हरेक राज्य एक देश, हर राज्यक स्थानीय लोक लेल रोजगार आ शिक्षा राज्य सरकारक कर्तव्य: राज ठाकरे

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साभार: पंकज झा, छत्तीसगढ 

(अनुवाद: प्रवीण नारायण चौधरी)

उत्तर भारतीय केर पंचायत मे राज ठाकरेक भाषणक प्रमुख अंश

सम्पूर्ण भाषण एहि लिंक पर सुनल जा सकैत अछि:

– हिन्दी राष्ट्रभाषा नहि थिक.

– संविधान ई कहैत अछि जे देश मे जँ कतहु अहाँ बाहर जाय तऽ थाना मे जानकारी दी. कोन काज करब, कतय रहब तेकर विवरण दी.

– राजेन्द्र प्रसाद और इंदिरा गांधी केर कथन प्रवासक संबंध मे:

“हम जहाँ रहते हैं उसी क्षेत्र में हमें काम मिले यह अच्छा, स्वाभाविक है, उसे हम टाल नहीं सकते। और उसके लिये नियम बनाना, अगर वही नियम सभी राज्यों को हो, काँग्रेस के विचारधारा के अनुसार ही है। यही उचित होगा कि किसी प्रान्त के स्थानीक लोगों को वहीं रोजगार एवं शिक्षाका अवसर उपलब्ध हो, स्थानीक लोगों की ऐसी मांग हो, तो हम टालना नहीं चाहते, और वह हम कर भी नहीं पायेंगे। स्थानीक लोगों की इच्छा को सम्मान देना चाहिये।”

– डा. राजेन्द्र प्रसाद, १९३८ में बिहारक सर्वे केलाक बाद अपन रिपोर्ट जे काँग्रेस कार्यसमिति केँ देलनि, ताहि अनुरूप अछि।

“यह सही है कि भारत का कोई भी नागरिक कहीं भी जा सकता है, काम कर सकता है। फिर भी अगर बहुत भारी संख्या में अगर बाहर के लोग काम करने हेतु आयेंगे तो संघर्ष तो होगा ही, उस राज्य में संघर्ष तो होगा ही। मैं इसपर कुछ नियम बनाने के पक्ष में नहीं हूँ फिर भी इसमें कुछ संतुलन बनाना चाहिये और किसी भी हालत में स्थानीय लोग रोजगार से वंचित न हों ये देखना चाहिये।”

– इन्दिरा गाँधी लोकसभा में  किसी राज्य में भारी संख्या में लोग जायेंगे तो

– हम एहि सँ किछु अलग नहि, बस यैह टा कहि रहल छी. पहिल गलती ई छैक जे अहाँक नेता उद्योग कियैक नहि आनैत अछि? अहाँ सब जे बात हमरा सँ पूछैत छी से अपन नेता सँ कियैक नहि पूछैत छी?

– कोनो सफाई नहि दय रहल छी हम लेकिन पहिल प्राथमिकता स्थानीय केर हो, बचय तखन बाहरी लोक केँ देल जाय.

– हम जेकरा राज्य कहैत छी, वह दरअसल एक-एक देश थिक. यूरोप जेकाँ भारत केर हरेक राज्य एक देश थिक. अहिना हेबाको चाही.

– 80 प्रतिशत प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश सँ, फेर काम करबाक लेल लोक बाहर कियैक जाइत अछि?

– जतय जाय, ओतुका मान राखू, ओतुका भाषा सीखू. शुरुआत ओत्तहि सँ करू.

– गोवा केर एक मंत्री कहने छलाह जे हुनका ट्रेन नहि चाही. जे बाहरक लोक केँ लय कय एतय आबय.

– हमरा ओतय तऽ किछु नहि भेल अछि. असम मे तऽ बिहारी केर गर्दनि तक काटि देल गेल छल.

– एक महीना पहिने गुजरात सँ मारि-पीटिकय निकालल गेल छी. कतहु सँ निकालल जाइत होय तऽ मुंबई चलि आयब. बोझ एतय कि कम अछि पहिने सँ?

– महाराष्ट्र मे रेलवे मे वैकेंसी छैक, ई बात एतुका कोनो भाषा केर कुनू अखबार मे विज्ञापन नहि देल गेल. इश्तहार बिहार-यूपी केर अखबार मे देल गेल.

– ओतय सँ प्रतियोगी छात्र पूरा मुंबई मे आबिकय भरि गेल छल. हम ओकरा कहलियैक जे एतय सँ चलि जो. तखन एहेन भाषाक इस्तेमाल केलक ओ सब, एना मे संघर्ष तऽ हेब्बे करत. हम हाथ पर हाथ धेने बैठल थोड़े रहब?

– ममता बनर्जी जखन रेल मंत्री बनली तऽ बाद मे आदेश निकलल जे स्थानीय केँ नौकरी देल जायत. हुनको हम पत्र लिखने रही. पत्र लिखला सँ बात नहि बनत तऽ संघर्ष तऽ हेब्बे करत.

– अहाँ हर जगह अपमानित होइत छी, अहाँक स्वाभिमान कतय अछि? अहाँ अपन नेता सब सँ कियैक नहि पूछैत छी?

– ई पूरे दुनिया मे भऽ रहल अछि. फ्रांस केर विश्वविद्यालय सँ जखन इंग्लैण्ड केर लोक निकालल गेल तखन ब्रिटेन स्वयं अपन कैम्ब्रिज बना लेलक. अहाँ सब एना कियैक नहि करैत छी?

– मराठी लोक सेहो तरकारी बेचैत अछि. एतय हम बाहरी लोक केँ बुझाबय लेल गेलहुँ तऽ ओ सब एहेन भाषा मे बात केलक, तखन एतुका लोक कि हाथ पर हाथ धय केँ बैसल रहत? संघर्ष त हेब्बे करत.

अहाँ अपना आप केर भीतर कियैक नहि ताकैत छी? एतुका सुसंस्कृत लोक एहेन माहौल बनेलक जाहि सँ एतय उद्योग आयल. अहाँ सब एना यूपी/बिहार मे कियैक नहि करैत छी?

– यूपी/बिहार/झारखंड सँ एतय ४८ ट्रेन रोज़ अबैत अछि भरि-भरिकय आर जाइत अछि खाली. जे पहिने सँ एतय रहि रहल अछि, ओ कतय जायत?

– आब एतय स्कूल-अस्पताल-फूटपाथ तक नहि बचल अछि चलबाक लेल.

– यूपी/बिहार/बांग्लादेश सँ मात्र लोक एतय अपराध करय अबैत अछि. मराठी मुसलमान दंगा नहि करैछ. राजा एकेडमी वाला दंगा मे ९८ प्रतिशत मुस्लिम बाहर सँ छल. ओ सब पुलिस केँ मारलक. पुलिस केर बहिनक इज्ज़त पर हाथ डाललक. कि हम हाथ पर हाथ धेने बैसल रहू?

– युगांडा मे रहि रहल मराठी केँ हम ई सन्देश देने रही जे जतय रहू ओतुका भाषा सीखू, ओहि ठामक सम्मान करब सीखू.

– अहाँ सेहो अपन लोक केँ बताउ जे एतय नहि आबय. पहिने दक्षिण सँ लोक एतय आबैत छल. ओकरा सब केँ भगायल गेल. ओ सब अपनहि ओतय उद्योग आदि लगेलक. आब ओकरा सब केँ एतय आबय केर जरूरत नहि होइत छैक.

– हमर महाराष्ट्र केर लोकक पास सेहो काज नहि छैक. एना मे संघर्ष तऽ हेब्बे करत.

– मीडिया अपन टीआरपीक लेल राज्यक बीच आगि लगबैत अछि.

– हर राज्य केर अपन डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनय. हर राज्य मे एहेन इंतज़ाम होबक चाही.

– जखन मोदी सीएम छलाह तखन ओ कहैथ जे राज्यक पैसा राज्यक पास रहय और केंद्रक केंद्र केर पास. आब कहैत छथि जे केंद्र केर पैसा केंद्र केर पास रहय और राज्य केँ सेहो केंद्र केर पास आबि जाय.

– महाराष्ट्र केंद्र केँ १०० रुपया दैत अछि जेकर बदला ओकरा १३.२० रूपये भेटैत छैक जखन कि बिहार जखन १०० रुपया दैता अछि तऽ ओकरा १३९ रूपया भेटैत छैक विकास केर लेल. यैह तरीका अगर होयत तऽ संघर्ष त हेब्बे करत.

– अहाँ अपना लोक केँ बुझाउ. जँ बुझि जाय तखन त ठीक नहि त हम सब त छीहे.

– राज्यक बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्द्धाक हम पक्षधर छी.

– अगर अमिताभ केँ अपना मातृभूमि सँ प्यार छैक तऽ कि हमरा नहि हेबाक चाही?

– हम नफरत नहि करय चाहैत छी मुदा नफरत करबाक नौबते कियैक आबय?

– महाराष्ट्र केर उत्कर्ष, मराठी लोकक उत्कर्ष, एतय पीढ़ी-दर-पीढी सँ रहि रहल लोकक उत्कर्ष, यैह चाहैत छी हम. अहाँ लोकनि सेहो अपन नेता सब केँ बुझाउ जे ओ अपन उत्कर्ष करय.

जय हिन्द जय महाराष्ट्र.

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