मिथिला सब बात मे आगू, उद्यमिता मे कियैक पाछू – एनएसआइसी निदेशक प्रभात झाक प्रेरणास्पद विचार

६ फरबरी २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!!

मैथिली जिन्दाबाद केर संपादक प्रवीण नारायण चौधरी – अहमदाबाद केर अन्तर्राष्ट्रीय मिथिला महोत्सव सँ वापस आबिकय

अन्तर्राष्ट्रीय मिथिला महोत्सव – उद्यमी शिखर सम्मेलन मे प्रभात कुमार झा केर गरिमामयी संबोधन
 
भारतक प्रसिद्ध नगर अहमदाबाद मे आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय मिथिला महोत्सव ३ फरवरी रवि दिन स्थानीय जीएमडीसी सभागार मे सम्पन्न भेल। एहि महोत्सव केर प्रथम भाग मे उद्यमी शिखर सम्मेलनक आयोजन कयल गेल छल जाहि मे भारतीय जनता पार्टीक राजनेता एवं राज्यसभा सांसद प्रभात झाक संग नेपालक पूर्व उद्योग मन्त्री अनिल झा तथा उच्च न्यायालय पटना व इलाहाबाद केर पूर्व न्यायाधीश धरणीधर झा केर उपस्थिति विशिष्ट अतिथिक तौर पर महत्वपूर्ण छल।
 
एहि शिखर सम्मेलनक अध्यक्षता एनएसआइसी केर क्षेत्रीय निदेशक प्रभात कुमार झा कएने छलाह, हुनकहि द्वारा स्वागत संबोधन सेहो कयल गेल छल। ओ आयोजक संस्था शाश्वत मिथिला आ माँ जानकी सेवा समिति केँ एहि तरहक आयोजन आ सम्मेलन मे आर्थिक समृद्धिक चिन्तन लेल धन्यवाद प्रकट करैत एहि मे आगन्तुक देश-विदेशक अतिथि लोकनि केँ स्वागत कयलनि। मिथिलाक सभ्यता मे ऐतिहासिक पहिचान, अनमोल संस्कृति, खानपान, वस्त्राभूषण, लोकपरम्परा आदि रहितो वर्तमान आर्थिक पिछड़ापन सँ संघर्षक परिस्थिति मे लोपोन्मुख होयब चिन्ताजनक कहैत एहि वास्ते उचित समन्वय आ मुहिम केर रूप मे ‘अन्तर्राष्ट्रीय मिथिला महोत्सव’ केर आयोजन राखल जेबाक बात प्रभात कुमार झा अपन संबोधन मे कहलनि।
 
गुजरात केर पहिचान अन्तर्राष्ट्रीय जगत मे सेहो सुविख्यात अछि आर ताहि ठाम सँ मिथिला केँ पुनः विश्वविख्यात बनेबाक ई मुहिम निकट भविष्य मे बड पैघ उपलब्धिमूलक होयत से विश्वास रखैत श्री झा कहलनि जे लोकनृत्य, लोकसाहित्य, भाषा, संस्कृति, परम्परा आ समग्र सभ्यता जे मिथिला मे रहल तेकर स्वीकार्यता विश्वपटल पर बहुत बेसी रहितो स्थानीय स्तर पर उपेक्षित अछि आर ताहि कारणे बाहर प्रवासक क्षेत्र मे रहनिहार मैथिल जनमानस संगठित रूप मे मिथिलाक यूएसपी केँ सम्मानित ढंग सँ पोषण देबाक लेल एहि तरहक उत्सवक आयोजन कय रहल छथि। गुजरातक अहमदाबाद मे पूर्वहु मे रिवर फ्रन्ट पर सामूहिक उत्सव आ सामाजिक कूरीति दूर करबाक लेल कतेको रास आयोजन कय चुकल छथि। मधुश्रावणी, सामा-चकेबा, होली, छठि आदिक अवसर पर सामूहिक एकजुटता केँ संरक्षण-संवर्धन मे ई लोकनि स्वयं जाग्रत रहैत अपन स्वभाषी समाज केर लोक केँ जनजागरण लेल निरन्तर कार्य कय रहला अछि। आर, अन्तर्राष्ट्रीय मिथिला महोत्सव एहि दिशा मे एकटा नव इतिहास बनाओत, मिथिला समाजक उत्थान मे ई पहिल सब सँ पैघ आयोजन होयत, ई विश्वास जतौलनि प्रभात झा।
 
अपन स्वागत मन्तव्य मे श्री झा द्वारा नेपाल आ अन्य देश सँ आयल अतिथि लोकनि केँ विशेष आभार प्रकट करैत एहि तरहक परिकल्पना आ सम्पूर्ण मैथिल समाज केँ एकसूत्र मे बान्हि एतेक पैघ आयोजन लेल संयोजक राजकिशोर झा केँ धन्यवाद ज्ञापन कयलनि। विदित हो जे नेपाल सँ पूर्व उद्योग मंत्री अनिल झा एवं प्रदेश २ केर राज्यमंत्री डा. डिम्पल झा केर अलावा जानल-मानल उद्यमी एवं मैथिल ब्राह्मण समाज नेपालक अध्यक्ष भगवान् झा, नेपाल सरकार प्रदेश ३ केर सचिव कौशल किशोर झा, भाषा एवं संस्कृतिक संग मिथिलाक पहिचानक विशिष्टता लेल अनवरत कार्य कयनिहार डा. अखिलेश झा, सखी-बहिनपा समान क्रान्तिकारी महिला उत्थान केर पहल केर संस्थापिका आरती झा सहित अन्य गणमान्य केर उपस्थिति एहि सम्मेलन मे छल। तहिना गुयाना सँ पहुँचल छलाह मिथिलाक धीरूभाई अम्बानी उपनाम सँ परिचित चेहरा ‘अजय झा’।
 
अन्तर्राष्ट्रीय महोत्सव पर अपन गरिमामयी संबोधन करैत सभाध्यक्ष प्रभात कुमार झा द्वारा एन्टप्रेन्योरशीप समिट पर विस्तार सँ प्रकाश देल गेल। ओ कहलनि जे जाहि मिथिलाक लोक प्रगतिक कोनो आयाम मे कतहु पाछू नहि रहितो उद्यमक क्षेत्र मे सिर्फ माइन्डसेट केर कमी सँ पाछू छूटल बुझाइत अछि। सिविल सर्विसेस केर परीक्षा हो किंवा तकनीकक क्षेत्र – सब ठाम मैथिल जनसमुदाय आगू अछि। आइ गुजरातक प्रशासकीय व्यवस्था मे ऊपर सँ नीचाँ धरि मैथिल केर अगुवाई एहि बात केँ पुष्टि करैत अछि। मुदा उद्यमशीलता मे मैथिल बहुत पाछू छूटि गेल अछि।
 
अपन ३८ देश केर यात्राक वर्णन एवं ताहि देश मे उद्यमिताक विभिन्न आयाम पर लोकमानस केर स्थितिक जिकिर करैत ओ कहलनि जे यथार्थ यैह अछि जे विश्व भरि मे मैथिल-बिहारी सँ आगू दोसर कियो आन नहि य। लेकिन आइ स्थिति नकारात्मक एहि लेल अछि जे रचनात्मक विचार पर विध्वंसात्मक विचार हावी अछि। उदाहरण दैत ओ बजलाह – “गुजरात मे देखू, अन्य राज्य मे देखू। धीरूभाई अम्बानी, जेआरडी टाटा आदि अनेकों नाम अबैत अछि जे उद्यमक क्षेत्र मे आगू बढिकय अपन नाम अमर बनौलनि। मुदा अपन मिथिलाक लोक सीधे कहत – पुरुखा लोकनि सेहो कहथि – ‘बनियां-बेकालवाली बात नहि करू’। ई माइन्डसेट हमरा सब केँ पाछू कय देलक।
 
श्री झा अपन संबोधन मार्फत आह्वान करैत कहलनि, “यंग जेनरेशन एन्टरप्रेन्योरशीप मे कन्ट्रीब्युशन दियए। ओ सब बेसी सँ बेसी स्टार्ट अप व उत्पादनक क्षेत्र मे बढय। देशक प्रधानमंत्री एहि पर जोर दय रहला अछि। सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यम – एमएसएमई पर देश टिकल अछि। सर्वाधिक सफल क्षेत्र एकरे मानल जा रहल अछि। सब सँ बेसी रोजगार केर सृजन सेहो एहि मे भेल अछि। नया स्टार्ट अप केर संख्या सर्वाधिक अछि।
 
एकटा अत्यन्त प्रेरणादायक उदाहरण दैत ओ कहलनि जे एक बेर विश्वप्रसिद्ध वैज्ञानिक आइन्सटीन जर्मनी सँ सिंगापूर अबैत रहथि। बगलवला सीट पर हुनका संग एकटा मिथिलाक लोक (मैथिल) बैसल रहथि। आइन्सटीन केर देश जर्मनीक लोक बाजी बड लगबैत अछि। आइन्सटीन सेहो अपन यात्राक समय सहज पास करय लेल अपन बगले मे बैसल मैथिल सँ पुछलखिन, ‘अहाँ हमरा चिन्हलहुँ?’ – ओ कहलकनि, ‘नहि सरकार!’ – फेर आइन्सटीन अपन परिचय दैत कहलखिन जे हम फल्लाँ वैज्ञानिक छी, रस्ता काटय लेल अहाँ संग बेट (बाजी) लगबय चाहैत छी। ओ मैथिल जबाब देलखिन जे ओना त बेटिंग हमरा ओतय बड़ नीक बात नहि छैक, तखन अहाँ कहैत छी त चलू… कनीकाल खेला ली। आइन्सटीन कहलखिन जे बेटिंग के शर्त ई रहत जे हम सब एक दोसर सँ एक-एक टा प्रश्न पूछब। यदि हमर प्रश्नक उत्तर नहि दय सकब त अहाँ केँ ५ डलर देबय पड़त। जँ सही जबाब दय देब त हम अहाँ केँ ५००० डलर देब। ओ मैथिल जेबी देखलक त २५-५० डलर संग मे छलैक, पाँचे डलर सँ ५००० डलर बनेबाक मौकाक उपयोग करय लेल तैयार भेल। आइन्सटीन पुछलखिन, पृथ्वी सँ चन्द्रमाक दूरी कतेक? ओ कनेकाल माथ नोचलाह, लेकिन नहि याद पड़लैन। नहि जबाब दय सकला। आइन्स्टीन केँ ५ डलर देबय पड़लैन। पुनः ओ हुनका सँ एकटा प्रश्न केलनि। पुछलनि, कहू त कोन एहेन जानवर छैक जे पहाड़ पर ४ टांग सँ चढैत य आ ३ टांग सँ उतरैत य? आइन्सटीन सेहो खूब सोचलनि। जबाब नहि एलनि। हुनका ५००० डलर देबय पड़लनि। टका देलाक बाद ओ फेर वैह प्रश्न ओहि मैथिल सँ पुछलखिन। ओ कहलकनि जे सरकार हमरो नहि अबैत य। अपने अपन ५ डलर लेल जाउ। एहि तरहें ओ ४,९९५ डलर फायदा मे रहल।
 
आइन्सटीन सेहो खूब हँसलाह। ता धरि मैथिल अपन माथ सँ टका कमा लेलक। यैह थिकैक उद्यमिता। एहि तरहें श्री झा ओहि सभा मे काफी रास प्रेरक उदाहरण सब दैत बड़ा सहज भाव मे मैथिल केँ ‘नौकरी प्रवृत्ति’ सँ ऊबार पेबाक आ ‘उद्यमशीलता दिश उन्मुख’ होयबाक प्रेरणा बँटैत रहलाह। फोरेन्सिक साईंस केर छात्र द्वारा युपीएससी पास कयला उत्तर साक्षात्कार मे कहल एक प्रतियोगी केँ उद्यमी बनबाक सूत्र सँ ओकर एक नामी-गिरामी उद्योगपति बनबाक कथा सँ लैत मिथिला क्षेत्र केर लोकपरम्परा सँ निकलयवला कय गोट उत्पादनक विश्व बाजार मे संभाव्य उच्च मांग धरिक कय गोट गाथा श्री झा सुनौलनि। सिंगापुर मे टैटूज केर ओरिजिन मिथिलाक गोदना परम्परा सँ निकलबाक बात सेहो ओ बतौलनि। गुजरात केर इंडस्ट्रियल ग्रोथ रेट चीन सँ काफी ऊपर अछि, कारण एहि ठाम लोकक माइन्डसेट मे स्वयं द्वारा किछु करबाक प्रतिबद्धताक दर काफी उच्च अछि। मैथिल जनमानस अपन शक्ति केँ कमजोर नहि आँकय, ओ किछु करय। सफलता निश्चित भेटतैक।
 
हरिः हरः!!
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