विराटनगर अमैकस समारोह संस्मरण: सियाराम झा सरस

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महायात्राक सालाना समारोह ऐतिहासिक:
विराटनगर, ११ अप्रैल – २०१५, दिन शनिवार। प्रात:काल १० बजे सँ उपस्थित डेढ सय सँ बेसी प्रतिनिधिक संग श्री राम-जानकी मंदिर परिसरक ‘रजत सभागार’ मे मिथिला-मैथिली उत्थान हेतु चलाओल गेल महायात्राक वार्षिक उत्सव उल्लास-हर्षक संग आरंभ भेल। दीप जराय उद्घाटन कएलनि भारत सँ आयल मुख्य अतिथि श्री सियाराम सरसजी एवं काठमाण्डु (नेपाल) सँ आयल मुख्य अतिथि – श्री रमेश रंजन। दीपोत्सव मे संग देलनि विराटनगर मैथिली सेवा समितिक प्रतिष्ठित चिकित्सकद्वय – डा. एस. एन. झा (सभाध्यक्ष) एवं डा. एस. एन. मिश्र आ अन्य विशिष्ट अतिथिगण।

international maithiliकार्यक्रमक प्रथम सत्र आहुत छल – खासकए वैचारिक सत्रक रूपमे, जाहिमे कानपुर, मुम्बई, दिल्ली, कोलकाता, राँची, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, पुर्णियां, कटिहार, फारबिसगंज, अररिया, समेत नेपालक जनकपुर, लहान, राजविराज, सुनसरी, झापा आ मोरंग आयल बेसी प्रतिनिधि लोकनि जे सब मैथिली प्रति राज्य केर योगदान सहित स्वसंरक्षण-स्वयंसेवा सँ मैथिलीक संवर्धन-प्रवर्धन विषय पर केन्द्रित अपन-अपन विचार रखलनि। विचार मंथन सँ निकलल निचोड़ यैह रहल जे “संघर्ष विराम नहि चाही एखन”। लगभग ५ दर्जन सँ ऊपर वक्ता लोकनिक भावना एहि विन्दु पर प्रकाश दैत राज्यक योगदान हेतु आरो सशक्त संघर्ष करैत मैथिलीक वर्चस्व बचेबा पर कार्य करबाक जरुरति रहबाक बात कहलनि।

गणनाक हिसाबे देखल जाय तँ भारत, नेपाल, कतर, अरबिया आदिक बीसोटा संस्थाक सहभागिता तथा कुल ७० गोट वक्ताक विचार प्रस्तुत भे। सभक विचारमे एकरूपता छल एहि विन्दु पर जे आगत वर्ष मे सेहो दुनुकातक मिथिला राज्य तथा मैथिलीभाषा हेतु चिंतन-मंथन ओ आन्दोलन चलैत रहए।

अन्तर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन मे कीर्तिमान

अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली कवि सम्मेलन-२०१५ भव्यतापूर्वक संपन्न

अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली कवि सम्मेलन-२०१५

चारि दर्जन सँ बेसी कविक सहभागिता छल जे भारत-नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात, दुबइ एवं कतार सँ आयल छलाह। ४ बजे सँ ७ बजे धरि चलल एहि काव्य-सभाक प्रमुख अतिथि अध्यक्ष मंडल मे रहथि – श्री सरसजी, नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठानक सदस्य श्री रमेश रंजन एवं नेपाल (विराटनगर)क वयोवृद्ध आशु-कवि श्री दिगम्बर दिग्पालजी। जखन कि काव्य मंचक अध्यक्षता मैथिलीक वरिष्ठ कवि अरविन्द मिश्र निरज तथा समीक्षक चन्द्रेश छलाह। एहि सत्र मे श्रेष्ठ रचना सब पढलथि सुश्री श्वेता शाकंभरी (संस्कृत-यूजीसी फेल्लो, सहरसा), श्री जयप्रकाश चौधरी जनक (हास्य-व्यंग्य, दरभंगा), मणिकांत (आकाशवाणी, दरभंगा), रामचैतन्य धीरज (सहरसा), रश्मि रानी, अरविन्द ठाकुर (सुपौल) हरिश्चन्द्र हरित, चन्द्रेश, पड़वा, डा. कृष्ण मोहन (राँची), विमलजी, करुणा झा, धीरेन्द्र प्रेमर्षि (काठमान्डु), दीपनारायण विद्यार्थी (मधुबनी), अखिलेश मिश्र (दिल्ली), राधा मंडल, दुर्गा देवी प्रभृति, आदि। एकर अतिरिक्त मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा, पटना विश्वविद्यालय पटना आ भागलपुर विश्वविद्यालयक दर्जनों जेआरएफ कवि लोकनिक संग नेपालक लहान, जनकपुर, राजविराज सँ अनेको गणमान्य आ युवा कवि लोकनिक सहभागिता छल।

कार्यशालाक आयोजन चाही:
अध्यक्षीय उद्बोधन मे श्री सरसक कथन छलनि जे सफल कविता सर्जनाक लेल अनुशासित भाषा, अनवरत अध्ययन-मन एवं जोखल-नापल शब्दावलिक चयन आवश्यक होइछ। एहि हेतु कवि लोकनिक तथा आंदोलनी कार्यकर्ता लोकनिक अलग-अलग कार्यशालाक आयोजन होएब जरुरी अछि, ताहिसँ प्रतिभा मे निखार आओत।

विराटनगर माँझ गजलक एक साँझ:
संध्या साढे सात सँ रातुक साढे दस बजे धरि लगातार सभागार चूनल-बीछल गीत आ गजल सँ गुँजैत रहल। एहि सत्र मे जतए धीरेन्द्र प्रेमर्षिक गीत-गजल मे पवन नारायण (दिल्ली)क स्वर-सहयोग यादगार छल, ततहि सरसजीक गीत – “जत जाउ अपन माटिक सुगंध लेने जाउ” तथा “परदेशिया भैया” गीत पर पूरा सभागार नाचि उठल। हिनक कैक गजल पर पप्पूजी (दिल्ली)क आर्गन आ ‘विश्वा’क तबला संगति उल्लेखनीय छल। तहिना दिल्ली सँ आयल फिल्मी संगीतकार सुनील पवनक गजल गायन सेहो लोककेँ झुमबैत रहल।

निष्कर्ष आ निचोड़:
समग्रता मे ई आयोजन सूत्रधार प्रवीण चौधरीक परिकल्पनाकेँ सार्थक बना गेल। संगहि ऐहन-एहेन और कार्यक्रम एहि वर्ष दिल्ली, कानपुर, मुम्बई आ दरभंगा-मधुबनी मे सेहो करबाक नियार कएल गेल अछि। एहि हेतु अमरनाथजी (दिल्ली), रविनाथ बाबु (कानपुर), विमलजी (मुंबई) तथा रमेश रंजनजी (जनकपुर) केर प्रस्ताव सब पर विमर्श जारी रहल।

खासो मे खास:
मुदा सर्वाधिक आकर्षणक केन्द्र मे छल कतर-अरब सँ आनलाइन मैथिली जिन्दाबाद डाट काम पर जुड़ल बिन्देश्वरजी ओ अशरफ राइनक मैथिली कविता-गीत आ हैदराबाद सँ जुड़ल मनोजक काव्य-पाठ जकरा जीवंत प्रसारण तत्काले सभागार मे देखाओल गेल। तहिना बीचे कार्यक्रम मे भारतीय दूतावासक अधिकारी श्री पी के चालिया केर भागीदारी बहुते खास छल।

नव आरम्भ:

openingsbannerमैथिली जिन्दाबाद वेब पोर्टलक संग मैथिली महायात्राक विभिन्न चरण सँ समेटल गेल अनेकों परिचय सहितक मिथिला डायरेक्ट्री २०१५ केर अनावरण सेहो कैल गेल।

अंतमे, सरसजी, प्रवीण चौधरी, धीरेन्द्र प्रेमर्षि, रमेश रंजन, विमलजी तथा सुमन समाजक संयुक्त अपील जारी भेल जे मैथिली जिन्दाबाद केँ लगातार जीवंत बनाकऽ राखल जाय आ सकल विश्व मे मिथिला-मैथिलीक जागरण संदेश प्रचारित-प्रसारित करै जाइ।

किसलय कृष्णक संचालन आ दहेज मुक्त मिथिलाक करुणाजीक स्वागत मन्तव्यक संग विराटनगर आ विभिन्न ठाम सँ आयल दर्जनों गणमान्य अतिथिक संबोधन सँ घंटों चलल उद्घाटन सत्र आ विचार-गोष्ठी सँ एहि आयोजनक गरिमा बढि गेल छल। धन्यवाद ज्ञापनक संग मैथिली सेवा समितिक अध्यक्ष डा. एस. एन. झा द्वारा रातिक ११ बजे करैत कार्यक्रमक समापन भेल।

सरिपहुँ, विराटनगरक ई विराट आयोजन सलाम करबा योग्य छल। सलाम मिथिला, प्रणाम मैथिली, नमन्-भारत-नेपाल मैत्री दल!

– संवादसूत्र – सरसजी, राँची (भारत)

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बादक लेख

One Response to विराटनगर अमैकस समारोह संस्मरण: सियाराम झा सरस

  1. Vimal ji mishra

    विराट नगर में,समग्र मिथिला मैथिल कें लेल एकटा अद्दभुत प्रयाश सफल भेल । प्रविण चौधरी जी कें प्रविणता कें सब मैथिल कायल रहत। कार्यक्रम में, सियाराम जी सरस’ कें विद्वता, प्रखरता आ सरसता, सबहक मन कें छुबि गेल । चाहै मिथिला राज्यक अवधारना हुए, मैथिल साहित्य कें उत्त्थान कें बात हुए आ चाहै गीत गजल कविता कें बात हुए । सब तरहें,अपन उपस्थिति, अभिव्यक्ति आ सतकर्म सँ सदिखन मिथिलाक लेल अग्रसर रहैत छथि । भविष्य में, विराट नगर कें कार्यक्रम,एकटा बिंब’ कें काज करैत रहत । मैथिली जिन्दाबाद ।

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