अपन मिथिलाक सच्चा विभूति ‘गोपाल जी गोपाल’ – विद्याधनं सर्वधनं प्रधानम् केर आदर्श पुरूष

विशिष्ट व्यक्तित्व ‘गोपाल जी गोपाल’ केर जन्मदिन पर प्रवीण शुभकामना
 
एक विशिष्ट आ शिक्षा-संस्कृतिक संग समस्त मानव समुदायक एक-एक व्यक्तिक व्यक्तित्व विकासक विभिन्न आयाम पर चिन्तन कयनिहार आ मैथिली-मिथिलाक संग मातृभूमि व राष्ट्र लेल समर्पित सज्जन श्री गोपाल जी गोपाल केर आइ जन्मदिन छन्हि।
 
बायोटेक्नोलौजी विषय केर प्राध्यापक – युसीए तर्सादिया विश्वविद्यालयक एसिस्टैन्ट प्रोफेसर, आस्क एजुकेशन मे एडवाइजर, फास्ट ट्रैक यंग साइंटिस्ट, दृष्टि क्रिएटिव प्राइवेट लिमिटेड केर एडवाइजर, जेनेक्सप्लोर डायग्नौस्टिक्स & रिसर्च प्रा. लि. केर एडवाइजर, एप्लसप्लस वेन्चर केर एडवाइजर, ग्रीन एग्रीमाइल्स प्रा. लि. केर एडवाइजर, ओन्ट्रोप्रेन्यीशीप कमिटी सी.जी.बी.आइ.बी.टी. केर समन्वयक, नवपल्लव केर सलाहकार, नेशनल एप्लाइड रिसर्च इन्स्टीच्युट पटनाक एडवाइजर, आस्क एजुकेशन केर एडवाइजर, जेएनयू मिथिला मंच केर फाउन्डर प्रेसीडेन्ट – आदि अनेकानेक पद पर सुशोभित छथि अपना लोकनिक मिथिलाक सपुत ‘गोपाल जी गोपाल’।
 
गुजरात स्टेट बायोटेक्नोलौजी मिशन द्वारा हिनका दक्षिण गुजरातक छात्र सब केँ प्रतियोगी परीक्षा फेस करबाक लेल विशेष प्रशिक्षण देबाक महत्वपूर्ण भूमिका सेहो देने छन्हि।
 
गोपाल जी एखन धरि बिबिसी लंदन, ई-टीवी, सहारा आर कतेको रास अन्यान्य चैनल पर आरक्षण तथा पदोन्नति मे आरक्षण विषय पर बहस मे सेहो भाग लैत आबि रहला अछि। एखन धरि ६ गोट राष्ट्रीय स्तरक उच्च ओहदाक लेल आयोजित परीक्षा सेहो पास कय चुकल छथि जाहि मे नेट-जेआरएफ सेहो समावेश अछि।
 
हिनका द्वारा स्वरुचि सँ अपन मिथिलाक्षेत्रक कतेको रास महाविद्यालयक बच्चा (छात्र-छात्रा) वर्ग मे उच्च शिक्षा प्राप्ति करबाक ललक पैदा करबाक काज कयल गेल अछि। खोखला दाबा आ ढकोसलाक कथमपि ‘गोपाल जी गोपाल’ वर्दाश्त नहि कय सकैत छथि आर शिक्षाक संग संस्कार केर संवर्धन-प्रवर्धन सँ मात्र कोनो व्यक्ति, समुदाय, राज्य आ राष्ट्र केर विकास संभव अछि ताहि विन्दु पर निरन्तर काज करैत आबि रहला अछि।
 
हमरा मोन पड़ैत अछि हिनका द्वारा ‘दहेज मुक्त मिथिला’ अभियान जे फेसबुक पर बिर्रो हवा-बिहाड़ि जेकाँ २०११ ई. मे उठल छल ताहि मे स्वयं संज्ञान सँ ताहि समय जेएनयू मे शोधवृत्तिक स्टीपेन्ड आयक बचत सँ ५०० टका सहयोग पठौने छलाह – सौराठ सभा मे खुजल ओहि ऐतिहासिक एकाउन्ट मे। आइ ओ ५०० टका आ कुल २५-३० हजार केर खर्चा सँ आरम्भ कयल सौराठ सभा पुनर्स्थापनाक कार्य केँ सामाजिक-सांस्कृतिक आ मैथिली-मिथिलाक अनेकों आन्दोलन जे आभासी पटल सँ यथार्थ धरातल धरि चलि रहल अछि तेकर ‘मूल मेरूदण्ड’ मानैत छी। आर, गोपाल जी गोपाल जे हमर कइएक सिद्धान्तक खुल्ला आलोचना करैत रहला अछि, तिनका प्रति आभार प्रकट करैत छी। झूठे खाली खरखाँही लूटय लेल ‘निन्दक नियरे राखिये’ वला बात केर हम पृष्ठपोषण नहि कय सकलहुँ आ नहिये कहियो भविष्य मे कय सकब…. लेकिन विद्वान् आलोचक गोपाल जी गोपाल सँ भैरी ठेहुन – भैर छाती मित्रता कायम रहल अछि। हिनका संग जेएनयू छात्रावास मे भेंटघांट आ खूब खुलिकय चर्चा ‘मिथिला राज्य’ केर विन्दु आ ‘मैथिल पहिचान केर संवैधानिक सम्मान’ आ ‘बिहारी’ पहिचान एकटा गाइर होयबाक बात पर भेल छल, भास्कर ज्योति सहित कतेको रास नवांकुर युवा नेतृत्व ओतय भेटल छलाह, ई सब सौभाग्यक आर बड पैग अनुभवक संस्मरण सब थिक। भविष्य मे हमरो बात मोन पड़तनि, से आइयो कहब। ओना, गोपाल जी गोपाल केर सादा जीवन उच्च विचार आरो बेसी प्रभावित करैत अछि आर हम तऽ हुनकर बड पैघ प्रशंसक सेहो छी।
 
सपना एक छल देखल हमहुँ
जोड़ि सकी तिल-तिल
मिथिला व्यक्तित्वक बिखड़ल मोती
समेटि सकी सब मिलि!
शुरू कयल ‘मैथिली महायात्रा’
घूमल शहर-नगर ओ गाम
भेटला एक पर एक महानुभाव
लिखि पेलहुँ किछु नाम!
एखनहुँ आवश्यकता अछि एकरे जे
ताकू सब विभूति,
जेहने ‘गोपाल जी गोपाल’ अपन छथि
सभ मे वैह अनुभूति!
 
एक बेर फेर सँ आजुक विशिष्ट दिन ‘गोपाल जी गोपाल’ केर जन्मदिन केँ हम सब हुनका खूब रास स्नेह, आशीष आ शुभकामना दय केँ मनाबी, यैह प्रार्थना आ भाइ-मित्र गोपाल केँ हृदय सँ शुभकामना ओ आशीष! मूल ग्राम सहोड़ा जिला दरभंगाक निवासी अपन प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा गामहि सँ तथा स्नातक सी एम साइंस कालेज सँ कएने छथि। 
 
हरिः हरः!!
 
पुनश्चः आइ जखन जन्मदिनक विशेष अवसर पर चारूकात सँ हुनका पास शुभकामनाक अम्बार लागल अछि, ओ एखनहुँ अपन योगदान एकटा विद्यालयक छात्र सभ केँ दय रहला अछि। किछु फोटो मे गौर करब, एहि महान् शिक्षक केर प्रति बच्चा मे कतेक आत्मसंतोष स्वतः जगैत अछि से दृश्य देखब। अहाँ सेहो गद्गद् भऽ जायब, प्रवीणहि जेकाँ। 🙂
 
And a call in general – please look for more Gopal Jee around you and send me their profile/introduction/contribution details. We must look for them, they are spread throughout the world today and without Mithila Rajya – it is not possible to make their records. So, kindly find them by our own efforts. 🙂
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One Response to अपन मिथिलाक सच्चा विभूति ‘गोपाल जी गोपाल’ – विद्याधनं सर्वधनं प्रधानम् केर आदर्श पुरूष

  1. Srivathsa Nallanchakravarthula

    Agreed with what ever written over here. As his co-worker and friend I say that he is an erudite of many things with an enthusiastic personality with being first in the line to help the students and the needy.

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