पहिल भारतीय प्रधानमंत्री प्राचीन मिथिलाक राजधानी मे आगमन, १०० करोड़ केर चढावा अर्पण

विराटनगर, मई ११, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!!

Photo Credit: NDTV

भारतक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपन कार्यकालक तेसर बेरुक दुइ-दिवसीय नेपाल भ्रमण आइ प्राचीन मिथिलाक राजधानी जनकपुर सँ आरम्भ कयलनि। सबसँ पहिने जानकीजी मन्दिर पहुँचि पूजा-अर्चना करैत मन्दिरक विभिन्न भाग मे घुमि-फिरि दर्शन करैत ५६ वर्ष सँ चलि रहल अखण्ड ‘सीताराम सीताराम सीताराम जय सीताराम’ महामंत्र केर कीर्तन मे करताल बजाकय नाम-कीर्तन पर्यन्त करैत मन्दिरक बाहर नेपालक प्रधानमंत्री के. पी. ओली संग संयुक्त वक्तव्य देलनि। जगज्जननी जानकीक भूमि पर आबि हुनक पूजा कयला सँ बहुत दिनक कबुला पूरा होयबाक बात कहैत अपन नेपाल भ्रमणक उद्देश्य दुइ राष्ट्रक बीच मैत्री आ आर्थिक सहयोग केँ आरो आगू बढेबाक प्रतिबद्धता व्यक्त कयलन्हि।

मैथिली भाषा केर विकास पर जोर देबाक संग-संग मोदीजी मैथिली फिल्म केर बाजार दुनू राष्ट्र मे रहबाक महत्वपूर्ण बात कहलनि। दुनू राष्ट्रक जनमानस केर समृद्धि पर जोर दैत ओ कृषि, व्यापार, उद्योग तथा दुनू देशक बीच कनेक्टिविटी केँ आरो बढेबाक वास्ते काज करबाक आवश्यकताक बात केलनि।

जनकपुर तथा आसपासक क्षेत्र केर विकास लेल १०० करोड़ केर चढावा जानकीक चरण मे अर्पित कयलन्हि

जानकी मन्दिर मे पूजा-अर्चना उपरान्त जनकपुरक बारहबिघा स्थित रंगभूमि मैदान मे स्थानीय निकाय अर्थात् जनकपुर महानगरपालिकाक तरफ सँ मेयर लाल किशोर साह द्वारा भारतीय प्रधानमंत्रीक नागरिक अभिनन्दन लेल राखल गेल एक भव्य समारोह मे पहुँचलाह। एकर अध्यक्षता प्रदेश २ केर मुख्यमंत्री मो. लालबाबू राउत द्वारा कयल गेल, जखन कि मंच संचालन प्रदेशक मंत्री जितेन्द्र सोनाल कयलन्हि। जतय उद्घोषण तथा संबोधन हिन्दी भाषाक संग नेपाली मे कयल गेल ताहि ठाम मेयर लाल किशोर साह द्वारा मोदीजी लेल तैयार कयल गेल अभिनन्दन पत्र केँ मैथिली मे पढिकय सुनेलाक बाद हुनका हस्तान्तरण कयलन्हि। एहि सँ पूर्व समारोह मे मोदीक आगमन उपरान्त १२१ किलोक मेलाक संग स्नेहक प्रतीक चिह्न सेहो हुनका हस्तान्तरित कयल गेल छलन्हि।
 
संघीय नेपालक रक्षा मंत्री ईश्वर पोखरेल द्वारा स्वागत अभिभाषण करबाक उपरान्त मेयर साह अभिनन्दन पत्र हस्तान्तरण कएने छलाह। तहिना प्रदेशक मुख्यमंत्री लालबाबू राउत द्वारा अध्यक्षीय संबोधन मे क्षेत्रक उपेक्षित रहबाक आ संघीय नेपाल केर संविधान एखनहुँ विभेदपूर्ण रहबाक कारणे एहि क्षेत्रक जनता आन्दोलन मे रहबाक बात खुलासा करैत आगामी समय मे क्षेत्रक विकास लेल भारत सरकार तथा नेपालक संघीय सरकार सँ भरपूर सहयोगक अपेक्षा राखल गेल छल।
 
मिथिला नाट्यकला परिषद् केर कलाकार लोकनि द्वारा ‘मंगलमय दिन आजु हे पाहुन छथि आयल’ स्वागत गान सँ विभोर प्रधानमंत्री मोदी अपन संबोधन शुरू करिते सब सँ पहिने जानकीजीक दर्शन लाभक जिकिर कयलन्हि। पिछला नेपाल भ्रमण मे संविधान सभा सँ प्रकट मनसाय जे जनकपुर तथा लुम्बिनी भ्रमण करब, लेकिन जानकीक इच्छा आजुक दिन एकादशी केँ खास मौका पर दर्शन देबाक छलन्हि ताहि सँ ओ मनसा आइ पूरा होयबाक बात ओ कहलनि। तदोपरान्त सुमधुर मैथिली मे क्षेत्रक जनता केँ प्रणाम करैत मिथिलाक महिमागान ‘पग-पग पोखरि माछ मखान, मधुर बोल मुस्की मुख पान, विद्या वैभव शान्तिक प्रतीक, ललित गाम मिथिलांचल थिक’ – एहि प्रसिद्ध कहिनी केर पाठ करैत भूमि केँ सेहो प्रणाम कयलन्हि। राजा जनक काल सँ लोकहित मे कयल जा रहल राजधर्मक व्याख्या सँ लैत विद्वत् परम्परा – शास्त्रार्थ आदिक बखूबी चर्चा करैत नरेन्द्र मोदी मिथिलाक महिमा मंडन करैत नेपाल आ भारत बीच त्रेता युग सँ मैत्री रहबाक बात कहलनि।
 
राजा दशरथ त्रेता युग मे नहि सिर्फ राम केर विवाह मिथिला राजकुमारी सीता संग कयलन्हि, बल्कि अयोध्या आ मिथिलाक बीच एहि सम्बन्ध सँ भारत आ नेपालक बीच सेहो अखन्ड अकाट्य अति प्राचीन मैत्रीपूर्ण सम्बन्ध स्थापित कयलनि। नेपाल आ भारत बीच कुटनैतिक या राजनैतिक सम्बन्ध सँ ऊपर पिपल टु पिपल रिलेसंश रहल अछि आर यैह नीति पर ‘सर्वप्रथम पड़ोसी’ केर सिद्धान्त पर चलि रहल भारत लेल नेपाल सबसँ ऊपर रहबाक बात सेहो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अपन गरिमामय संबोधन मे उजागर कयल गेल।
 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीक संबोधन सँ राखल गेल महत्वपूर्ण बात विन्दुवार रूप मेः
 
*भारत नेपाल संबंध कोनो परिभाषा सँ नहि बल्कि भाषा सँ बान्हल अछि, ई भाषा आस्था केर थिक, ई भाषा अपनापन केर थिक, ई भाषा रोटी केर थिक आर ई भाषा बेटी केर थिक। ई बंधन थिक राम-सीता केर, बुद्ध केर, महावीर केर। यैह बंधन रामेश्वरम् मे रहयवला केँ खींचिकय पशुपतिनाथ लय अबैत अछि। यैह बंधन लुम्बिनी मे रहनिहार केँ बोधगया लय जाइत अछि। आर यैह बंधन, यैह आस्था, यैह स्नेह, आइ हमरा जनकपुर लऽ आयल अछि।
 
*भारत और नेपाल दुइ देश थिक, लेकिन हमरा सभक मित्रता आइ केर नहि, त्रेता युग केर थिक। राजा जनक और राजा दशरथ नहि सिर्फ़ जनकपुर और अयोध्या टा केँ बल्कि भारत और नेपाल केँ सेहो मित्रता और साझेदारी केर बंधन मे बान्हि देने छलाह।
 
*जनकपुर और आसपास केर क्षेत्रक विकास लेल नेपाल केँ १०० करोड़ रुपया देत भारत।
 
*भारत केर पड़ोसी प्रथम नीति मे नेपाल सबसँ पहिने अबैत अछि।
 
*हम एक नया भारत केर निर्माण कय रहल छी, जाहि मे गरीब-सँ-गरीब व्यक्ति केँ सेहो प्रगति केर समान अवसर भेटय. जतय भेदभाव-ऊंच-नीच नहि हो, सभक सम्मान हो। जतय बच्चाक पढ़ाइ, युवा केँ कमाइ और बुजुर्ग केँ दवाइ भेटय।
 
*विकास केर पहिली शर्त होएत छैक लोकतंत्र। हमरा खुशी अछि जे लोकतांत्रिक प्रणाली केँ नेपालक लोक मजबूती दय रहल अछि। हालहि मे अहाँ ओतय जे चुनाव भेल, अहाँ एक नव सरकार चुनलहुँ, अपन आशा तथा आकांक्षा केँ पूरा करबाक लेल अहाँ ओहि सरकार केँ जनादेश देलहुँ अछि।
 
*जनक केर नगरी, सीता माता केर कारण स्त्री-चेतनाक गंगोत्री बनल अछि। सीता माता यानि त्याग, तपस्या, समर्पण और संघर्ष केर मूर्ति।
 
*नेपालक बिना हमर धाम अधूरा अछि, नेपाल केर बिना हमर राम अधूरा छथि।
 
प्रधानमंत्री मोदी तथा ओली द्वारा जनकपुर सँ अयोध्या केर बस केँ संयुक्त रूप सँ हरी झंडी देखाकय रवाना कयल गेल। पीएम बजलाह जे रामायण सर्किट भारत और नेपाल दुनू लेल महत्वपूर्ण अछि। एहि सँ पर्यटन केँ बढ़ावा भेटत।
 
आइये प्रधानमंत्री मोदी जनकपुर सँ नेपालक राजधानी काठमांडू प्रस्थान कयलनि अछि, जतय जलमार्ग सम्पर्क, रेल सम्पर्क, कृषि क्षेत्र आदि मे महत्वपूर्ण समझौता होयबाक आशा कयल जा रहल अछि।
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