स्तरक कय गोट सम्मान सँ सम्मानित छथि। वर्ष २०१८ मे अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन जनकपुर द्वारा हिनका ‘मिथिला रत्न’ सम्मान सेहो देल गेलनि अछि। मैथिली सेवा समिति विराटनगर आ सैकड़ों संस्था द्वारा विभिन्न उपाधि सँ अलंकृत रामा मंडल केर सफल जीवन सँ बहुत रास अनुकरण योग्य प्रेरणा हम-अहाँ लय सकैत छी।
 
हरिः हरः!!
पूर्वक लेख
बादक लेख

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1 + 9 =