मिथिलाराज्य सँ पहिने आर्थिक उपेक्षा तुरन्त प्रभाव सँ दूर हो, डिवलपमेन्ट काउन्सिलक मांग तेज

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दरभंगा, जनवरी १०, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!!

मिथिला राज्य निर्माण सेनाक जमीनी नेतृत्व मे सुसुप्तता केँ तोड़ैत महासचिव राजेश झा मिथिलाक ऐगला ललित बाबू उपनाम सँ प्रसिद्ध नेता संजय झा संग भेंटघाँट करैत राज्य निर्माण जा धरि अपन प्रक्रिया मे अछि ताहिमे सहयोगक अपेक्षा रखलनि, जखन कि विकासक कार्य लेल निरन्तर राजनीति मे अपन जीवन लगेनिहार संजय झा मिथिलाक समग्र विकास मे अपन योगदान दैत मिथिलाक नाम विश्वपटल पर चमकेबाक अपन पुरान प्रतिबद्धताकेँ दोहरबैत एहि दिशामे युवा अभियानी लोकनिक ध्यानाकर्षण कएलनि। आपसी भेंटघाँट आ वार्तासँ मिथिलाक सुन्दर भविष्य दिस कार्य करबाक प्रेरणा भेटबाक बात राजेश झा स्वीकार कयलनि।

काफी समय सँ मिथिलाक्षेत्र मे उच्चकोटिक शिक्षण संस्थानक स्थापना आ विकास मे समानान्तर रूप  सँ लागल मिरानिसे महासचिव आइ उपरोक्त भेंटघांट सँ प्रेरित आ आगामी १६ जनवरी ब्रह्मपुरा (मनीगाछी) मे आयोजित मकर संक्रान्तिक अवसरपर जदयूक वरिष्ठ नेता संजय झाक नेतृत्वमे राखल गेल कार्यक्रमक तैयारी मे लागल अपन फेसबुक स्टेटस मे एहि चर्चाक शुरुआत देलनि अछि। हिनकर स्टेटस मे लिखल गेल अछिः

“एयरपोर्ट, एम्स, मिथिला डेवलपमेंट कौंसिल……मिथिला राज्य। अहि सीक्वेंस के देखियौ। यैह सब आधार तैयार करत आगू आबै बला राजनीतिक एक्टिविटी के। हर एक राजनैतिक वर्ग के अहि रोडमैप पर चलबाक छन्हि। अहि स इतर चलनिहार लेल कोनो सम्मान नै। जे कियो भी अहि पटकथा के सत्य बनाओत वैह हमर नेतृत्व। नोट:- अनर्गल प्रलाप के कोनो मतलब नै।”

सब दिन बिहारक पटना सँ मिथिलापर हुकूमतक शैलीक विरोध कयनिहार अचानक ई बात केलनि सेहो नहि छैक – मिथिला राज्य निर्माण सेनाक आरम्भहि सँ एहि रणनीतिपर कार्य करबाक एकटा संकल्प रहल अछि। अपन स्वराज्य यानि भारतीय गणतंत्र मे मिथिला राज्यक स्थापना लेल जन-गण-मनकेँ जगेबाक सब कार्य कयल जायत, संगहि बिहार राज्यक संचालक आ नेतृत्वकर्ता सँ तुरन्त राहत लेल ‘मिथिला डिवलपमेन्ट काउन्सिल’ केर तर्ज पर आर्थिक उपेक्षा केँ क्रमशः समाप्त करैत नव-नव पूर्वाधारक विकास लेल कार्य कयल जायत – यैह मुख्य उद्देश्य मिरानिसे केर रहल अछि। परञ्च विगत किछु समय सँ जमीनपर नगण्य गतिविधिक कारण स्वयं मिरानिसे सेहो प्रश्न मे अछि जेकर जिम्मेवार जमीनी नेतृत्वकर्मी लोकनिक चुप्पी केँ मानल जा रहल छल। ताहि चुप्पी केँ तोड़ैत पुनः विषयक दिशामे वापसीक संकेत करैत महासचिव झा प्रदेश आ देशक राजनीति मे नीक दखल रखनिहार एक वरिष्ठ-वरेण्य नेतृत्वकर्मीक संग लेबाक प्रयास मे लागल देखा रहला अछि।

एहि कार्यमे दरभंगा भाजपाक पूर्व पदाधिकारी अनिल झाक संग श्याम आनन्द झा सहित दरभंगा-मधुबनीक अनेकौं कार्यकर्ता केँ गोलबन्द करैत आगामी समयक रणनीति बनायल जेबाक जनतब भेटल।

मैथिली जिन्दाबादक संपादक एवं मिथिला राज्य निर्माण सेनाक सल्लाहकार प्रवीण नारायण चौधरी द्वारा मिरानिसे महासचिव राजेश झाक आह्वान केँ समर्थन करैत किछु रास महत्वपूर्ण विन्दुपर सेहो संजय झा समान प्रभावकारी नेतृत्व द्वारा वर्तमान राज्य द्वारा शीघ्रातिशीघ्र पूरा करबाक दिशा मे ध्यानाकर्षण कयल गेल अछि। ताहि अनुसार काउन्सिल केँ नीक डेग मानितो विगतकेर इतिहास आ उपेक्षा अनुरूप ‘पृथक् राज्य’ मात्र अन्तिम समाधान थिक कहल गेल अछि।

अन्य महत्वपूर्ण विन्दु जाहि दिशामे ध्यानाकर्षण करायल गेल से निम्नरूपेण अछिः

*मैथिली दोसर राजभाषा एखन धरि नहि बनल अछि, कतहु चर्चो नहि सुनैत छी ।

*मैथिली मे प्राथमिक शिक्षाक संवैधानिक मौलिक अधिकार पटना उच्च न्यायालय, दिल्लीक सर्वोच्च न्यायालय मे रीट केर अनुरूप सरकार केँ निर्देश आ स्पष्टीकरण आदि लेलाक बादो पूरा नहि कयल गेल ।

*मिथिलाक्षेत्र मे औद्योगिक अवस्थामे पूर्वमे रहल मिल-कारखानाक अवस्था लेल कोनो विशेष पैकेज या पुनरुद्धारक योजनासँ लोक एखन धरि लाभान्वित नहि भेल अछि ।

*मैथिली भाषामे संचारकेँ बढावा देबाक, मैथिलीमे सरकारी विज्ञापन आ शोधवृत्ति आदि केँ बढावा देबाक लेल कतहु कोनो इन्तजाम राज्य द्वारा नहि अछि ।

*मैथिली सिनेमाकेँ प्रोत्साहित करबाक लेल टैक्स फ्री निर्माण आ प्रदर्शन आदि महात्वाकांक्षी योजनापर सरकार मौन अछि । प्रवर्धन आ पूँजी निवेश लेल सरकारक तरफ सँ कोनो नीतिगत अध्यादेश-विधेयक आदि नहि आनल जा सकल अछि ।

*मिथिलाक्षेत्रक सिनेमाघर केँ मासिक एकटा मैथिली भाषाक सिनेमाकेँ लगेबाक लेल सरकारी नियम-कानून बनाकय मैथिली सिनेमा निर्माणक्षेत्र केँ पोषण प्रदान कयल जायब जरुरी अछि ।

*सरकारी विद्यालयक अवस्था बहुत नाजुक बनि गेला सँ गरीबी रेखासँ नीचाँ रहि रहल जनताक धियापुताक जीवन अन्हार मे जा रहल अछि, एहि लेल विशेष अनुसंधान आ भ्रष्टाचार मेटेबाक संयंत्र बनायब आवश्यक अछि ।

*शिक्षा व्यवस्था केँ सुचारू करबाक लेल माफियाकरणक अन्त करय लेल स्पेशल टास्क फोर्स सेहो बनय ।
संगहि १६ जनवरीक ब्रह्मपुरा कार्यक्रमक सफलताक शुभकामना सेहो देल गेल अछि।

अखिल भारतीय मिथिला पार्टीक पूर्व महासचिव रत्नेश्वर झा डिवलपमेन्ट काउन्सिलक बदला डिवलपमेन्ट कारपोरेशन अथवा एस्टेट केर तर्ज पर विकासक काज आगाँ बढेबाक सुझाव दैत अन्तिम विकल्प पृथक् मिथिला राज्य मात्र बतौलनि। बकौल झा मिथिला डिवलपमेन्ट काउन्सिल अनर्थ होयत, मिथिला डिवलपमेन्ट एस्टेट या मिथिला डिवलपमेन्ट कोरपोरेशन चाही। ई सत्य छै राज्य बनय स पूर्व विकास केर बहुतो डेग उठाबय पड़त, धरि राज्यक माँग सतत बनल रहत। जे किछ भेटत से दवाब स भेटत। सत्ताक नजदीक रही किछ गोटे काज करताह आ सत्ता सुख भोगताह, संगहि सत्ता आ व्यवस्थाक धुर विरोधी सतत चाही जे मगहिया सत्ता सँ त्राण दियेता आ अपने ओकर सामना पुरजोर विरोध स करताह।” – ई भाव रत्नेश्वर झा उपरोक्त चर्चा मादे रखलनि अछि।

अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समितिक राष्ट्रीय प्रवक्ता ई. शिशिर कुमार झा एहि पर प्रतिक्रिया दैत कहलनि अछि जे ई केवल मैथिल जनसमुदाय केँ ठकयवला झुनझुन्ना थिक। कुमारक वक्तव्य अछि जे जाबत नीतिश कुमार संगें रहताह संजय झा ताबत विकास परिषद के गप्प करबे करताह कियैक त लालू-नीतिश राज मे मिथिला राज्य के गप्प बेमानी हैत। विकास परिषद के ढिढोरा पीटला सँ विकास नहिं होयवाला छैक । ई त मैथिल के ठकयवाला झुनझुना मात्र थिक ।

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