अयाची फाउन्डेशन आनत आर्थिक क्रान्तिक संग जन-जन मे सबलता

मिथिलाक लोक मे उद्यमशीलता बढेबाक उपक्रम – अयाची फाउन्डेशनक प्रयास उत्तम
 

अन्तर्राष्ट्रीय मिथिला महोत्सव केर उद्यमी शिखर सम्मेलन मे सहभागी अयाची फाउन्डेशन केर संचालिका श्रीमती रंजना झा

भारत हो वा नेपाल – दुनू पार मिथिलाक लोक मे बौद्धिक सामर्थ्य बड बेसी भेटैत अछि। आध्यात्मिक युग मे सवा कट्ठा जमीन सँ अपन उपभोगक सब वस्तु तैयार करबाक उद्यमी लोकनिक कय गोट कथा एतहि सुनल जाइत छैक। हमहुँ सब देखने छी जे घास काटय सँ लैत कलम-गाछी सँ पत्ता खरैर कय जारैन केर जोगार कय लेनाय एहि ठामक लोक मे छल। पशुपालन आ पशुजन्य सामग्री सँ गृहस्थी लेल उपयोगी विभिन्न सामान तैयार करबाक उद्यम, उक्खैर, ढेकी, जाँत आदिक सहयोग सँ सम्पूर्ण मिल-मशीन तक केर काज करबाक उदाहरण – ई सब मिथिलाक आत्मनिर्भर जीवनशैली केँ सेहो देखबैत अछि। तहिना जलफल आ खेत सँ कय प्रकारक उपभोग्य वस्तु संकलन कय लेबाक उद्यम सेहो एहि ठामक सभ्यताक समृद्धिक द्योतक थिक। परञ्च जेना-जेना युग मे भौतिकतावाद केर प्रकोप बढल जाइत छैक, लोक नगट टका कमेबाक लेल बेसी परेशान आ भागम-भाग मचा रहल अछि।

 
उद्यमिताक विकास मे सरकार सेहो काफी चिन्तनशील देखाइत अछि। भारत जेहेन देश जतय सवा सौ करोड़ जनसंख्या अछि, ओतय रोजगारक अवसर मे उद्यम विकास केर बेसी निर्भरता देखल जाइछ। नेपालहु मे कमोवेश यैह परिस्थिति देखाय पड़ैछ। सरकार द्वारा योजना विकास मे कोनो कमजोरी नहि देखब, लेकिन क्रियान्वयन मे सरकारक काज कतेक परिणाम दय पबैत अछि ताहि मे बड पैघ समस्या देखल जाइत छैक। अन्तर्राष्ट्रीय मिथिला महोत्सव २०१८ केर अहमदाबाद मे योजना अनुरूप साहित्यिक-सांस्कृतिक हितचिन्तन संग आर्थिक सरोकार पर सेहो विमर्श केँ शुरू कयल गेल अछि। आगामी समय ई विमर्श आरो विस्तार पाओत। अन्य-अन्य आयोजन मे सेहो ई विषय प्राथमिकता पाओत।
 
पिछला साल जनवरी मास मे २०१८ कैलेन्डर वर्ष लेल बिहार सरकार द्वारा एकटा राज्यव्यापी अभियान चलाओल गेल ‘बनोउद्यमी’। एहि मार्फत करीब ५ लाख बिहारी युवा केँ प्रशिक्षण दय उद्यमी बनेबाक योजना छलैक। अहमदाबाद मे अपन मैथिल समाज आ विशेष कय शाश्वत मिथिलाक प्रोफेशनल चिन्तक लोकनिक अर्जुनदृष्टि एहि दिशा मे दूर धरि पहुँचल अछि। विशेष रूप सँ प्रभात कुमार झा, डा. रामनाथ प्रसाद, अजय ठाकुर, अजय झा, तथा अनेकों प्रखर व्यक्तित्व जे एहि क्षेत्र मे महारत हासिल कएने छथि, हुनका लोकनि द्वारा निरन्तर एहि विषय पर काज आगू बढेला सँ निकट भविष्य मे मैथिलजन केर आर्थिक उन्नति आ उद्यमशीलता मे बढोत्तरी होयब तय अछि।
 
युवा सब केँ प्रशिक्षित करबाक लेल ब्लॉक, उप-खण्ड और जिला मुख्यालय स्तर पर हरेक मास पाँच गोट उच्च विद्यालय और कॉलेज केँ कवर करैत बिहार सरकारक योजना अनुसार उद्यमी बनेबाक अभियान चलबाक छल। यथार्थ मे ई कतेक साकार भेल ताहि पर तथ्यांक निकालय पड़त। सरकार द्वारा चलायल जा रहल विभिन्न उद्यमिता विकास योजना जेना कि प्रधानमंत्री रोजगार जनरेशन कार्यक्रम (PMEGP), स्टैंड-अप इंडिया, स्टार्ट-अप बिहार, प्रधान मंत्री मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्लस्टर विकास योजना, बिहार औद्योगिक निवेश संवर्धन नीति, २०१६ और बिहार स्टार्टअप पॉलिसी केर बारे मे बतायल जेबाक छल, एहि सभक साक्षरता कतेक प्रतिशत लोक केँ भेटल अहु पर शोध केँ केन्द्रित करय पड़त। जिला उद्योग केंद्र (DIC) केर महाप्रबंधक आ सरकारी अधिकारी सँ एहि दिशा मे प्राप्त उपलब्धिक बारे आरो तथ्य निकालय पड़त। युवा लोकनि केँ जॉब सीकर केर बजाय जॉब गिवर बनबाक लेल प्रेरित करय लेल बनो उद्यमी अभियान शुरू कयल गेल छल।
 
एम्हर मिथिलाक लोक केँ अयाची फाउन्डेशन द्वारा स्वरोजगार लेल जोड़ल जेबाक जनतब संस्थापिका-संचालिका रंजना झा कहलनि अछि। हुनकर योजना छन्हि जे अयाची फाउन्डेशन द्वारा मिथिलाक ग्रामीण महिला लोकनि केँ टेमी बनेबाक मशीन उपलब्ध कराओल जायत। ओ लोकनि जतेक टेमी बनेती से अयाची फाउन्डेशन कीनि लेत आर ओकर बाजार भारतक विभिन्न राज्य संग विदेशहु मे कयल जायत जाहि सँ घर बैसल ओ मिथिलानी लोकनि हजारों टका कमा सकती। एहि तरहें उद्यमी महिला लोकनि अपन स्वरोजगार केँ आरो अलग-अलग क्षेत्र मे बढा सकती। हाल धरि २०० महिला संग जुड़ि चुकल अयाची फाउन्डेशन केर एहि योजनाक लाभ लोक सब केँ भेटब शुरू भऽ गेल ई जनतब सेहो भेटल।
 
हरिः हरः!!
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One Response to अयाची फाउन्डेशन आनत आर्थिक क्रान्तिक संग जन-जन मे सबलता

  1. …..JAY MAITHIL JAI MITHLA..

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